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छत्तीसगढ़ के बिलासपुरमें 104 क्विंटल अवैध धान जब्त, तीन दुकानदारों पर कार्रवाई

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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00 धान खरीदी शुरू होते ही गड़बड़ी करने वाले हुए सक्रिय

बिलासपुर।
अवैध धान भंडारण और कारोबार पर शिकंजा कसते हुए जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर के निर्देश पर खाद्य विभाग की टीम ने छापेमारी कर कुल 104 क्विंटल धान जब्त किया। यह कार्रवाई गनियारी, सकरी और किरारी गांव में की गई, जहां तीन अलग-अलग स्थानों से यह धान बरामद हुआ।

कैसे हुई कार्रवाई?

जिला कलेक्टर के निर्देशन में खाद्य विभाग की विशेष टीम ने अवैध भंडारण और मंडी अधिनियम के उल्लंघन के मामलों की जांच शुरू की। जांच में पाया गया कि कई दुकानदार और व्यापारी बिना लाइसेंस और अनुमति के बड़ी मात्रा में धान का संग्रहण कर रहे थे।

कहां-कहां से बरामद हुआ धान?

1. जायसवाल किराना एवं जनरल स्टोर, गनियारी:
गनियारी क्षेत्र में जायसवाल किराना एवं जनरल स्टोर से 30 क्विंटल धान जब्त किया गया। दुकान के मालिक सरजू जायसवाल इस अवैध कारोबार में शामिल पाए गए।

2. सकरी, दुलीचंद पवन अग्रवाल:
सकरी में दुलीचंद पवन अग्रवाल, जो धान की ट्रेडिंग का काम करते हैं, के यहां से 20 क्विंटल अवैध धान बरामद हुआ।

3. किरारी गांव के कोचिया और फुटकर व्यापारी:
किरारी गांव में दो कोचिया और फुटकर व्यापारियों से 54 क्विंटल धान जब्त किया गया। यह धान बिना किसी वैध अनुमति के जमा किया गया था।

कानूनी कार्रवाई

सभी दोषियों के खिलाफ मंडी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। यह अधिनियम किसानों और कृषि उत्पादों के सही संचालन के लिए लागू किया गया है। प्रशासन का कहना है कि इस तरह के अवैध भंडारण से मंडी प्रक्रिया और किसानों को नुकसान होता है।

प्रशासन की चेतावनी

जिला प्रशासन ने सख्त चेतावनी जारी की है कि जो भी व्यापारी या दुकानदार अवैध रूप से धान या किसी अन्य कृषि उत्पाद का संग्रहण करते हुए पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

कलेक्टर का बयान

कलेक्टर ने कहा, “यह कार्रवाई उन व्यापारियों के खिलाफ है जो कृषि क्षेत्र में भ्रष्टाचार और गड़बड़ी फैलाते हैं। इससे यह सुनिश्चित होगा कि किसानों को उनके उत्पाद का सही मूल्य मिले और मंडी प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे।

लोगों ने किया समर्थन

इस कार्रवाई को लेकर स्थानीय किसानों और जनता ने प्रशासन का समर्थन किया है। उनका कहना है कि अवैध भंडारण के खिलाफ सख्त कार्रवाई होने से किसानों के अधिकार सुरक्षित रहेंगे।

इस घटना ने न केवल जिले में व्यापारियों के बीच खलबली मचाई है, बल्कि अन्य जिलों में भी प्रशासन को इस प्रकार की कार्रवाई करने के लिए प्रेरित किया है।

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