बिलासपुर। Mohammed Israil Bablu
रात की साज़िश, दो मोटर साइकिल, लगातार चली गोलियाँ, और फिर पुलिस की बेतहाशा देख-रेख में पकड़ी गयी कड़ी — यह कोई आम फायरिंग नहीं, यह एक सुनियोजित हत्या की कोशिश थी जिसे बिलासपुर पुलिस ने बर्बरता से अंजाम देने वालों के खिलाफ तरक़्क़ी के साथ मोड़ा।




केस की सबसे तेज़ और डरावनी बातें
28/10/2025 शाम ~06:00 बजे मस्तुरी मेन रोड पर नितेश सिंह और उनके साथियों पर नियोजित गोलीबारी की गई — दो लोग घायल।
घटना के पीछे भूमि-लेनदेन/अतिक्रमण व राजनैतिक वर्चस्व का पुराना विवाद दर्शता है — प्रतिद्वंद्वी गुट ने जानलेवा षडयंत्र रचा।
पुलिस ने 29/10/2025 को ए.सी.सी.यू. (सायबर सेल) व थाना मस्तूरी की संयुक्त कार्रवाई में 07 आरोपियों की पहचान व गिरफ्तारी की — जिनमें दो किशोर हैं (कानूनी प्रक्रिया के तहत)।
आरोपियों के कब्जे से 2 देशी पिस्टल, 1 देशी कट्टा, मैगज़ीन, जिंदा कारतूस व चली हुई गोलियां बरामद हुईं — फोरेंसिक और बॉलिस्टिक जांच से घटना-प्रमाण मिलने की संभावना प्रबल।
शुरुआती इन्वेस्टिगेशन में यह भी संकेत मिला कि तारकेश्वर पाटले द्वारा आरोपियों को ₹1,00,000 नगद दिया गया — धन के स्रोत और वितरण का पूरा पैसा-ट्रेल पुलिस द्वारा खंगाला जा रहा है।
पुलिस की कार्रवाइयों — सीसीटीवी फुटेज (100+), मोबाइल-डाटा, और सायबर-ट्रेसिंग — ने सुनियोजित पहचान सुनिश्चित की; अब आगे फोरेंसिक रिपोर्ट, बैंक-ट्रेस व कानूनी कार्रवाई तय करेगी अपराधियों की सज़ा-योजना
(मिनट-दर-मिनट जल्दबाज़ी उजागर)
पूर्व पृष्ठभूमि: वर्षों से चल रहे जमीन के लेन-देन, अतिक्रमण और स्थानीय वर्चस्व की रंजिश — दोनों पक्षों ने पहले भी आपस में थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
25/10/2025: (पुलिस रिपोर्ट के हवाले) पहली हत्या-प्रयास की नियोजना हुई — प्लान सफल नहीं हुआ।
28/10/2025 — ~18:00 बजे: दो मोटरसाइकिलों पर सवार नकाबपोश हमलावर घटना स्थल पर पहुँचे; लक्ष्य के समूह पर सरेआम फायरिंग की गई। घटनास्थल पर मौजूद नितेश के साथी राजू सिंह और चन्द्रभान सिंह घायल हुए; प्राथमिक उपचार के लिए अपोलो अस्पताल भेजे गए।
28–29/10/2025 (रात): थाना व ए.सी.सी.यू. ने 100+ सीसीटीवी फुटेज एकत्रित कर सघन विश्लेषण शुरू किया; मोबाइल लोकेशन ऐनालिटिक्स और संभवतः इंटेल/राय की मदद से आरोपियों की पहचान तक पहुँच बनाई गई।
29/10/2025: संयुक्त पुलिस टीम ने आरोपियों को दबोचा; हथियार, कारतूस, मोबाइल और अन्य सबूत बरामद कर तफ्तीश आगे बढ़ाई। FIR: 736/25 (थाना मस्तूरी); धाराएँ: धारा 109, 3(5) B.N.S., आर्म्स एक्ट 25, 27।
गिरफ्तार आरोपियों का प्रोफाइल (प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार)
विश्वजीत अनंत — पिता स्व. बलराम अनंत, उम्र 29, ग्राम मोहतरा।
अरमान (बलमजीत) अनंत — पिता स्व. बलराम अनंत, उम्र 29, ग्राम मोहतरा।
चाहत (विक्रमजीत) — पिता स्व. बलराम अनन्त, उम्र 19, ग्राम मोहतरा।
मोहम्मद मुस्तिकीम (नफीस) — पिता मोह. मुख्तार, उम्र 29, भारतीय नगर, सिविल लाइन।
मोहम्मद मतीन (मोन्टु) — पिता मोह. मुख्तार, उम्र 22, अटल आवास, कोनी।
6–7. दो किशोर — कानूनी प्रक्रिया के तहत संलग्न।
(नोट: किशोरों का विवरण संवेदनशील होने के कारण रिपोर्टिंग में सीमित रखा गया है।)
बरामद सामग्री — क्या-क्या मिला और उसका अपराधशास्त्रीय महत्व
देशी पिस्टल — 2 (फोरेंसिक के लिए स्टार्टर आइटम; बॉलिस्टिक मेलिंग जरूरी)
देशी कट्टा — 1 (निकट फायर रेंज और परिजनों के बयान से सहमति मिल सकती है)
मैगज़ीन — 5, जिंदा कारतूस — 4, खाली खोखे — 13, चली हुई गोलियाँ — 10 (मामले की गंभीरता, संख्या और फायरिंग की लगातार प्रकृति पर प्रकाश डालते हैं)
मोबाइल फोन — 5 (आधुनिक इन्वेस्टिगेशन की रीढ़ — कॉल-लॉग, लोकेशन, व्हाट्सऐप/सोशल-डेटा, कनेक्शन मैप बेहद जरूरी)
तत्काल कार्यवाही के आदेश (अनुशंसित):
सभी बरामद हथियारों पर फोरेंसिक फिंगरप्रिंट/डीएनए जांच।
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