मो इसराइल बबलू
पार्ट 5
जिलाध्यक्ष चयन प्रक्रिया में लॉबिंग के आरोप, वरिष्ठ नेताओं की दावेदारी से बढ़ी हलचल
रायपुर/बिलासपुर।कांग्रेस संगठन को मज़बूत करने के लिए चलाया जा रहा ‘सृजन अभियान’ अब छत्तीसगढ़ में नई राजनीतिक हलचल पैदा कर रहा है। गुजरात से शुरू हुए इस अभियान का उद्देश्य पार्टी को जमीनी स्तर पर पुनर्गठित करना है, लेकिन जिलाध्यक्ष चयन प्रक्रिया में गुटबाजी और लॉबिंग के आरोप इसे विवादित बना रहे हैं।
रायपुर जिले में एनएसयूआई और यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने पर्यवेक्षक प्रफुल्ल गुडाधे को वॉट्सऐप पर पत्र भेजकर शिकायत की कि पूर्व मंत्री सत्यनारायण शर्मा के बेटे पंकज शर्मा और पूर्व विधायक विकास उपाध्याय द्वारा कांग्रेस भवन परिसर में कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों पर श्रीकुमार मेनन का समर्थन करने दबाव डाला जा रहा है।
शिकायत में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यह कार्रवाई पार्टी की सोच और निष्पक्ष चयन प्रक्रिया के खिलाफ है। कार्यकर्ताओं ने पर्यवेक्षक से अनुरोध किया कि दोनों नेताओं को कांग्रेस कार्यालय से दूर रखा जाए, अन्यथा यह चयन प्रक्रिया की निष्पक्षता पर असर डालेगा।
नेताओं और पर्यवेक्षक की प्रतिक्रिया
पंकज शर्मा ने कहा:
“कहीं कोई गुटबाजी नहीं है। हमारे पर्यवेक्षक इतने अनुभवी हैं कि किसी भी दबाव से ऊपर उठकर निष्पक्ष निर्णय ले सकते हैं।”
पर्यवेक्षक प्रफुल्ल गुडाधे ने बताया:
“हमने सभी कार्यकर्ताओं से चर्चा की है। निर्णय वही लिया जाएगा जो सर्वमान्य हो और संगठन की भावना के अनुरूप हो।”
बिलासपुर में शैलेश पांडे की दावेदारी ने बढ़ाई राजनीतिक गर्मी
बिलासपुर में पूर्व विधायक शैलेश पांडे की दावेदारी ने अन्य दावेदारों की बेचैनी बढ़ा दी है। इसकी वजह उनका हाई कमान तक मजबूत संपर्क माना जा रहा है। स्क्रीनिंग प्रक्रिया में पार्टी के खिलाफ काम करने वाले दावेदारों को बाहर करने की रणनीति भी चल रही है।
स्रोत बताते हैं कि पर्यवेक्षक के समक्ष कांग्रेस के पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने अपनी शिकायतें पहले ही गोपनीय रूप से जमा कर दी हैं, जिससे निष्पक्षता सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है।
‘सृजन अभियान’ की मुख्य बातें
बिंदु विवरण उद्देश्य कांग्रेस संगठन को पुनर्गठित कर जमीनी स्तर पर सक्रिय करना शुरुआत गुजरात से, अब छत्तीसगढ़ में जारी केंद्रबिंदु जिलाध्यक्ष, ब्लॉक अध्यक्ष और शहरी इकाइयों का चयन पर्यवेक्षक प्रणाली वरिष्ठ नेताओं को जिलों में भेजा गया, निष्पक्ष चयन सुनिश्चित करने हेतु
पुराने समीकरण अब भी मजबूत
कांग्रेस का सृजन अभियान संगठनात्मक सुधार और नए नेतृत्व को अवसर देने की कोशिश है। लेकिन रायपुर और बिलासपुर में सामने आए लॉबिंग और गुटबाजी के आरोप यह संकेत देते हैं कि पार्टी के भीतर पुराने समीकरण अभी भी मजबूत हैं।
विश्लेषक मानते हैं कि अगर कांग्रेस को वास्तविक पुनर्गठन करना है तो जिलास्तर पर निष्पक्षता और पारदर्शिता के सख्त कदम उठाने होंगे।
- पार्टी हाई कमान को यह सुनिश्चित करना होगा कि सर्वसम्मति और संगठन की भावना पर आधारित निर्णय ही लिए जाएं।
- कार्यकर्ताओं की भागीदारी और गोपनीय शिकायत प्रणाली को मजबूत बनाना होगा।
- राजनीतिक दबाव और लॉबिंग पर नियंत्रण से ही अभियान का मूल उद्देश्य पूरा हो सकेगा।



