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बिलासपुर में अधिवक्ता की रहस्यमयी मौत — दोस्तों के साथ पार्टी के बाद अरपा नदी में मिली लाश, पुल पर खड़ी थी बाइक

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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रात में दोस्तों संग पार्टी, तड़के घर नहीं पहुंचा वकील; प्रेमप्रसंग और डिप्रेशन के एंगल पर पुलिस की जांच तेज — 21 घंटे की तलाश के बाद नदी से मिला शव
मोहम्मद इसराइल बबलू | बिलासपुर
रात की हंसी-खुशी का अंत मौत में बदल गया।
बिलासपुर के हाईकोर्ट में प्रैक्टिस कर रहे अधिवक्ता राहुल अग्रवाल (31) की लाश अरपा नदी से बरामद की गई। शुक्रवार रात कोतवाली पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने रामसेतु के पास नदी से शव निकाला। इसी पुल पर तड़के राहुल की बाइक खड़ी मिली थी। पुलिस प्रारंभिक जांच में इसे आत्महत्या की आशंका मान रही है, लेकिन रहस्यमय हालात कई सवाल खड़े कर रहे हैं — आखिर देर रात पार्टी के बाद ऐसा क्या हुआ कि एक कामयाब वकील ने नदी में छलांग लगा दी?


पार्टी के बाद गायब, 21 घंटे बाद मिला शव
गुरुवार शाम राहुल अग्रवाल अपने रोज़मर्रा की तरह कोर्ट से लौटे।
रात करीब 7 बजे नेहरू चौक में दोस्त मुकेश राठिया से मिले। दोनों सिरगिट्टी के महिंद्रा शोरूम गए, फिर ट्रांसपोर्ट नगर में बैठकर पार्टी की।
इसके बाद मोपका में मुकेश के घर पहुंचे, जहां एक और दोस्त अभिषेक आचार्य भी आ गया। रात करीब 1:30 बजे राहुल ने कहा—“सुबह कोर्ट में केस है, अब निकलता हूं।”
इसके बाद वह बाइक से मंगला स्थित अपने घर के लिए रवाना हुआ। लेकिन वहां कभी नहीं पहुंचा।
सुबह घरवालों ने कॉल किया तो मोबाइल बंद मिला। घर की नौकरानी ने बताया कि राहुल रात को लौटा ही नहीं। परिजन ने तुरंत कोतवाली में गुमशुदगी रिपोर्ट दर्ज कराई।
रात 10:30 बजे कुछ युवकों ने अरपा नदी के रामसेतु पुल के नीचे पानी में तैरता शव देखा, पुलिस को खबर दी। शव राहुल का ही था — पहचाना गया उसकी टी-शर्ट और घड़ी से।
पुलिस जांच : प्रेमप्रसंग या मानसिक तनाव?
टीआई सुम्मत राम साहू के अनुसार, दोस्तों से पूछताछ में राहुल के एक प्रेमप्रसंग का ज़िक्र आया है।
शुक्रवार को उसे ग्रैंड गुलमोहर होटल में अपने दोस्त की शादी में जाना था, लेकिन वह वहां नहीं पहुंचा।
पुलिस अब उसके फोन रिकॉर्ड, कॉल डिटेल और सोशल मीडिया चैट्स खंगाल रही है, ताकि मौत से पहले की स्थिति स्पष्ट हो सके।
राहुल की प्रोफेशनल लाइफ : होनहार, लेकिन अंतर्मुखी
राहुल अग्रवाल भाटापारा निवासी थे। उन्होंने गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी से लॉ की पढ़ाई की और 2018 में हाईकोर्ट में प्रैक्टिस शुरू की।
पहले एक महिला अधिवक्ता के साथ एसोसिएट के तौर पर काम किया, फिर स्वतंत्र प्रैक्टिस शुरू की।
दोस्तों के मुताबिक, वह “कम बोलने वाले लेकिन मेहनती” थे।
बिलासपुर में बढ़ते आत्महत्याओं का साइलेंट ट्रेंड
पिछले 24 महीनों में जिले में 100 से अधिक लोगों ने खुदकुशी की है।
अधिकांश केस में वजहें एक जैसी हैं — प्रेमप्रसंग, मानसिक तनाव, पारिवारिक विवाद, या पढ़ाई का दबाव।
कई मामलों में परिजन को पता ही नहीं चलता कि युवक डिप्रेशन या एंग्जायटी में हैं।
जिले में मानसिक काउंसलिंग या साइकोलॉजिकल सपोर्ट सेंटर की ठोस व्यवस्था नहीं है, जिससे हालात और खराब हो रहे हैं।
खुदकुशी की प्रमुख वजहें (24 माह का डेटा)संख्याप्रेम प्रसंग22अवसाद / डिप्रेशन20पारिवारिक विवाद12पढ़ाई का दबाव7चरित्र पर संदेह6आर्थिक / अन्य विवाद5
रहस्य अब भी बरकरार…
राहुल अग्रवाल के घरवालों ने किसी संदेहास्पद फोन कॉल या झगड़े से इनकार किया है।
हालांकि, पुलिस ने बताया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और मोबाइल की जांच से ही स्थिति स्पष्ट होगी कि यह आत्महत्या थी या किसी और वजह से मौत हुई।
फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।

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