मोहम्मद इसराइल बबलू
रायपुर/बिलासपुर/मरवाही
छत्तीसगढ़ इन दिनों बच्चों और महिलाओं पर बढ़ती दरिंदगी का नया केंद्र बनता जा रहा है।
सिर्फ एक सप्ताह में तीन सनसनीखेज यौन अपराधों ने समाज और सिस्टम दोनों को झकझोर दिया —
मरवाही में 10 साल के मासूम की बुआ के बेटे ने पहले बलात्कार कर हत्या को फांसी का रूप दिया,
सीपत में एक दुष्कर्मी ने नाबालिग को अपना शिकार बनाया,
और बिलासपुर के सरकंडा में मोबाइल और प्रेमजाल के बहाने नाबालिग से बलात्कार की वारदात सामने आई।
तीनों मामलों में सामाजिक पतन और सिस्टम की असफलता साफ दिखाई देती है।
केस-1 : मरवाही का ब्लाइंड मर्डर — बुआ के बेटे की हैवानियत ने झकझोरा
02 नवंबर की सुबह मरवाही थाने में सूचना आई कि 10 साल का बच्चा घर के पास निर्माणाधीन मकान में फांसी पर लटका हुआ मिला।
पहली नजर में यह आत्महत्या लग रही थी, पर फॉरेंसिक जांच ने पूरा खेल पलट दिया।
पुलिस और फॉरेंसिक अधिकारी शांतनु राठौर ने शव के निशानों की जांच की, तो यह मामला आत्महत्या नहीं, निर्मम हत्या और दुष्कर्म का निकला।
एसपी एस.आर. भगत, एएसपी ओम चंदेल, और डीएसपी दीपक मिश्रा की टीम ने वैज्ञानिक जांच और मोबाइल ट्रैकिंग से आरोपी तक पहुंच बनाई।
आरोपी निकला – बच्चे की बुआ का बेटा अर्जुन (25), जो पहले भी एक बच्चे की हत्या के शक में पुलिस के रिकॉर्ड में था।
वह रात को शराब पीकर मामा के घर पहुंचा, और नशे की हालत में 10 साल के मासूम के साथ अप्राकृतिक कृत्य कर हत्या को फांसी का रूप दे दिया।
फॉरेंसिक रिकंस्ट्रक्शन और आरोपी के कबूलनामे ने पूरा अपराध उजागर किया।
थाना प्रभारी सनीप रात्रे और साइबर टीम की सूझबूझ ने इस “ब्लाइंड मर्डर” को 72 घंटे में सुलझा दिया।
केस-2 : सीपत में “दोहराने वाला दरिंदा” — जमानत पर छूटते ही फिर किया दुष्कर्म
सीपत थाने की रिपोर्ट में आरोपी सूरज सूर्यवंशी (23) का नाम सामने आया —
वह पहले भी नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में जेल जा चुका था।
जमानत पर छूटते ही उसने फिर वही अपराध दोहराया।
07 अक्टूबर को नाबालिग पीड़िता ने थाने में शिकायत दर्ज कराई कि सूरज ने जानते हुए भी कि वह नाबालिग है, जबरन संबंध बनाए।
आरोपी एक महीने से फरार था, लेकिन मुखबिर सूचना और तकनीकी निगरानी के बाद 07 नवंबर को उसे गांव मटियारी से गिरफ्तार किया गया।
चौंकाने वाली बात — आरोपी के खिलाफ पहले से स्थाई वारंट जारी था, फिर भी वह खुलेआम गांव में घूमता रहा।
यह पुलिस और न्याय व्यवस्था दोनों पर गंभीर सवाल खड़ा करता है।
केस-3 : सरकंडा में ‘मोबाइल गिफ्ट’ के नाम पर नाबालिग से बलात्कार
तीसरा मामला बिलासपुर के सरकंडा थाना क्षेत्र का है।
आरोपी पंकज देवांगन (24) ने मोहल्ले की एक नाबालिग से दोस्ती बढ़ाने के लिए मोबाइल गिफ्ट किया,
फिर उसे शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण किया।
जब लड़की ने बातचीत बंद की, तो आरोपी ने उसके घर पहुंचकर गाली-गलौज और धमकी दी।
प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना प्रभारी प्रदीप आर्या की टीम ने सिर्फ 12 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजनेश सिंह ने महिला सुरक्षा पर ज़ीरो टॉलरेंस की नीति दोहराई,
लेकिन सवाल अब भी वही है — अपराध से पहले रोकथाम क्यों नहीं?



