जूना बिलासपुर की सड़कें बनी जनता की प्रसव पीड़ा — थककर व्यापारियों ने जाम किया रास्ता
मोहम्मद इसराइल बबलू | बिलासपुर (छत्तीसगढ़)
स्मार्ट सिटी बिलासपुर में आपका स्वागत है — जहां सड़कें “नॉर्मल डिलीवरी मोड” पर चल रही हैं। जी हां, शहर के जूना बिलासपुर इलाके की सड़कें अब गड्ढों से नहीं, बल्कि “गर्भवती धरा” जैसी पीड़ा से गुजर रही हैं। बार-बार मरम्मत के वादों और अधिकारियों के दौरे के बावजूद सड़कें ऐसे हैं जैसे किसी लंबी प्रसव पीड़ा में हों — बस, जन्म लेना बाकी है।
सोमवार की सुबह आखिरकार व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों का धैर्य जवाब दे गया।


जूना बिलासपुर की सड़कों पर उतरकर लोगों ने सड़क जाम कर दिया। भीषण गर्मी, उड़ती धूल और गड्ढों के बीच लोग सड़क सुधार की मांग करते हुए प्रदर्शन करते रहे।
“स्मार्ट सिटी में सड़कें स्मार्ट नहीं, बल्कि चालाक हैं — कभी दिखती हैं, कभी गायब हो जाती हैं,” एक स्थानीय व्यापारी ने व्यंग्य में कहा।
लोगों का कहना था कि पिछले कई महीनों से सड़क की मरम्मत का आश्वासन दिया जा रहा है, लेकिन ज़मीनी स्तर पर सिर्फ खोखले वादे ही नजर आते हैं।
राहगीर, दुकानदार और स्कूल जाने वाले बच्चे सभी इस सड़क से परेशान हैं। हर दिन धूल और कीचड़ से जूझना उनकी दिनचर्या बन गई है। स्थानीय नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़क दुरुस्त नहीं की गई, तो वे स्मार्ट सिटी दफ्तर के सामने “गड्ढा प्रदर्शन” करेंगे।
पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाइश दी, जिसके बाद कुछ घंटे बाद जाम खुलवाया जा सका।
हालांकि, प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा —
“जब तक सड़कें ठीक नहीं होतीं, हम हर हफ्ते यही स्वागत समारोह करेंगे — ‘नॉर्मल डिलीवरी रोड पर आपका स्वागत है!’”
ग्राउंड रियलिटी
इलाका: जूना बिलासपुर, बिलासपुर (छत्तीसगढ़)
समस्या: महीनों से टूटी सड़क, धूल-कीचड़, असुविधा
प्रदर्शनकारी: स्थानीय व्यापारी, नागरिक, राहगीर
मांग: सड़क की तत्काल मरम्मत
पुलिस की भूमिका: मौके पर पहुंचकर जाम हटवाया
प्रशासनिक स्थिति: मरम्मत का आश्वासन, पर काम शुरू नहीं
जनता की आवाज़
“हम रोज गड्ढों से जूझते हैं, अब तो गूगल मैप भी यहां ‘रिस्क अलर्ट’ दिखा रहा है।”
“स्मार्ट सिटी में स्मार्ट सड़कें तो नहीं, पर स्मार्ट बहाने जरूर हैं।”
“अभी सड़क नहीं बनी तो अगली बारिश में नाव से दुकान खोलनी पड़ेगी।”



