मोहम्मद इसराइल बबलू
बिलासपुर, 30 अक्टूबर 2025।
छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (CIMS), बिलासपुर ने चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में नया इतिहास रच दिया है। राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (NMC), नई दिल्ली ने संस्थान को शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए सात विषयों में नई पीजी (MD/MS) सीटों की स्वीकृति प्रदान की है।
इस स्वीकृति के बाद सिम्स की कुल सीटें 68 से बढ़कर 89 हो गई हैं, जो संस्थान के शैक्षणिक और चिकित्सीय विकास की दिशा में बड़ा कदम है।

सात विभागों को मिली नई सीटें
क्रमांकविषय (PG Course)पूर्व सीटेंनई स्वीकृतिकुल सीटें1MD – Radio Diagnosis0+332MD – Anaesthesiology4+483MD – Community Medicine1+454MD – Microbiology3+255MS – ENT2+246MS – Obstetrics & Gynaecology2+467MD – Paediatrics4+26
कुल वृद्धि: 68 से बढ़कर अब 89 सीटें
NMC की स्वीकृति का आधार
29 अक्टूबर 2025 को जारी Letter of Permission (एलओपी) के अनुसार, यह स्वीकृति संस्थान की शिक्षण गुणवत्ता, अधोसंरचना, मानव संसाधन, संकाय क्षमता और अस्पताल सेवाओं के विस्तृत मूल्यांकन के बाद दी गई है।
NMC की टीम ने सिम्स के एकेडमिक स्ट्रक्चर, हॉस्पिटल सर्विसेज और क्लिनिकल ट्रेनिंग सुविधाओं को उपयुक्त पाया।
अधिष्ठाता एवं प्रशासनिक अधिकारियों की प्रतिक्रिया
अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने कहा —
“यह सिम्स परिवार के लिए गर्व का क्षण है। नई सीटों की स्वीकृति से प्रदेश के विद्यार्थियों को उच्च चिकित्सा शिक्षा के अधिक अवसर मिलेंगे। यह उपलब्धि सभी विभागों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है।”
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह ने कहा —
“पीजी सीटों में वृद्धि से अस्पताल की शिक्षण और चिकित्सा सेवाएँ और सशक्त होंगी। इससे मरीजों को बेहतर उपचार मिलेगा और सिम्स की कार्यक्षमता में भी वृद्धि होगी।”
विभागाध्यक्षों की प्रतिक्रियाएँ: विशेषज्ञता को नई ऊर्जा
डॉ. संगीता जोगी (विभागाध्यक्ष, स्त्री एवं प्रसूति रोग)
“सीट वृद्धि से प्रसूति एवं स्त्री रोग सेवाओं को और मजबूती मिलेगी तथा शोध और प्रशिक्षण के नए अवसर खुलेंगे।”
डॉ. मधुमिता मूर्ति (विभागाध्यक्ष, एनेस्थीसिया)
“एनेस्थीसिया विभाग में सीट बढ़ना शिक्षण गुणवत्ता और ऑपरेशन थिएटर की विशेषज्ञता दोनों को ऊँचा करेगा।”
डॉ. रेखा बरापात्रे (विभागाध्यक्ष, माइक्रोबायोलॉजी)
“यह वृद्धि संक्रामक रोगों की जांच और अनुसंधान क्षमता को बढ़ाएगी, जिससे सार्वजनिक स्वास्थ्य लाभान्वित होगा।”
डॉ. हेमलता ठाकुर (विभागाध्यक्ष, कम्युनिटी मेडिसिन)
“अब अधिक प्रशिक्षित विशेषज्ञ ग्रामीण और शहरी स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान दे सकेंगे, जिससे सामुदायिक स्वास्थ्य को लाभ मिलेगा।”
डॉ. राकेश नहरेल (विभागाध्यक्ष, पीडियाट्रिक्स)
“सीट बढ़ने से बाल एवं नवजात चिकित्सा सेवाएँ और सशक्त होंगी, साथ ही युवा डॉक्टरों को उन्नत प्रशिक्षण मिलेगा।”
डॉ. विद्याभूषण साहू (प्रभारी विभागाध्यक्ष, ईएनटी)
“वृद्धि से शिक्षण, अनुसंधान और सेवा तीनों क्षेत्रों में हमारे विभाग की क्षमता कई गुना बढ़ेगी।”
डॉ. अर्चना सिंह (विभागाध्यक्ष, रेडियोलॉजी)
“रेडियोलॉजी में पहली बार सीट स्वीकृत होना सिम्स के इतिहास का विशेष क्षण है। इससे इमेजिंग और डायग्नोस्टिक सेवाओं में क्रांतिकारी सुधार होगा।”
प्रदेश के लिए सकारात्मक संकेत
PG सीटों की वृद्धि न केवल छात्रों को बेहतर शिक्षा और प्रशिक्षण देगी, बल्कि प्रदेश में चिकित्सा विशेषज्ञों की कमी को भी काफी हद तक पूरा करेगी।
सिम्स अब प्रदेश का ऐसा केंद्र बनता जा रहा है जो शिक्षा, सेवा और अनुसंधान — तीनों मोर्चों पर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहा है।
कुल PG सीटें: अब 89
7 विषयों में नई स्वीकृति
NMC ने 29 अक्टूबर 2025 को जारी किया एलओपी
छात्रों को मिलेगा उच्च प्रशिक्षण का अवसर
मरीजों को लाभ: बेहतर चिकित्सीय सेवाएँ और



