मोहम्मद इसराइल बबलू | रायपुर, बिलासपुर।
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल डॉ. भीमराव अंबेडकर (मेकाहारा) में शुक्रवार सुबह ऐसा मंजर सामने आया जिसने सभी को दहला दिया। अस्पताल के इमरजेंसी गेट के पास रखे कचरे के डिब्बे से एक नवजात शिशु का शव बरामद हुआ। नवजात एक पॉलीथिन में लिपटा था और शव मिलने के बाद पूरे अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया।
सुबह-सुबह मचा हड़कंप
जानकारी के अनुसार, 7 नवंबर की सुबह जब सफाईकर्मी रोजाना की तरह डस्टबिन खाली करने पहुंचे, तो उन्हें एक पॉलीथिन दिखी जिससे बदबू आ रही थी। जब उन्होंने उसे खोला, तो अंदर एक नवजात बच्चे का शव मिला। इसके बाद तुरंत अस्पताल प्रबंधन और मौदहापारा पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है।
CCTV में दिखीं बुर्का पहनी दो महिलाएं
घटना के कुछ घंटे बाद अस्पताल परिसर के CCTV फुटेज की जांच में एक बड़ा खुलासा हुआ है।
सुबह 5:25 बजे के वीडियो फुटेज में दो बुर्का पहनी महिलाएं दिखाई दे रही हैं। वे अलग-अलग स्कूटी से अस्पताल पहुंचती हैं, जिन्हें दो पुरुष चला रहे होते हैं।
दोनों महिलाएं उतरकर इमरजेंसी गेट के पास रखे डस्टबिन के आसपास घूमती हैं, फिर मौका देखकर पॉलीथिन में लिपटा शव फेंकती हैं और वहां से भाग जाती हैं।
फुटेज में यह साफ दिख रहा है कि घटना को पूरी योजना बनाकर अंजाम दिया गया।
पुलिस ने शुरू की गहन जांच
मौदहापारा पुलिस ने CCTV फुटेज कब्जे में लेकर चारों संदिग्धों की पहचान के प्रयास शुरू कर दिए हैं। पुलिस आसपास के इलाकों और अस्पताल के प्रवेश द्वारों के भी कैमरे खंगाल रही है ताकि वाहन नंबर और संदिग्धों की पहचान हो सके।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि,
“CCTV में दिखीं महिलाएं और उनके साथ आए पुरुषों की पहचान की जा रही है। जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।”
अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल
इस पूरे घटनाक्रम के बाद मेकाहारा की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
मुख्य प्रवेश द्वारों और इमरजेंसी गेट पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों को यह भी पता नहीं चला कि दो महिलाएं शव फेंककर चली गईं।
अस्पताल प्रशासन ने अब आंतरिक जांच के आदेश दिए हैं कि इतनी बड़ी घटना होने के बावजूद गार्ड्स और कैमरा मॉनिटरिंग टीम को भनक कैसे नहीं लगी।
राजधानी में पहली बार अस्पताल परिसर में इस तरह की घटना
मेकाहारा रायपुर प्रदेश का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल है, जहां रोजाना हजारों मरीज आते हैं। इस तरह अस्पताल के अंदर नवजात का शव मिलना न केवल संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है, बल्कि सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था की पोल खोलने वाला मामला भी बन गया है।
फिलहाल जांच जारी
पुलिस ने नवजात का पोस्टमॉर्टम करवाने के बाद रिपोर्ट का इंतजार शुरू कर दिया है।
फिलहाल, यह स्पष्ट नहीं है कि शव अस्पताल में जन्मे किसी बच्चे का है या बाहर से लाकर फेंका गया।
मामले की जांच हर कोण से की जा रही है — हत्या, भ्रूण हत्या या अस्पताल स्टाफ की लापरवाही — सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर।



