बिलासपुर, रायपुर, तखतपुर।छत्तीसगढ़ के तखतपुर में भागवत कथा मंच से सतनामी समाज पर की गई कथावाचक आशुतोष चैतन्य की विवादित टिप्पणी ने भारी बवाल खड़ा कर दिया। विरोध, प्रदर्शन और घेराव के बीच पुलिस ने आखिरकार कथावाचक को कथा स्थल से गिरफ्तार कर लिया, जबकि उनका माफी वीडियो भी माहौल शांत करने में नाकाम रहा।
तखतपुर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दौरान सतनामी समाज पर कथावाचक आशुतोष चैतन्य द्वारा की गई आपत्तिजनक टिप्पणी ने शुक्रवार से सियासी और सामाजिक हलचल तेज कर दी। लगातार विरोध और थाने के घेराव के बीच पुलिस ने शनिवार को कथावाचक को कथा स्थल से हिरासत में लिया और बिलासपुर ले जाकर औपचारिक गिरफ्तारी की प्रक्रिया पूरी की।
मामला 10 अक्टूबर की उस टिप्पणी से जुड़ा है, जिसमें आशुतोष चैतन्य ने सतनामी समाज को लेकर विवादित वाक्य कहे थे। यह बयान मंच से देते हुए उनका वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ, जिसके बाद सतनामी समाज में तीखा आक्रोश फैल गया। समाज के सदस्यों ने तखतपुर थाने का घेराव कर तत्काल FIR और गिरफ्तारी की मांग उठाई।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर तखतपुर थाना में अपराध क्रमांक 645/25 दर्ज किया, जिसमें पहले 353(2) BNS की धारा जोड़ी गई। इसके बाद लोक अभियोजक की राय के आधार पर प्रकरण में अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम की धाराएं भी शामिल की गईं।
प्राथमिक जांच आगे बढ़ते ही कथावाचक आशुतोष चैतन्य ने एक वीडियो जारी कर अपनी टिप्पणी पर खेद जताया और इसे “अधूरी जानकारी” के आधार पर कही गई बात बताया। उन्होंने सार्वजनिक रूप से सतनामी समाज से माफी भी मांगी। इसके बावजूद समाज के प्रदर्शन और गिरफ्तारी की मांग में गिरावट नहीं आई।
शनिवार को कथावाचक अपनी कथा और हवन की औपचारिकता निभा ही रहे थे कि पुलिस ने कथा स्थल पर पहुंचकर उन्हें हिरासत में लिया। बाद में उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
कथा स्थल पर हुई गिरफ्तारी की तस्वीरें और वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेज़ी से फैलते रहे, जबकि मामले को लेकर स्थानीय से लेकर प्रदेश स्तर तक चर्चाएं जारी हैं।



