मो इसराइल बबलू
– यूपी, बनारस, इलाहाबाद तक फैला था ‘सोशल मीडिया गैंगस्टर गिरोह’, बिलासपुर पुलिस ने किया ध्वस्त
बिलासपुर | विशेष रिपोर्ट
हथियार लहराकर सोशल मीडिया पर डर फैलाने वालों के खिलाफ बिलासपुर पुलिस का शिकंजा और कस गया है। पुलिस ने लुट्टू पांडेय गैंग के पांच कुख्यात सदस्यों — लुट्टू पांडेय, शिवम मिश्रा, लक्की यादव, शैलेश चौबे और शंभू यादव — को गिरफ्तार कर लिया है।
इनके कब्जे से रिवॉल्वर, एयर गन, चाकू, बेसबॉल स्टिक और लुट्टू पांडेय की बुलेट बाइक जब्त की गई है।
ये सभी आरोपी सोशल मीडिया पर हथियार लहराकर, धमकी देकर और डर का माहौल बनाकर खुद को “डॉन” के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहे थे।

‘डर का माहौल बनाने वालों’ पर पुलिस का सटीक वार
एसपी राजनेश सिंह और सीएसपी निमितेश सिंह के नेतृत्व में पुलिस की विशेष टीम ने इन पर लंबे समय से नज़र रखी हुई थी।
जानकारी के अनुसार, आरोपी पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर, बनारस और इलाहाबाद में लगातार छिपते रहे। पुलिस की टीम ने तकनीकी और स्थानीय इनपुट के आधार पर इनकी लोकेशन ट्रैक की और अंततः रतनपुर क्षेत्र के पास घेराबंदी कर सभी को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपियों पर दर्ज गंभीर अपराध
अप.क्र. 1100/2025 — धारा 296, 331, 324(4), 351(2), 191(2) बीएनएस
अप.क्र. 1199/2025 — धारा 296, 115(2), 351(2), 3(5), 49, 111 बीएनएस, 25, 27 आर्म्स एक्ट
अप.क्र. 1227/2025 — धारा 21, 22, 29 एनडीपीएस एक्ट
इन धाराओं में घर में घुसकर हमला करना, चाकू से वार, नशे के कारोबार में संलिप्तता और समाज में भय फैलाने जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं।
पुलिस ने स्पष्ट किया कि —
“इन पर संगठित अपराध की धारा जोड़ी जा रही है और इनके अवैध संपत्ति की जप्ती प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है।”
🚨 एक और कार्रवाई — ‘लुट्टू कनेक्शन’ से पकड़ी पिस्तौल
कार्रवाई की श्रृंखला यहीं नहीं रुकी।
सीएसपी निमितेश सिंह ने बताया कि लुट्टू पांडेय से पूछताछ के आधार पर पुलिस ने थाना सिविल लाइन क्षेत्र में छापा मारकर एक और पिस्तौल बरामद की है।
यह हथियार उसके साथियों अविनाश बोरकर उर्फ दद्दू और सुमित महाजन के कब्जे से मिला। दोनों को गिरफ्तार कर आर्म्स एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर लिया गया है।
बिलासपुर पुलिस का बयान
“सोशल मीडिया पर हथियार लहराना, धमकी देना और डॉन बनना अपराध है। ऐसे किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। बिलासपुर पुलिस का शिकंजा अब पहले से भी ज्यादा मजबूत है।”
— निमितेश सिंह, सीएसपी बिलासपुर
एसपी राजनेश सिंह का सख्त संदेश
“जिन्हें गुंडागर्दी का शौक है, वे मेहनत करके अपने परिवार के लिए उपयोगी बनें।
वरना जेल की सलाखें ही उनकी ज़िंदगी बन जाएंगी। डॉन बनने की चाहत उन्हें बर्बाद कर देगी।”
बिलासपुर पुलिस की ‘स्मार्ट ट्रैकिंग ऑपरेशन’
तीन राज्यों में लगातार बदलते लोकेशन को ट्रैक किया गया
तकनीकी इनपुट और सोशल मीडिया फुटप्रिंट से पहचान हुई पुख्ता
मिर्जापुर से बनारस होते हुए रतनपुर में किया गया गिरफ्तारी ऑपरेशन
आरोपियों की संपत्ति की जप्ती व गिरोह के अन्य सदस्यों पर नज़र जारी
समाज के लिए संदेश
यह कार्रवाई सिर्फ गिरफ्तारी नहीं — एक संदेश है कि
“जो भी सोशल मीडिया पर अपराध का प्रदर्शन करेगा, उसे कानून के दायरे में लाया जाएगा।”
बिलासपुर पुलिस अब ऐसे हर डिजिटल अपराधी को “रील नहीं, रील की सज़ा” दिखाने के मूड में है।



