मोहम्मद इसराइल बबलू
रायपुर, 31 अक्टूबर 2025।
राजधानी रायपुर के माना इलाके में शुक्रवार दोपहर एक दर्दनाक हादसा सामने आया। एयरपोर्ट के सामने स्थित प्रसिद्ध ब्लू वाटर झील में नहाने उतरे दो स्कूली छात्र गहरे पानी में डूब गए। दोनों बच्चे टाटीबंध स्थित छत्तीसगढ़ पब्लिक स्कूल के दसवीं कक्षा के छात्र बताए जा रहे हैं। घटना के बाद से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही माना थाना पुलिस और एसडीआरएफ टीम ने मौके पर पहुंचकर तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया, लेकिन देर रात तक दोनों छात्रों का कोई पता नहीं चल सका।


कैसे हुआ हादसा
मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार दोपहर करीब 12:30 बजे छत्तीसगढ़ पब्लिक स्कूल के सात से आठ छात्र ब्लू वाटर में घूमने के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान दो छात्र — मृदुल बंजरिया (निवासी लौंहडीगुड़ा, बस्तर) और जयेश साहू (निवासी कबीर नगर, रायपुर) — झील में नहाने के लिए उतर गए। कुछ ही देर में दोनों बच्चे झील के गहरे हिस्से में चले गए और डूबने लगे। दोस्तों ने शोर मचाया, जिसके बाद वहां मौजूद स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी।
मौके पर पुलिस और SDRF की टीम सक्रिय
माना थाना प्रभारी मनीष तिवारी ने बताया कि सूचना मिलते ही डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची और एसडीआरएफ को बुलाया गया। “टीम लगातार तलाशी अभियान चला रही है, लेकिन अब तक दोनों छात्रों का कोई सुराग नहीं मिला है,” थाना प्रभारी ने बताया। झील के गहरे पानी और फिसलन भरे किनारे के कारण रेस्क्यू टीम को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
स्कूल और परिजनों में मचा कोहराम
जैसे ही हादसे की खबर स्कूल और परिजनों तक पहुंची, वहां मातम छा गया। बताया जा रहा है कि मृदुल बंजरिया स्कूल हॉस्टल में रहता था, जबकि जयेश साहू अपने परिवार के साथ कबीर नगर में रहता है। दोनों ही अच्छे छात्र बताए जा रहे हैं। परिजन मौके पर पहुंच चुके हैं और झील किनारे बेसुध अवस्था में अपने बच्चों का इंतजार कर रहे हैं।
घटनास्थल पर भीड़, प्रशासन ने घेरा बनाया
हादसे के बाद स्थानीय लोग बड़ी संख्या में ब्लू वाटर के पास इकट्ठा हो गए। किसी तरह की अनहोनी या अफवाह से बचने के लिए पुलिस ने इलाके को चारों तरफ से घेर लिया है। मौके पर नगर निगम और जिला प्रशासन के अधिकारी भी पहुंचे हैं।
ब्लू वाटर में पहले भी हो चुके हैं हादसे
गौरतलब है कि ब्लू वाटर झील में इससे पहले भी कई डूबने की घटनाएं हो चुकी हैं। आसपास सुरक्षा बाड़ या चेतावनी बोर्ड नहीं लगाए जाने की वजह से यह जगह युवाओं के लिए खतरा बनी हुई है। स्थानीय लोगों ने बार-बार प्रशासन से सुरक्षा इंतजाम करने की मांग की है, लेकिन कोई ठोस कदम अब तक नहीं उठाया गया।
फिलहाल खोज जारी
एसडीआरएफ की गोताखोर टीम लगातार झील में सर्च ऑपरेशन चला रही है। माना पुलिस ने बताया कि जब तक दोनों छात्रों का पता नहीं चल जाता, तब तक रेस्क्यू जारी रहेगा। वहीं, परिजन और स्कूल प्रबंधन बच्चों की सलामती की प्रार्थना कर रहे हैं।



