Latest news

छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक सर्जरी शुरू: धान खरीदी ऑपरेशन में बड़े स्तर पर ‘क्लीन-अप’, तहसीलदारों से लेकर समिति प्रबंधकों तक पर कड़ी कार्रवाई — कई जिलों में राजस्व विभाग पर शिकंजा कसना शुरू

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
5 Min Read

रायपुर/महासमुंद/बिलासपुर, 17 नवंबर 2025
छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की शुरुआत के साथ ही सरकार और जिला प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी प्रशासनिक सख्ती का ऑपरेशन शुरू कर दिया है। राज्य के कई जिलों—महासमुंद, रायपुर, बिलासपुर, सिमगा, कसडोल, पलारी—में राजस्व विभाग के कर्मचारियों, समिति प्रबंधकों और तहसीलदारों पर कार्रवाई की बौछार हो गई है। यह कार्रवाई सिर्फ नियमित अनुशासनात्मक प्रक्रिया नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम में फैल चुके अस्त-व्यस्त कार्यसंस्कृति पर सीधा प्रहार मानी जा रही है।
महासमुंद: कलेक्टर विनय लंगेह का हाई-वोल्टेज एक्शन — एक साथ छह तहसीलदारों को एस्मा नोटिस
महासमुंद कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी विनय लंगेह ने जिले के सभी 06 तहसीलदारों को छत्तीसगढ़ अत्यावश्यक सेवा संधारण एवं विच्छिन्नता निवारण अधिनियम (ESMA) 1979 के तहत कारण बताओ नोटिस जारी कर प्रशासनिक जगत में भूचाल ला दिया है।
आरोप—
राजस्व निरीक्षक और पटवारियों को धान खरीदी ड्यूटी पर लगाने के बाद भी उनकी अनुपस्थिति पर कार्रवाई नहीं की गई।
15 नवंबर को उपार्जन केंद्रों में अनुपस्थित RI और पटवारियों को चेतावनी के बाद भी नियंत्रण नहीं किया गया।
16 नवंबर को प्रशिक्षण में अनुपस्थिति पर भी रिपोर्ट नहीं भेजी गई।
कलेक्टर ने इसे “घोर लापरवाही और स्वेच्छाचारिता” बताते हुए तहसीलदारों को 24 घंटे में स्पष्टीकरण देने का अंतिम आदेश भेजा है।
तीन कर्मचारियों पर सीधे ESMA के तहत एफआईआर — धान खरीदी प्रभावित होने पर कठोर कदम
महासमुंद जिले में धान खरीदी के पहले दिन 182 में से सिर्फ 48 प्रभारी प्रबंधक और 56 कंप्यूटर ऑपरेटर पहुंचे।
शेष अनुपस्थित कर्मचारियों में से तीन पर सीधे एफआईआर:
भूकेल समिति के घनश्याम चौधरी
तोरेसिंहा के राजेश प्रधान
बिछिया के पंकज साव
यह ESMA के तहत दर्ज दुर्लभ, लेकिन राज्य में तेजी से बढ़ते प्रशासनिक सख्ती के संकेतों को दर्शाता है।
रायपुर: 13 समिति कर्मचारी बर्खास्त, 3 पर एफआईआर प्रस्तावित — बड़े पैमाने पर सफाई अभियान
धान खरीदी में बाधा उत्पन्न करने पर राजधानी रायपुर में प्रशासन ने एक झटके में 13 समिति कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया।
सूची में शामिल नाम—
सिमगा की मंजुला शर्मा
खोखली के राकेश टंडन
धुर्राबांधा के मूलचंद वर्मा
रोहांसी के धर्मेंद्र साहू
तिल्दा के रामकुमार साहू
और कसडोल व पलारी क्षेत्र के कई विक्रेता
इसके साथ ही 3 कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर का प्रस्ताव, जिसमें कंप्यूटर ऑपरेटर और प्रभारी प्रबंधक शामिल हैं।
SIR (Special Intensive Revision) में भी लापरवाही उजागर — 9 पटवारियों को नोटिस
मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम में गड़बड़ी पर महासमुंद के 9 पटवारियों को सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के तहत कारण बताओ नोटिस दिया गया है।
चेतावनी स्पष्ट—
“SIR राष्ट्रीय महत्व का कार्य है, किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।”
राजस्व विभाग पर बढ़ते दबाव का असली संकेत: कई जिलों में एक साथ कार्रवाई
सूत्रों के अनुसार, सिर्फ महासमुंद या रायपुर ही नहीं, बल्कि बिलासपुर, कोरबा, जांजगीर, दुर्ग, राजनांदगांव सहित कई जिलों में राजस्व विभाग के कर्मचारियों पर कार्रवाई की सूची प्रशासन के पास तैयार है। आने वाले दिनों में:
अनुपस्थित पटवारी
धान खरीदी में लापरवाही करने वाले RI
प्रशिक्षण में गैरहाजिर कर्मचारी
समिति प्रबंधक और ऑपरेटर
इन सभी पर विभागीय जांच और ESMA के तहत कड़ी कार्यवाही की संभावनाएं बढ़ गई हैं।
धान खरीदी में पहली बार इतना बड़ा ‘क्लीन-अप ड्राइव’ — प्रशासनिक व्यवस्था का रियल-टाइम टेस्ट
राज्य में 15 नवंबर से 31 जनवरी तक पूरे सीजन धान खरीदी चलनी है। लेकिन शुरुआती दो दिनों की गड़बड़ी ने साफ कर दिया है कि:
राजस्व विभाग में गहरी अव्यवस्था है
कई जिलों में फील्ड स्टाफ का सिस्टम पर नियंत्रण कम हो गया है
वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना आम हो चुकी है
इसलिए प्रशासन अब किसी भी स्तर की ढिलाई को ‘सिस्टम क्राइसिस’ मानकर उस पर हथौड़ा चला रहा है। छत्तीसगढ़ बना पहला राज्य जहां धान खरीदी में ESMA के तहत एफआईआर और बड़े पैमाने पर बर्खास्तगी एक साथ
देशभर के कृषि राज्यों में छत्तीसगढ़ की यह कार्रवाई चर्चा में है, क्योंकि—
ESMA आमतौर पर स्वास्थ्य, बिजली, परिवहन जैसे क्षेत्रों में लागू होता है
धान खरीदी जैसे कृषि उपार्जन कार्य में ESMA के तहत एफआईआर देश में दुर्लभ
एक ही दिन में तहसीलदारों से लेकर पटवारियों और समिति प्रबंधकों पर इतनी बड़ी कार्रवाई पहली बार देखी गई

खबर को शेयर करने के लिए क्लिक करे।।