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महाराजा अग्रसेन पर अमर्यादित टिप्पणी से उबाल — बिलासपुर में अग्रवाल समाज सड़कों पर, सरकार को दी उग्र आंदोलन की चेतावनी

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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अमित बघेल के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग — धार्मिक भावना भड़काने का आरोप, सिंधी समाज ने भी जताई कड़ी नाराज़गी
बिलासपुर, बुधवार 29 अक्टूबर।
बिलासपुर में सामाजिक माहौल उस समय गर्मा गया जब छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के अमित बघेल द्वारा महाराजा अग्रसेन जी के खिलाफ किए गए कथित अमर्यादित और अशोभनीय बयान को लेकर अग्रवाल समाज में भारी आक्रोश फूट पड़ा।
गुस्साए समाजजनों ने बुधवार को रैली निकालकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री तथा राज्यपाल के नाम ज्ञापन बिलासपुर कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को सौंपा।
ज्ञापन में समाज ने अमित बघेल के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज कर तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है।
“धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं” — अग्रवाल सभा अध्यक्ष शिव अग्रवाल
अग्रवाल सभा बिलासपुर के अध्यक्ष शिव अग्रवाल ने कहा कि,
“अमित बघेल ने जानबूझकर भगवान श्रीराम के वंशज और हमारे आराध्य महाराजा अग्रसेन जी के खिलाफ अभद्र टिप्पणी की है। यह कृत्य केवल अग्रवाल समाज ही नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ की सामाजिक एकता पर हमला है।”
उन्होंने कहा कि इसी व्यक्ति ने सिंधी समाज के आराध्य देवता, महापुरुष श्यामा प्रसाद मुखर्जी, और दीनदयाल उपाध्याय जैसे राष्ट्रनायकों के खिलाफ भी आपत्तिजनक टिप्पणियां की हैं — जो पूरी तरह सामाजिक वैमनस्य फैलाने की साजिश है।
“जन भावना भड़काने की धारा में तत्काल गिरफ्तारी की मांग”
अग्रवाल सभा के सचिव सुनील संथालिया ने कहा कि राज्य सरकार और जिला प्रशासन को ऐसे व्यक्ति के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।


उन्होंने बताया —
“महाराजा अग्रसेन जी पर भारत सरकार और राज्य सरकार द्वारा डाक टिकट जारी किया गया है। बिलासपुर में पुराना बस स्टैंड से अग्रसेन चौक तक सड़क का नाम उन्हीं के नाम पर है। ऐसे महापुरुष का अपमान असहनीय है।”
समाज ने प्रशासन से मांग की है कि धार्मिक भावना भड़काने और शांति व्यवस्था भंग करने की धारा में मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी की जाए।
“यदि कार्रवाई नहीं हुई तो उग्र आंदोलन होगा” — अग्रवाल सभा की चेतावनी
मीडिया प्रभारी मनीष अग्रवाल ने कहा कि अमित बघेल पहले भी सामाजिक भावनाओं को भड़काने वाले बयान देता रहा है।
“छत्तीसगढ़ शांति और भाईचारे की भूमि है। यदि इस तरह की गंदी राजनीति करने वालों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो समाज सड़कों पर उतरेगा और उग्र आंदोलन से प्रशासन को जवाब देगा।”
सिंधी समाज ने भी जताया विरोध
सिंधी समाज ने भी अपने आराध्य देवता पर की गई टिप्पणी को लेकर गहरी नाराज़गी जताई है और एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
समाज का कहना है कि इस तरह की बयानबाजी से प्रदेश में धार्मिक सद्भाव और सामाजिक एकता को चोट पहुँच रही है।
ज्ञापन सौंपने पहुंचे बड़ी संख्या में समाजजन
कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपने वालों में
शिवकुमार अग्रवाल, सुनील संथालिया, उमेश मुरारका, मनीष अग्रवाल, अंकुर अग्रवाल, संतोष अग्रवाल, चतुर्भुज अग्रवाल, जयप्रकाश मित्तल, राजेश अग्रवाल, मुकुंद अग्रवाल, कपिल जाजोदिया, श्याम सुंदर जाजोदिया, पवन अग्रवाल, विनोद मित्तल, सुमित अग्रवाल, अनिल अग्रवाल, विवेक अग्रवाल, अतुल बजाज, सुभाष अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में अग्रवाल समाज के सदस्य शामिल रहे।
समाज का संदेश स्पष्ट — “महापुरुषों के अपमान पर कोई समझौता नहीं”
अग्रवाल समाज ने कहा कि राज्य की सामाजिक एकता, धार्मिक सहिष्णुता और शांति को बनाए रखने के लिए ऐसे तत्वों पर सख्त कार्रवाई जरूरी है।
समाज ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो प्रदेशभर में व्यापक आंदोलन किया जाएगा।

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