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सिम्स में डॉक्टर से असामाजिक तत्वों ने की अभद्रता पर मचा बवाल — आधी रात की घटना के बाद प्रशासन सख्त

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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मो इसराइल बबलू

आपात बैठक में तय हुए कड़े फैसले, ट्रॉमा वार्ड में बढ़ाई गई सुरक्षा, पुलिस-प्रबंधन की संयुक्त निगरानी शुरू
बिलासपुर, 5 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) में शनिवार देर रात डॉक्टर के साथ असामाजिक तत्वों की बदसलूकी ने चिकित्सा समुदाय को झकझोर दिया। यह घटना 4 और 5 अक्टूबर की मध्यरात्रि में घटी, जब कुछ बाहरी युवकों ने ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक के साथ दुर्व्यवहार किया।


घटना की जानकारी मिलते ही सिम्स प्रशासन हरकत में आ गया और अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति तथा चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह ने देर रात ही आपात बैठक बुलाकर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की।
बैठक में यह साफ कर दिया गया कि संस्थान में अब किसी भी स्तर पर अव्यवस्था या चिकित्सक के साथ दुर्व्यवहार बर्दाश्त नही 1
आपात बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णय
ट्रॉमा और आपात वार्ड में सुरक्षा कर्मियों की संख्या दोगुनी की गई।
पुलिस प्रशासन के साथ सीधा समन्वय तंत्र तैयार किया गया — किसी भी घटना पर तुरंत सूचना दी जाएगी।
संस्थान के सभी प्रमुख बिंदुओं पर नया CCTV नेटवर्क और अतिरिक्त लाइटिंग व्यवस्था लगाने के निर्देश दिए गए।
सभी गार्डों को बेटन और सुरक्षा उपकरणों से लैस किया जाएगा।
पार्किंग व्यवस्था में लापरवाही पर ठेकेदार को चेतावनी, गड़बड़ी मिलने पर अनुबंध समाप्त करने की चेतावनी दी गई।
शराब सेवन कर आने वाले संदिग्ध व्यक्तियों की अल्कोहल मीटर से जांच की जाएगी।
पुलिस चौकी और सिम्स प्रबंधन की संयुक्त मॉनिटरिंग समिति बनाई गई है, जो हर सप्ताह सुरक्षा रिपोर्ट तैयार करेगी।
डॉक्टरों में रोष, पुलिस ने दिए ठोस कार्रवाई के संकेत
घटना के बाद सिम्स के जूनियर डॉक्टर संघ के अध्यक्ष डॉ. नागेंद्र साहू अपनी टीम के साथ सीएसपी गगन कुमार से मिले। उन्होंने डॉक्टरों की सुरक्षा और बढ़ते दुर्व्यवहार के मामलों को लेकर चिंता जताई।
सीएसपी गगन कुमार ने उन्हें आश्वस्त किया कि पुलिस अब से “शून्य सहनशीलता नीति” के तहत कार्य करेगी और अस्पताल परिसर में पुलिस की गश्त बढ़ाई

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सुरक्षा बढ़ाने के लिए बनाए गए नए प्रोटोकॉल
हर ट्रॉमा कॉल के साथ सुरक्षा गार्ड की उपस्थिति अनिवार्य।
रात की शिफ्ट में दो पुलिसकर्मी और एक हेड कॉन्स्टेबल की ड्यूटी निश्चित।
सभी प्रवेश द्वारों पर 24 घंटे सीसीटीवी निगरानी।
मरीज और परिजनों के लिए पहचान कार्ड प्रणाली लागू करने पर विचार।
इमरजेंसी ब्लॉक में अलग गार्ड पॉइंट स्थापित करने का निर्णय।
सिम्स प्रशासन ने दी सख्त चेतावनी
अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने कहा कि संस्थान में आने वाले हर व्यक्ति से अनुशासन और मर्यादा की अपेक्षा की जाती है।
उन्होंने कहा — “डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी मरीजों की सेवा में दिन-रात तत्पर रहते हैं। उनके साथ किसी भी तरह का अव्यवहार गंभीर अपराध है और प्रशासन इसे बर्दाश्त नहीं करेगा।”
सिम्स के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह ने भी स्पष्ट किया कि अब हर शिकायत पर तुरंत कार्रवाई होगी और सुरक्षा की निगरानी प्रतिदिन रिपोर्टिंग सिस्टम के माध्यम से की जाएगी।

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घटना में शामिल रहे अधिकारी
डॉ. रमणेश मूर्ति — अधिष्ठाता, सिम्स
डॉ. लखन सिंह — चिकित्सा अधीक्षक
डॉ. नागेंद्र साहू — अध्यक्ष, जूनियर डॉक्टर संघ
सीएसपी गगन कुमार — पुलिस
डी.आर. मरकाम — चौकी प्रभारी, सिम्स
कांस्टेबल दुबे — ड्यूटी पर मौजूद सुरक्षा कर्मी
डॉक्टरों ने जताया आक्रोश, सुरक्षा के प्रति जताई उम्मीद
जूनियर डॉक्टरों ने कहा कि यह घटना केवल एक व्यक्ति के साथ दुर्व्यवहार नहीं, बल्कि पूरे चिकित्सा तंत्र पर हमला है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अब प्रशासन की सख्ती से ऐसे तत्वों को अस्पताल में घुसने से पहले ही रोक दिया जाएगा।

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