मो इसराइल बबलू
बिलासपुर।खमतराई के पटवारी रमेश कुमार वैष्णव के निलंबन के बाद अब मामला तूल पकड़ता जा रहा है।छत्तीसगढ़ पटवारी एसोसिएशन ने इसे “बिना नोटिस और पक्ष सुने की गई गलत कार्रवाई” बताते हुए सख्त नाराजगी जाहिर की है। एसोसिएशन ने साफ कहा है कि अगर निलंबन बिना शर्त वापस नहीं लिया गया, तो प्रदेशभर के पटवारी हड़ताल पर जाने को बाध्य होंगे।
एसडीएम की बैठक में हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को एसडीएम कार्यालय में एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में खमतराई पटवारी रमेश वैष्णव डेढ़ घंटे की देरी से पहुंचे।
जब एसडीएम ने देरी का कारण पूछा तो वैष्णव ने जवाब दिया — “नहीं बताऊंगा, जो करना है कर लो।”
इस अभद्र जवाब को गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए एसडीएम ने तत्काल प्रभाव से उन्हें निलंबित कर दिया।
🔸 पद: पटवारी, खमतराई
🔸 कार्रवाई: तत्काल निलंबन
🔸 कारण: एसडीएम से दुर्व्यवहार, बैठक में देरी
🔸 प्रतिक्रिया: एसोसिएशन ने कहा – “बिना नोटिस, गलत फैसला”
🔸 अगला कदम: बगैर शर्त निलंबन वापसी नहीं तो हड़ताल
एसोसिएशन ने बताया जल्दबाजी में लिया गया फैसला
छग पटवारी एसोसिएशन के प्रदेश संयोजक बी.एस. राजपूत ने कहा कि यह कार्रवाई एकतरफा और अनुचित है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में पटवारियों पर एग्रीस्टेक, गिरदावरी सत्यापन, एसआईआर रिपोर्ट और भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण जैसे पांच से छह कार्य एक साथ चल रहे हैं, जिससे वर्कलोड अत्यधिक बढ़ गया है।
“ऐसे में यदि किसी पटवारी से मीटिंग में थोड़ी देर हो गई तो उसे निलंबित करना तानाशाहीपूर्ण रवैया है। ग्रुप में भेजे गए संदेश को देर से देख लेना अपराध नहीं हो सकता।” — बी.एस. राजपूत, प्रदेश संयोजक, पटवारी एसोसिएशन
🔹 निलंबन नहीं हटाया तो हड़ताल तय
एसोसिएशन ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि अगर निलंबन बिना शर्त वापस नहीं लिया गया तो राज्यव्यापी हड़ताल की जाएगी।
एसोसिएशन का कहना है कि शासन और प्रशासन को यह समझना चाहिए कि पटवारी वर्तमान में राजस्व कार्यों की रीढ़ हैं और ऐसे समय में उनके मनोबल को तोड़ना प्रशासनिक नुकसान का कारण बनेगा।
बढ़ते वर्कलोड पर पटवारियों का दर्द
एसोसिएशन ने कहा कि पटवारी इन दिनों खेतों में गिरदावरी, एग्रीस्टेक ऐप में डेटा एंट्री, नामांतरण, सीमांकन, भू-अभिलेख सत्यापन जैसे कार्यों में लगातार दबाव में हैं।
“हर दिन कई ग्रामों में रिपोर्टिंग करनी पड़ रही है, इस बीच बगैर किसी कारण सुनवाई के निलंबन कार्रवाई उचित नहीं है।”
प्रशासन बनाम एसोसिएशन — टकराव की स्थिति
एक ओर प्रशासनिक अफसर इसे “शासन अनुशासन बनाए रखने की कार्रवाई” बता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पटवारी एसोसिएशन इसे “मानसिक दबाव और मनमानी” करार दे रहा है।
अगर निलंबन आदेश वापस नहीं लिया गया तो आने वाले दिनों में बिलासपुर समेत पूरे संभाग में राजस्व कार्य ठप होने की आशंका जताई जा रही है।



