छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद की गुरुवार को हुई अहम बैठक में सरकार ने कृषि, वित्त, विभागीय पुनर्गठन और हाउसिंग सेक्टर में कई बड़े फैसले किए। दलहन–तिलहन की खरीद नीति से लेकर धान उपार्जन गारंटी तक सीधे किसानों को प्रभावित करने वाले प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। वहीं, आवास योजनाओं में नियमों को ढीला कर फ्लैटों की बिक्री का रास्ता आसान किया गया है। बैठक में लिए गए फैसलों का असर बाजार, किसानों, संस्थाओं और आवास क्षेत्र—सभी पर दिखेगा।

रायपुर, 14 नवंबर 2025। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में गुरुवार को आयोजित कैबिनेट बैठक में सरकार ने कई नीतिगत और वित्तीय प्रस्तावों पर मुहर लगाई। बैठक में पांच बड़े मुद्दों पर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए, जिनका सीधा असर कृषि मंडियों, सरकारी विभागों के ढांचे, धान खरीदी, राज्य की आवास योजनाओं और खेल सुविधाओं पर पड़ेगा।
1) दलहन-तिलहन की समर्थन मूल्य पर खरीदी जारी रहेगी
कैबिनेट ने खरीफ और रबी विपणन मौसम में दलहन एवं तिलहन फसलों की खरीदी को जारी रखने पर सहमति दी है। यह खरीद पूर्व की तरह “प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान – प्राइस सपोर्ट स्कीम (PSS)” के तहत होगी।
इस स्कीम के अंतर्गत—
खरीफ में अरहर, मूंग, उड़द, मूंगफली और सोयाबीन,
रबी में चना, मसूर और सरसों
की खरीद समर्थन मूल्य पर की जाती है।
राज्य की मंडियों में MSP पर खरीद से प्रतिस्पर्धा बढ़ने का फायदा सीधे किसानों को मिलेगा और फसलों की कीमत गिरने की आशंका कम रहेगी।
2) दो विभागों का पुनर्गठन—सरकारी ढांचे में बड़ा फेरबदल
मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ शासन के कार्य (आवंटन) नियमों में बदलाव को मंजूरी देकर दो बड़े विभागों का विलय कर दिया—
सार्वजनिक उपक्रम विभाग को अब वाणिज्य एवं उद्योग विभाग में शामिल किया जाएगा।
बीस सूत्रीय कार्यक्रम विभाग को योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग में समाहित किया जाएगा।
सरकारी ढांचे में यह फेरबदल कामकाज को सरल बनाने और विभागीय तालमेल बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
3) धान खरीदी के लिए 15,000 करोड़ की गारंटी बढ़ी, 11,200 करोड़ की नई गारंटी भी मंजूर
कैबिनेट ने समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की व्यवस्था को सुनिश्चित करने के लिए वित्तीय मोर्चे पर भी बड़ा निर्णय लिया।
खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के लिए स्वीकृत 15,000 करोड़ रुपए की बैंक गारंटी को 2025-26 के लिए अपडेट (रिन्यू) किया जाएगा।
साथ ही विपणन संघ के लिए 11,200 करोड़ रुपए की अतिरिक्त गारंटी भी स्वीकृत की गई है।
धान खरीदी सीजन में भुगतान और उठाव सुचारू रखने के लिए यह निर्णय बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
4) EWS–LIG आवास योजनाओं के नियमों में ढील—फ्लैटों की बिक्री अब आसान
राज्य प्रवर्तित चार हाउसिंग योजनाओं—
दीनदयाल आवास योजना
अटल आवास योजना
अटल विहार योजना
नवा रायपुर मुख्यमंत्री आवास योजना
—के नियमों में बदलाव को मंजूरी दी गई। इसके तहत:
(अ) अविक्रित EWS–LIG फ्लैट अब किसी भी आय वर्ग के लिए उपलब्ध होंगे
अगर तीन बार विज्ञापन के बाद भी आवास नहीं बिकते, तो उन्हें किसी भी आय वर्ग के खरीदार को बेचा जा सकेगा।
हां, इस श्रेणी के बाहर खरीदारों को सरकारी अनुदान नहीं मिलेगा।
(ब) Bulk Purchase की अनुमति
तीन बार विज्ञापन के बाद अविक्रित फ्लैटों को—
निजी कंपनियां,
सरकारी/अर्धशासकीय संस्थाएं,
या कोई एकल खरीदार
एक से अधिक यूनिट सामूहिक रूप से खरीद सकेंगे।
इन्हें भी सब्सिडी नहीं मिलेगी।
सरकार इन नियमों का व्यापक प्रचार करेगी ताकि अविक्रित मकानों की बिक्री तेज हो सके।
5) नवा रायपुर के अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम को क्रिकेट संघ को लीज पर देने का फैसला
कैबिनेट ने शहीद वीर नारायण सिंह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, नवा रायपुर को दीर्घकालीन संचालन और विकास के लिए छत्तीसगढ़ राज्य क्रिकेट संघ को अनुबंध के तहत लीज पर देने की मंजूरी दे दी।
इस फैसले से—
खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं और आधुनिक प्रशिक्षण मिल सकेगा,
राज्य में राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों का आयोजन बढ़ेगा।



