बिलासपुर का अरपा रिवर बेली इंटरनेशनल स्कूल इस बार राष्ट्रीय स्तर पर शिक्षण और रचनात्मकता के नए मानक तय करता दिखा। स्कूल में मनाया गया साहित्य उत्सव बच्चों की कल्पनाशक्ति, विचारों की स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति की परंपरा को शानदार मंच देने वाला साबित हुआ, जिसमें छात्रों ने साहित्य के हर रूप को जीवंत कर दिया।
बिलासपुर।
अरपा रिवर बेली इंटरनेशनल स्कूल में आयोजित वार्षिक साहित्य उत्सव इस वर्ष भी रचनात्मक ऊर्जा और बहुआयामी प्रतिभाओं का अद्भुत संगम बनकर सामने आया। हिंदी, अंग्रेज़ी और क्षेत्रीय भाषाओं में बच्चों ने कविता, कहानी, भाषण, नाट्य प्रस्तुति और वाद-विवाद जैसी विधाओं में दमदार प्रदर्शन करते हुए यह साबित कर दिया कि नई पीढ़ी संवेदना और अभिव्यक्ति दोनों में बेहद समृद्ध है।



कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने सामाजिक बदलाव, पर्यावरण, विज्ञान, संस्कृति और मानवीय मूल्य जैसे विषयों पर अपने विचार कविता और कहानी के माध्यम से रखे। कई प्रस्तुतियों में आधुनिक भारतीय समाज की बदलती दिशा और युवाओं की नई सोच की झलक दिखाई दी। अभिभावकों ने भी बच्चों की रचनात्मकता को भरपूर सराहा।
स्कूल प्रबंधन ने बताया कि साहित्य उत्सव का उद्देश्य बच्चों में पढ़ने-लिखने की आदत को मजबूत करना और उन्हें अभिव्यक्ति का मंच देना है। प्राचार्य डॉ. अनामिका मिश्रा ने कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों के भीतर नेतृत्व, संवेदनशीलता और आत्मविश्वास को विकसित करते हैं।
कार्यक्रम का संचालन शिक्षकों की साहित्यिक टीम ने किया। मुख्य अतिथियों ने विजेता छात्रों को सम्मानित करते हुए कहा कि देश में साहित्य को लेकर बच्चों में बढ़ रही रुचि भविष्य की एक मजबूत सांस्कृतिक नींव साबित होगी।
अंत में स्कूल के निदेशक श्री कुंज बिहारी सिंह और उपनिदेशक श्री कुबेर सिंह ने सभी प्रतिभागियों को बधाई देते हुए कहा कि आने वाले समय में स्कूल इस उत्सव को और बड़े स्तर पर आयोजित करेगा।



