
बिलासपुर से उठी आवाज अब नेशनल कैंपस मूवमेंट में बदलती दिख रही है — अर्सलान अंसारी की संदिग्ध मौत ने खोली यूनिवर्सिटी सिस्टम की पोल
बिलासपुर | मोहम्मद इसराइल बबलू
गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय (GGU), बिलासपुर का माहौल इस वक्त बारूद की तरह सुलग रहा है। विवेकानंद हॉस्टल के छात्र अर्सलान अंसारी की संदिग्ध मौत ने न सिर्फ परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं, बल्कि छात्र संगठनों और प्रशासन के बीच तीखी जंग छेड़ दी है।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने इसे “प्रणाली की हत्या” बताते हुए उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच, मुआवजे, और दोषियों के निलंबन की मांग की है।
एक लापता छात्र, तालाब में मिली लाश, मौन विश्वविद्यालय और गुस्से से भरे युवा — बिलासपुर का जीजीयू इस वक्त सवालों के घेरे में है।
अर्सलान अंसारी की मौत ने न सिर्फ सुरक्षा तंत्र की नींव हिला दी, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही का ऐसा चेहरा दिखाया है, जिसने छात्र राजनीति को दिल्ली तक झकझोर दिया है।
घटना का सिलसिला — लापता से लाश तक
जीजीयू विवेकानंद हॉस्टल का छात्र अर्सलान अंसारी कुछ दिनों से लापता था।
जब परिजन और साथी छात्र ढूंढते रहे, तब भी वार्डन और सुरक्षा अधिकारी ने कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं की।
कुछ दिन बाद उसी छात्र का शव विश्वविद्यालय परिसर के भीतर तालाब से बरामद हुआ।
इस हादसे ने परिसर में दहशत फैला दी और सैकड़ों छात्रों ने सवाल उठाए —
“अगर परिसर सुरक्षित नहीं, तो विश्वविद्यालय का मतलब क्या है?”
ABVP का तीखा हमला — ‘सिर्फ मौत नहीं, सिस्टम की नाकामी है’




अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने इस घटना को प्रशासन की “संवेदनहीनता की पराकाष्ठा” बताया है।
ABVP जीजीयू इकाई अध्यक्ष तुषार साहू ने कहा —
“यह सिर्फ एक छात्र की मौत नहीं, बल्कि एक पूरी व्यवस्था की असफलता है। वार्डन, सुरक्षा अधिकारी और प्रशासन ने अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाई।”
परिषद की मांग है कि इस घटना की जांच रिटायर्ड जज, आईपीएस अधिकारी, अभिभावक प्रतिनिधि, और छात्र प्रतिनिधि से मिलकर गठित कमेटी करे।
साथ ही, विंग वार्डन, चीफ वार्डन और सुरक्षा अधिकारी को तत्काल निलंबित करने की मांग भी रखी गई है।
‘दिखावटी व्यवस्था में मेधावी छात्र की जान गई’
ABVP जीजीयू इकाई मंत्री प्रसून पाठक ने कहा —
“विश्वविद्यालय प्रशासन ने सिर्फ दिखावटी सुरक्षा का ढांचा खड़ा किया है। एक मेधावी छात्र अपनी जान गंवा बैठा, और अब तक किसी अधिकारी पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई।”
उपाध्यक्ष अविनाश का कहना है कि —
“विश्वविद्यालय परिसर में शव मिलना किसी आम बात की तरह नहीं लिया जा सकता। यह सीधे तौर पर सुरक्षा की पोल खोलता है।”
मुआवजे और पारदर्शी जांच की मांग
ABVP ने मृतक छात्र के परिजनों को उचित मुआवजा देने और जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की मांग की है।
उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो विश्वविद्यालय को “छात्र आंदोलन के तूफान” के लिए तैयार रहना चाहिए।
ABVP का धरना और ज्ञापन
केंद्र सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए ABVP ने कहा है कि इस घटना ने छात्र समुदाय का विश्वास हिला दिया है।
ज्ञापन में निम्न मांगें दर्ज की गईं —
रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में स्वतंत्र जांच समिति का गठन।
जिम्मेदार हॉस्टल अधिकारियों का तत्काल निलंबन।
मृतक छात्र के परिवार को आर्थिक और मनोवैज्ञानिक सहायता।
भविष्य में छात्र सुरक्षा के लिए 24×7 निगरानी प्रणाली।
फैक्ट फाइल : GGU मौत कांड
तथ्यविवरणमृतक छात्र का नामअर्सलान अंसारीस्थानविवेकानंद हॉस्टल, गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय (GGU), बिलासपुरघटनाछात्र की लाश विश्वविद्यालय तालाब में मिलीप्राथमिक प्रतिक्रियाविश्वविद्यालय प्रशासन की चुप्पी और देरीप्रमुख मांगउच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच और मुआवजाजिम्मेदार अधिकारीविंग वार्डन, चीफ वार्डन, सुरक्षा अधिकारीजांच की स्थितिअब तक स्पष्ट नहीं, रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं हुई
छात्रों में उबाल, प्रशासन मौन
घटना के बाद से छात्र संगठन, साथी विद्यार्थी और सोशल मीडिया पर न्याय की मांग तेज हो गई है।
“#JusticeForArsalan” ट्रेंड करने लगा है, जबकि विश्वविद्यालय प्रबंधन ने केवल एक औपचारिक बयान जारी कर अपनी जिम्मेदारी सीमित कर दी।
दिल्ली, हैदराबाद, बनारस तक गूंज
अर्सलान की मौत अब सिर्फ जीजीयू का मामला नहीं रही।
दिल्ली विश्वविद्यालय, हैदराबाद विश्वविद्यालय और बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के छात्र संगठनों ने भी एकजुटता का समर्थन संदेश जारी किया है।
यह वही परिदृश्य है जो राष्ट्रव्यापी छात्र आंदोलनों की शुरुआत करता है।
संवेदनशील सवाल जो अब भी बाकी हैं…
क्या अर्सलान की मौत हादसा थी या किसी लापरवाही का नतीजा?
जब छात्र लापता था, तब विश्वविद्यालय प्रशासन ने कार्रवाई क्यों नहीं की?
हॉस्टल की सुरक्षा प्रणाली किसके अधीन है, और क्या वह सिर्फ कागजों में चल रही थी?
क्या जांच समिति में बाहरी और स्वतंत्र सदस्य शामिल किए जाएंगे?
ये रहे मौजूद
इस मौके पर विशेष रूप से विभाग संयोजक हेमांशु कौशिक, महानगर मंत्री अतिंद्र दीवान और आराध्य तिवारी, जितेंद्र साहू शाश्वत शुक्ला,शानू वैष्णव राहुल,मानसी, राशि हिमांशु प्रधान समीर रश्मि मोहित राय एवं बिलासपुर महानगर के सभी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।



