बिलासपुर, सरगुजा। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले से एक ऐसी दर्दनाक वारदात सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर दिया। लिव-इन रिलेशन में रह रही 28 वर्षीय युवती की उसके प्रेमी ने बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी। सात महीने के गर्भ में पल रहे नवजात की भी इसी हमले में मौत हो गई। मामले ने घरेलू हिंसा और शराब की लत के कारण उजड़ते रिश्तों की भयावह तस्वीर सामने रख दी है।
घटना सीतापुर थाना क्षेत्र के ग्राम जजगा की है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी राजीव दास महंत (30) और मनबसिया माझी (28) पिछले करीब दो साल से लिव-इन में रह रहे थे। गांव की परंपरा के अनुसार मनबसिया ‘ढूकू’ रीति से प्रेमी के घर आकर रहने लगी थी। राजीव ने किराना दुकान खोल रखी थी, जिसे उसकी अनुपस्थिति में युवती चलाती थी।
शराबखोरी बना विवाद की जड़
राजीव की शराब की लत को लेकर दोनों के बीच अक्सर झगड़ा होता था। शुक्रवार 7 नवंबर को राजीव घर लौटा तो दुकान और घर का दरवाजा खुला मिला, लेकिन मनबसिया वहां नहीं थी। पूछताछ में पता चला कि वह बिना बताए अपने मायके चली गई है। इसी बात से बौखलाए राजीव ने ससुराल पहुंचकर उसे बहाने से वापस घर ले आया।
40 से ज्यादा लाठियों से की पिटाई
घर पहुंचते ही आरोपी ने उस पर क्रूर हमला शुरू कर दिया। पंचनामा और मेडिकल टीम की जांच में मनबसिया के शरीर पर 40 से ज्यादा लाठी के निशान मिलने की पुष्टि हुई है। हमले के बाद जब वह बेहोश हो गई तो राजीव ने उसे कमरे में बंद कर बाहर से ताला लगाकर फरार हो गया।
पड़ोसियों की सूचना पर खुला राज
रात भर कमरे से कोई आवाज न आने पर पड़ोसियों ने 112 डायल को सूचना दी। पुलिस और 108 की टीम ने दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया तो मनबसिया मृत पड़ी थी। घटना का दृश्य इतना भयावह था कि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी भी हिल गए।
गर्भस्थ शिशु की भी मौत
अगले दिन पोस्टमॉर्टम के दौरान डॉक्टरों ने मृत गर्भस्थ शिशु को बाहर निकाला। रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि क्रूर मारपीट के कारण ही गर्भस्थ बच्चे की भी मौत हुई।
आरोपी गिरफ्तार, जेल भेजा गया
पुलिस ने आरोपी राजीव दास महंत को अगले दिन ही गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट ने उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। हत्या और गर्भस्थ शिशु की मौत के आरोप में पुलिस गंभीर धाराओं में कार्रवाई कर रही है।
वारदात ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि शराब की वजह से आरोपी का व्यवहार पहले भी हिंसक रहता था, लेकिन इतनी निर्ममता देखना किसी ने कल्पना में भी नहीं किया था।



