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“चॉकलेट में छिपा सेहत का संदेश” — अपोलो कैंसर सेंटर की ‘चेक-ओलेट’ पहल ने ब्रेस्ट कैंसर जागरूकता को दिया नया स्वाद

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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– मिठास के साथ ‘सेल्फ केयर’ का मंत्र, महिलाओं को खुद के स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने की प्रेरणा

बिलासपुर, 31 अक्टूबर 2025।
ब्रेस्ट कैंसर अवेयरनेस मंथ के अवसर पर अपोलो कैंसर सेंटर (Apollo Cancer Centres) ने एक अभिनव और संवेदनशील पहल शुरू की है — ‘चेक-ओलेट’ (Check-O-Late)। यह एक ऐसी डार्क चॉकलेट बार है जो न सिर्फ मिठास का एहसास कराती है बल्कि महिलाओं को यह याद भी दिलाती है कि — “खुद के लिए थोड़ा समय निकालना जरूरी है।”

‘चेक-ओलेट’ एक अनूठा संयोजन है — स्वाद और सजगता का। हर चॉकलेट में लगा QR कोड स्कैन करते ही महिलाओं को स्तन आत्म-परीक्षण (Breast Self-Examination) का एक एनिमेटेड वीडियो गाइड दिखाता है, जो ब्रेस्ट कैंसर की समय रहते पहचान और रोकथाम की दिशा में बड़ा कदम है।

स्तन कैंसर के बढ़ते खतरे के बीच जागरूकता की आवश्यकता

GLOBOCAN रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय महिलाओं में स्तन कैंसर कैंसर मृत्यु का प्रमुख कारण है — नए मामलों का 13.5% और कुल मौतों का 10.6%। चिंताजनक तथ्य यह है कि 30 से 69 वर्ष की आयु की केवल 1.6% महिलाएं ही कभी जांच कराती हैं (NCBI रिपोर्ट)। ऐसे में अपोलो कैंसर सेंटर की यह पहल महिलाओं को नियमित सेल्फ-एग्जामिनेशन के लिए प्रेरित करती है।

“महिलाएं स्वस्थ होंगी तो राष्ट्र समृद्ध होगा” — डॉ. प्रीथा रेड्डी

अपोलो हॉस्पिटल्स एंटरप्राइज लिमिटेड की कार्यकारी उपाध्यक्ष डॉ. प्रीथा रेड्डी ने कहा —

“जब महिलाएं स्वस्थ होती हैं, तो राष्ट्र समृद्ध होता है। महिलाओं का स्वास्थ्य केवल उनकी व्यक्तिगत जिम्मेदारी नहीं, बल्कि राष्ट्रीय प्राथमिकता है। ‘चेक-ओलेट’ इसी सोच का प्रतीक है — स्वयं की देखभाल कमजोरी नहीं, यह शक्ति है।”

महिला स्वास्थ्य को परिवार की नींव बताया महापौर ने

बिलासपुर की महापौर श्रीमती पूजा विधानी ने कहा —

“परिवार के केंद्र में महिला होती है। यदि वह बीमार पड़ जाए, तो पूरा घर अस्त-व्यस्त हो जाता है। ‘चेक-ओलेट’ अभियान बेहद रचनात्मक है — यह चॉकलेट जैसी सर्वप्रिय वस्तु को जागरूकता के साधन में बदल देता है।”

15,000 से अधिक महिलाओं को सिखाया गया ‘स्व-स्तन परीक्षण’

अपोलो हॉस्पिटल बिलासपुर के यूनिट हेड अभय गुप्ता ने बताया कि प्रदेश में चल रहा “स्वस्थ तन प्रशिक्षण अभियान” अब तक कोरबा, रायगढ़, अंबिकापुर, बिलासपुर, अनूपपुर और शहडोल जिलों तक पहुंच चुका है।

“लगभग 15,000 महिलाओं को प्रत्यक्ष रूप से स्तन आत्म-परीक्षण का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। जागरूकता ही बचाव है, और ‘चेक-ओलेट’ इसी सोच को आगे बढ़ाता है।”

🔹 डॉक्टरों का संदेश — शुरुआती जांच से बच सकती है जान

अपोलो के सीनियर कंसल्टेंट (सर्जिकल ऑंकोलॉजी) डॉ. अमित वर्मा ने कहा —

“स्तन कैंसर के शुरुआती चरण में पहचान जीवन बचा सकती है। एक महीने में कुछ मिनट की आत्म-परीक्षा बड़ा फर्क ला सकती है। डर को जागरूकता और कार्रवाई में बदलना ही ‘चेक-ओलेट’ का उद्देश्य है।”

इस अवसर पर डॉ. सुशील परीदा (मेडिकल ऑंकोलॉजिस्ट), डॉ. सार्थक (रेडिएशन ऑंकोलॉजिस्ट) और डॉ. अमोल पटगांवकर (सर्जिकल ऑंकोलॉजिस्ट) भी उपस्थित रहे।


स्वास्थ्य के साथ स्वाद का मेल

वैज्ञानिक अध्ययन बताते हैं कि डार्क चॉकलेट में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और फ्लेवोनोइड्स सूजन घटाने, हृदय स्वास्थ्य सुधारने और मूड बेहतर करने में मददगार हैं। ऐसे में ‘चेक-ओलेट’ स्वाद के साथ स्वास्थ्य का भी उपहार बन गया है।


अपोलो कैंसर सेंटर: भारत की अग्रणी कैंसर केयर संस्था

अपोलो कैंसर सेंटर पिछले 30 वर्षों से अधिक समय से कैंसर के खिलाफ जंग लड़ रहा है।

  • देशभर में 300 से अधिक विशेषज्ञ चिकित्सकों का नेटवर्क
  • प्रोटॉन थेरेपी सेंटर जैसी अत्याधुनिक तकनीक
  • अब तक 147 देशों के मरीजों को उपचार सेवाएं
    अपोलो का फोकस केवल इलाज पर नहीं, बल्कि जागरूकता और रोकथाम पर भी है।

रोगी संपर्क हेल्पलाइन: 9893914567
अधिक जानकारी के लिए: https://apollocancercetres.com


🩷 #VizingOverCancer
“खुद के लिए थोड़ा समय निकालिए —
एक ‘चेक-ओलेट’ आपका जीवन बचा सकता है।”

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