मोहम्मद इसराइल बबलू




बिलासपुर पुलिस का ऑपरेशन ‘प्रहार’ — नकाबपोश हमलावरों के नेटवर्क का पर्दाफाश, 9 आरोपी गिरफ्तार, हथियारों का जखीरा बरामद
बिलासपुर (छत्तीसगढ़), 1 नवंबर 2025
मस्तूरी गोलीकांड में पुलिस ने उस व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया है, जो इस पूरे खूनखराबे का ‘छिपा सूत्रधार’ और हथियार सप्लायर बताया जा रहा है — अकबर खान (53 वर्ष)।
शिव विहार मोपका (सरकंडा) निवासी अकबर खान ने मुख्य आरोपी विश्वजीत अनंत और उसके गिरोह को न केवल हथियार और गोलाबारूद उपलब्ध कराया, बल्कि घटना के बाद उन्हें शहर में छिपने के ठिकाने और संपर्क नेटवर्क भी मुहैया कराए थे।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह (भा.पु.से.) के नेतृत्व में चल रहे ऑपरेशन “प्रहार” में पुलिस ने शुक्रवार को अकबर खान और उसके साथी देवेश सुमन उर्फ निक्कू सुमन (24 वर्ष, निवासी मोहतरा) को गिरफ्तार किया।
दोनों से पूछताछ में पुलिस को देशी पिस्टल, कट्टा और जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं।
सीसीटीवी फुटेज में मिला अकबर खान का ट्रेल
पुलिस ने बिलासपुर शहर के 100 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिनमें अकबर खान की कई संदिग्ध मुलाकातें सामने आईं।
वह वारदात से एक दिन पहले सरकंडा और मस्तूरी के बीच स्थित एक ढाबे में मुख्य आरोपियों से मिला था।
इन्हीं सबूतों के आधार पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर आपराधिक षड्यंत्र का अहम किरदार बताया है।
जमीन विवाद से शुरू हुआ खूनी खेल
मस्तूरी निवासी नितेश सिंह और आरोपी विश्वजीत अनंत के बीच जमीन खरीद-बिक्री और राजनीतिक वर्चस्व को लेकर वर्षों से विवाद चल रहा था।
विश्वजीत ने अपने भाइयों और साथियों के साथ मिलकर नितेश सिंह को ठिकाने लगाने की साजिश रची।
रेकी के बाद 28 अक्टूबर की शाम नकाबपोश हमलावरों ने जनपद पंचायत कार्यालय के सामने गोलियां दाग दीं, जिसमें राजू सिंह और चंद्रभान सिंह घायल हुए।
पुलिस ने 24 घंटे के भीतर 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था, जबकि अब अकबर खान के पकड़े जाने से पूरा नेटवर्क सामने आ गया है।
संगठित अपराध की धारा लगी — अब मामला 111 बीएनएस के तहत
घटना में बरामद 3 पिस्टल, 2 कट्टे, 6 मैगज़ीन, 5 मोबाइल और 13 खोखे के आधार पर पुलिस ने अब धारा 111 बीएनएस (संगठित अपराध) जोड़ दी है।
एसएसपी रजनेश सिंह ने कहा —
“अकबर खान जैसे अपराधी सिर्फ घटनाओं के पीछे नहीं, बल्कि अपराध की व्यवस्था का हिस्सा होते हैं। अब पूरा नेटवर्क तोड़ा जाएगा।”
अब तक गिरफ्तार आरोपी
विश्वजीत अनंत
अरमान उर्फ बलमजीत अनंत
चाहत उर्फ विक्रमजीत
मोहम्मद मुस्तकीम उर्फ नफीस
मोहम्मद मतीन उर्फ मोंटू
ब्रायनजीत उर्फ आरजू
विधि से संघर्षरत किशोर
देवेश सुमन उर्फ निक्कू सुमन
अकबर खान (हथियार सप्लायर व षड्यंत्रकर्ता)
बरामद सामग्री
देशी पिस्टल – 03 नग
देशी कट्टा – 02 नग
मैगज़ीन – 06 नग
जिंदा कारतूस – 05 नग
खाली खोखे – 13 नग
मोबाइल फोन – 05 नग
अकबर खान नेटवर्क – कौन, कहाँ, कैसे जुड़ा?”
कड़ीविवरणमुख्य भूमिकामुख्य आरोपी विश्वजीत अनंत को हथियार और सपोर्ट सिस्टम उपलब्ध करानासंपर्क क्षेत्रमोपका, सरकंडा, कोनी और मस्तूरी के बीच सक्रियकार्यप्रणालीस्थानीय ढाबों और लॉज में बैठकों के माध्यम से संपर्क बनाए रखनाकनेक्शनअपराधियों को मोबाइल सिम और सुरक्षित ठिकाने उपलब्ध करानासबूतसीसीटीवी फुटेज, मोबाइल डेटा, हथियार बरामदगीपुलिस की अगली कार्रवाईहथियार आपूर्ति स्रोत और वित्तीय लिंक की जांच जारी
क्राइम एनालिसिस:
अकबर खान की गिरफ्तारी ने यह साफ कर दिया है कि मस्तूरी शूटआउट सिर्फ एक आपसी झगड़ा नहीं था, बल्कि एक संगठित अपराध नेटवर्क की योजनाबद्ध कार्रवाई थी।
पुलिस अब इस मामले को राज्य के सबसे बड़े “लोकल माफिया सिंडिकेट” के रूप में जांच रही है।
अकबर खान इस नेटवर्क का ‘ऑपरेशनल लिंक’ था, जो फ्रंटलाइन अपराधियों को संसाधन, हथियार और छिपने के ठिकाने उपलब्ध कराता था।



