सार्वजनिक हित याचिका में कोर्ट ने कहा — “अस्थायी उपायों से समस्या हल नहीं, स्थायी समाधान जरूरी”
बिलासपुर, 29 अक्टूबर 2025।
छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने कोरबा क्षेत्र में फ्लाई ऐश परिवहन, सड़क की दुर्दशा और प्रदूषण पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए राज्य सरकार, एसईसीएल, एनटीपीसी, बालको सहित सभी संबद्ध उद्योगों को दो सप्ताह के भीतर स्थायी समाधान का रोडमैप तैयार कर प्रस्तुत करने का आदेश दिया है।
मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति रविन्द्र कुमार अग्रवाल की खंडपीठ ने यह आदेश WPPIL No. 37/2024 (Suo Motu Public Interest Litigation) पर सुनवाई के दौरान पारित किया।
मामला क्या है?
कोर्ट ने यह जनहित याचिका स्वतः संज्ञान में तब दर्ज की थी जब कोरबा के मणिकपुर माइंस क्षेत्र में फ्लाई ऐश ढोने वाले ट्रकों से लगातार धूल, जाम और सड़क दुर्घटनाओं की शिकायतें सामने आईं।
रिपोर्टों के अनुसार, फ्लाई ऐश परिवहन के लिए प्रयुक्त सड़कों की हालत बेहद खराब है — कई हिस्सों में सड़क केवल मिट्टी और राख से बनी है, जिससे वाहनों की आवाजाही खतरनाक हो गई है।
अदालत में पेश रिपोर्ट और हलफनामे
सुनवाई के दौरान न्यायालय को तीन महत्वपूर्ण हलफनामे प्राप्त हुए —
छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल (CECB)
राज्य के मुख्य सचिव
वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव
इन हलफनामों में बताया गया कि कोर्ट के पूर्व आदेश (10 अक्टूबर 2025) के पालन में कोरबा क्षेत्र का निरीक्षण किया गया और SECL, NTPC, CSPGCL, BALCO एवं LANCO को कई सुधारात्मक निर्देश दिए गए।
CECB की रिपोर्ट
कोरबा के तीन मार्गों पर धूल व गड्ढों की स्थिति पाई गई —
रिसदी चौक–झागरहा रोड, मदवारनी ओवरब्रिज–चांपा रोड और गौमाता चौक–चांपा रोड।
गौमाता चौक क्षेत्र को “फ्लाई ऐश एंट्री पॉइंट” बताया गया, जहाँ ट्रक पार्किंग के कारण हमेशा जाम रहता है।
बोर्ड ने SECL, NTPC, BALCO और LANCO को निर्देश दिए कि — ट्रकों की पार्किंग केवल खदान परिसर के अंदर हो।
ट्रैफिक मैनेजमेंट प्लान बनाकर वाहनों को स्लॉट के अनुसार बुलाया जाए।
सभी ट्रकों को तिरपाल से ढंका जाए और ओवरलोडिंग न हो।
सड़क की नियमित मरम्मत और जल छिड़काव हो।
Environmental Compensation
CECB ने बताया कि बीते दो वर्षों (2024–25) में कोरबा क्षेत्र में —
100 मामलों में कोयला परिवहन में नियम उल्लंघन,
64 मामलों में फ्लाई ऐश के गलत परिवहन,
कुल मिलाकर ₹1.43 करोड़ का पर्यावरणीय जुर्माना लगाया गया।
इसमें से ₹1.05 करोड़ SECL पर, जबकि ₹18.85 लाख BALCO पर वसूले गए हैं।
निगरानी और नियंत्रण
अब फ्लाई ऐश परिवहन वाहनों में GPS ट्रैकिंग (AIS-40 डिवाइस) अनिवार्य है।
सभी वाहन Industrial Waste Management & Monitoring System (IWMMS) पोर्टल पर पंजीकृत हैं।
कोरबा क्षेत्र में CECB द्वारा AQI (Air Quality Index) की निगरानी की जा रही है, जो जुलाई से सितंबर 2025 के बीच “संतोषजनक स्तर” पर पाई गई।
अदालत की टिप्पणी
कोर्ट ने कहा —
“संबंधित संस्थाओं ने अस्थायी कदम तो उठाए हैं, लेकिन स्थायी समाधान आज भी नहीं हुआ है। सड़कें अब भी जर्जर हैं और प्रदूषण व दुर्घटनाओं का खतरा बरकरार है।”
अदालत ने माना कि सही तरीके से बनी सड़क का अभाव ही इन समस्याओं की जड़ है। इसलिए PWD को तत्काल स्थायी और मजबूत सड़क निर्माण का निर्देश दिया गया।
अदालत के नए निर्देश
BALCO के चेयरमैन-कम-मैनेजिंग डायरेक्टर को दो सप्ताह में व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने का आदेश।
NTPC से स्पष्टीकरण मांगा गया कि क्या उन्होंने मार्ग परिवर्तित कर फ्लाई ऐश परिवहन अन्य मार्गों से शुरू किया है,
और क्या वहां भी पर्यावरणीय समस्या उत्पन्न हो रही है।
SECL, NTPC, BALCO, LANCO Amarkantak Power Ltd. और अन्य उद्योग दो सप्ताह के भीतर CECB, राज्य सरकार और नगर निगम कोरबा के साथ संयुक्त बैठक करें।
बैठक में फ्लाई ऐश प्रबंधन, ट्रैफिक व्यवस्था और सड़क निर्माण के लिए स्थायी कार्ययोजना तय करें।
PWD सचिव को विस्तृत प्रगति रिपोर्ट, मानचित्र और दस्तावेजों सहित व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश।
इस पर भी नाराजगी
कोर्ट कमिश्नर की रिपोर्ट के अनुसार सर्गांव क्षेत्र में अवैध ढाबा और पार्किंग का अतिक्रमण अब तक नहीं हटाया गया।
तहसीलदार मंगेली के 15 मई 2025 के आदेश के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई।
कोर्ट ने इस पर भी सख्त रुख अपनाते हुए कार्रवाई का निर्देश दिया।
अगली सुनवाई
इस मामले की अगली मॉनिटरिंग 14 नवंबर 2025 को की जाएगी।
कोरबा क्षेत्र में फ्लाई ऐश परिवहन से जुड़ी यह जनहित याचिका अब छत्तीसगढ़ में पर्यावरण संरक्षण और औद्योगिक जवाबदेही का बड़ा परीक्षण बन गई है।
उच्च न्यायालय ने साफ कर दिया है कि केवल औपचारिक रिपोर्टों से नहीं, बल्कि जमीनी सुधारों से ही न्यायालय संतुष्ट होगा।



