मो इसराइल बबलू
महंगाई, बिजली कटौती और स्मार्ट मीटर की लूट पर फूटा गुस्सा — कांग्रेस बोली, “जनता से बिजली छीनी जा रही, उद्योगपतियों को छूट दी जा रही”
बिलासपुर।
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर शहर और ग्रामीण जिला कांग्रेस कमेटी ने कल 6 अक्टूबर को बिजली कार्यालय तिफरा का घेराव व तालाबंदी करने का निर्णय लिया है। कांग्रेस का आरोप है कि प्रदेश में बिजली बिलों में बेतहाशा वृद्धि, लगातार कटौती और भूपेश सरकार की 400 यूनिट तक हाफ बिजली बिल योजना को समाप्त करना सीधे-सीधे जनता के साथ अन्याय है।
कांग्रेस ने कहा है कि राज्य में जल, जंगल और जमीन के साथ-साथ अब बिजली भी उद्योगपतियों के कब्जे में चली गई है।शहर कांग्रेस अध्यक्ष विजय पांण्डेय और ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष विजय केशरवानी ने आरोप लगाया कि
“छत्तीसगढ़ की जनता को बढ़े हुए बिल, कटौती और स्मार्ट मीटर की लूट मिल रही है, जबकि उद्योगपति सस्ते बिजली अनुबंध का लाभ उठा रहे हैं। विष्णुदेव साय आदिवासी होते हुए भी आदिवासियों की रक्षा नहीं कर पा रहे, राज्य का संचालन उद्योगपतियों के इशारे पर हो रहा है।”
दोनों नेताओं ने कहा कि अब हर घर में 9 या 12 वॉट का बल्ब जल रहा है, लेकिन बिल खपत से तीन गुना ज्यादा आ रहा है। शिकायत करने पर कोई सुनवाई नहीं होती। “स्मार्ट मीटर बिजली बंद होने के बाद भी 15 मिनट तक चलता रहता है, यह सीधे जनता से लूट है,” उन्होंने कहा।
उन्होंने बताया कि सभी कांग्रेसजन दोपहर 12 बजे कांग्रेस भवन में एकत्रित होकर तिफरा बिजली कार्यालय का घेराव करेंगे।
इस आंदोलन में विधायक, पूर्व सांसद, ब्लॉक कांग्रेस, महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस, एनएसयूआई सहित सभी संगठन शामिल होंगे।
“यह सिर्फ आंदोलन नहीं, जनता की आवाज़ है, अब और चुप नहीं रहा जाएगा।” — जावेद मेमन
:छत्तीसगढ़ में बिजली दरों की स्थिति (2025-26)
श्रेणी दर वृद्धि नई दर (₹/यूनिट) स्रोत औसत वृद्धि 1.89% ₹7.02 छ.ग. विद्युत नियामक आयोग घरेलू उपभोक्ता 10–20 पैसे वृद्धि ₹6.80–₹7.00 दैनिक जागरण वाणिज्यिक उपभोक्ता 25 पैसे वृद्धि ₹7.25–₹7.50 मर्कम इंडिया पिछली वृद्धि (2024) 8.35% ₹6.89 इकोनॉमिक टाइम्स
कांग्रेस का आरोप: सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं को बिजली महंगी दी और उद्योगपतियों को रियायतें दीं।
2: बिजली गुल और स्मार्ट मीटर की ‘समस्या’
- बिलासपुर सहित कई जिलों में रोजाना 3–4 घंटे की बिजली कटौती।
- कम वोल्टेज से मोटर, कूलर और फ्रिज जलने की शिकायतें बढ़ीं।
- स्मार्ट मीटर बिजली बंद होने के बाद भी रीडिंग बढ़ाते हैं, उपभोक्ता बोले “ये तकनीक नहीं ठगी है।”
- शिकायतों पर बिल मर्ज करने की बात कहकर उपभोक्ताओं को लटकाया जाता है।
3: उद्योगपतियों की स्थिति और जनता की मार
- राज्य के 200 से अधिक छोटे स्टील प्लांट बंद, बिजली दर बढ़ने से घाटा बढ़ा।
- बड़े उद्योगपतियों को सस्ती बिजली और सब्सिडी की सुविधा मिली।
- कांग्रेस का आरोप — “सरकार ने उद्योगों को राहत और जनता को सज़ा दी।”
- भूपेश सरकार की हाफ बिजली योजना खत्म होने से गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों की जेब पर अतिरिक्त बोझ।
अपील (Call to Action):
जिला कांग्रेस कमेटी ने सभी पदाधिकारियों, पार्षदों, पूर्व जनप्रतिनिधियों, ब्लॉक कांग्रेस, महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस, एनएसयूआई, आईटी सेल, किसान कांग्रेस सहित सभी अनुषांगिक संगठनों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में तिफरा बिजली कार्यालय पहुंचकर जनविरोधी नीतियों के खिलाफ आवाज उठाएं।



