बिलासपुर में शनिवार का वीआईपी मूवमेंट शहर के लिए घंटों की यातना बन गया। दोपहर से देर शाम तक सड़कें जाम में जकड़ी रहीं, ट्रैफिक सिस्टम पूरी तरह ध्वस्त दिखा और एंबुलेंस तक काफिले की भीड़ में फंस गई। पुलिस की तैयारियों और प्लानिंग पर उठते सवाल पूरे शहर में साफ सुने गए।
बिलासपुर।
शनिवार को हुए वीआईपी मूवमेंट ने बिलासपुर की सड़कों को मानो थाम दिया। दोपहर 2.30 बजे से रात तक शहर जाम से जूझता रहा। हर मुख्य मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें थीं और ट्रैफिक कंट्रोल की व्यवस्था हालात के सामने बेअसर दिखी। प्रेस क्लब के सामने एक एंबुलेंस तक भीड़ में फंस गई, जबकि उसके साथ पुलिस का काफिला भी चल रहा था।
शाम 6 बजे ट्रैफिक पुलिस ने काफिला निकलने से 20 मिनट पहले ही पूरे मार्ग पर वाहनों को रोक दिया। एकसाथ छोड़ने पर पूरा इलाका अव्यवस्थित हो गया। कई किलोमीटर तक वाहनों की लाइनें खड़ी रहीं और चालक बेबस फंसे रहे।
इंदिरा सेतु पर तो हालात तीन बार बिगड़े। सीएम का काफिला दोपहर करीब 3 बजे, फिर रात 8.30 बजे और तीसरी बार 9.30 बजे पुल से गुजरा। हर बार दोनों सिरों पर बैरिकेडिंग कर ट्रैफिक रोका गया और हर बार पुल पर जाम की भीषण स्थिति बन गई।
तेलीपारा रोड, हाई कोर्ट रोड और शिव टॉकीज से तारेबहार चौक तक 6 से 7.30 बजे तक वाहनों की रफ्तार थम गई। बस स्टैंड की ओर जाने वाली सभी सड़कों पर भारी दबाव बना रहा। सैकड़ों बाइक, कार और ऑटो किलोमीटरों तक सरकते रहे।
सत्यम चौक और अग्रसेन चौक पर राजा रघुराज सिंह की प्रतिमा अनावरण कार्यक्रम के चलते ट्रैफिक डायवर्ट किया गया। मगरपारा, इमलीपारा और मध्य नगरी रोड पर वाहनों की संख्या चार गुना तक बढ़ गई। स्थानीय लोग कई इलाकों में कदम-कदम पर जाम में अटक गए।
रात 9.30 बजे सीएम जब साइंस कॉलेज से लाल बहादुर शास्त्री स्कूल की ओर बढ़े, तब गोलबाजार, रिवर व्यू, सिम्स चौक, राघवेंद्र राव सभा भवन और रपटा के इलाके भी दबाव में आ गए। हर तरफ हॉर्न, भीड़ और ठहरा हुआ ट्रैफिक नजर आया।
बिलासपुर की सड़कें शनिवार को वीआईपी मूवमेंट के नाम पर घंटों तक थमी रहीं और शहर में ट्रैफिक व्यवस्था पर एक बड़ा सवाल हवा में तैरता रहा।



