मो इसराइल बबलू
पार्ट 6
बिलासपुर, रायपुर | 16 अक्टूबर 2025छत्तीसगढ़ कांग्रेस का ‘संगठन सृजन अभियान’ अब अपने निर्णायक चरण में है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) द्वारा नियुक्त 17 पर्यवेक्षकों ने राज्य के 41 संगठन जिलों में अपना दौरा पूरा कर लिया है।इन पर्यवेक्षकों ने जिला और शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पदों के लिए आवेदन लिए, साथ ही कार्यकर्ताओं, व्यापारिक वर्गों और आम नागरिकों से संवाद कर संगठन की जमीनी स्थिति का आकलन किया।
अब इन आवेदनों की सूक्ष्म स्क्रूटनी प्रदेश स्तर पर चल रही है, जिसके बाद चयनित नामों की अंतिम सूची 24 अक्टूबर तक AICC को भेजी जाएगी।
चयन की कसौटी : संगठन, स्वच्छ छवि और जनस्वीकार्यता
पार्टी सूत्रों के अनुसार इस बार चयन के लिए तीन प्रमुख मानदंड तय किए गए हैं —
- संगठनात्मक निष्ठा और योगदान
- अपराधिक या विवादास्पद पृष्ठभूमि से मुक्त छवि
- स्थानीय स्तर पर जनस्वीकार्यता
कांग्रेस ने इस बार “नो लॉबिंग, नो सिफारिश” नीति अपनाने का दावा किया है।
हालांकि, संगठन के भीतर यह चर्चा भी जारी है कि क्या यह प्रयोग वास्तव में निष्पक्ष रूप से लागू हो पाएगा।
AICC को रिपोर्ट 24 अक्टूबर तक — नवंबर में नए अध्यक्षों की घोषणा संभव
सभी पर्यवेक्षक अपनी अंतिम रिपोर्ट 24 अक्टूबर तक AICC को सौंपेंगे।
इसके बाद छत्तीसगढ़ कांग्रेस के जिला और शहर अध्यक्षों की सूची संगठन विभाग द्वारा अंतिम रूप से स्वीकृत की जाएगी।
संकेत हैं कि औपचारिक ऐलान नवंबर के पहले सप्ताह में हो सकता है।
राजनीतिक संदर्भ : 2023 की हार के बाद संगठनात्मक पुनर्जागरण की कोशिश
2023 के विधानसभा चुनावों में हार के बाद कांग्रेस ने राज्य में अपनी संगठनात्मक संरचना को पुनर्जीवित करने का यह सबसे बड़ा अभियान शुरू किया।
राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि यह महज पुनर्गठन नहीं बल्कि “लीडरशिप रीबिल्डिंग एक्सरसाइज” है — जिसके जरिये पार्टी अगले चुनाव के लिए भरोसेमंद और जनाधारित चेहरों को तलाश रही है।
“यह केवल पद वितरण नहीं है, बल्कि कांग्रेस के भीतर अगली पीढ़ी के नेतृत्व की बुनियाद रखने की प्रक्रिया है,”
— एक वरिष्ठ विश्लेषक का कहना है।
अंदरूनी हलचल तेज, दावेदारों में उत्सुकता
राज्य के अधिकांश जिलों में अध्यक्ष पद के लिए कई प्रभावशाली दावेदार सामने आए हैं।
कई जिलों में पर्यवेक्षकों को 100 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं।
अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि किसकी सिफारिश नहीं, बल्कि किसका संगठनात्मक रिकॉर्ड भारी पड़ता है।
- अभियान : संगठन सृजन अभियान
- आरंभ : सितंबर 2025
- उद्देश्य : जिला एवं शहर कांग्रेस कमेटियों का पुनर्गठन
- प्रक्रिया : कार्यकर्ता, संगठन पदाधिकारी और नागरिकों से रायशुमारी
- पर्यवेक्षक : 17 (मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, झारखंड, ओडिशा, यूपी के वरिष्ठ नेता)
संगठन सृजन अभियान (छत्तीसगढ़ कांग्रेस)
पैरामीटर विवरण कुल पर्यवेक्षक 17 संगठन जिले 41 प्राप्त आवेदन 5000+ रिपोर्ट की अंतिम तिथि 24 अक्टूबर 2025 संभावित घोषणा तिथि नवंबर का प्रथम सप्ताह मुख्य मानदंड संगठनात्मक योगदान, स्वच्छ छवि, जनस्वीकार्यता।



