मो इसराइल
बिलासपुर। बिरनपुर कांड पर सीबीआई की चार्जशीट दाखिल होने के बाद राजनीति फिर गरमा गई है। पिछड़ा वर्ग आयोग के पूर्व अध्यक्ष थानेश्वर साहू ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि “भाजपा ने बिरनपुर की घटना को सांप्रदायिक रंग देकर राजनीतिक लाभ उठाने की साजिश की थी।” उन्होंने कहा कि सीबीआई की जांच रिपोर्ट ने साफ कर दिया है कि यह मामला किसी राजनीतिक षड्यंत्र का परिणाम नहीं था, बल्कि दो बच्चों के झगड़े से उपजा विवाद था जो धीरे-धीरे दो समुदायों के बीच हिंसा में बदल गया।
थानेश्वर साहू ने प्रेस वार्ता में कहा कि सीबीआई की चार्जशीट ने भाजपा के झूठ को उजागर कर दिया है। भाजपा ने उस समय कांग्रेस सरकार पर तुष्टिकरण का मनगढ़ंत आरोप लगाकर प्रदेश की जनता को गुमराह किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने विधानसभा चुनाव के दौरान इस घटना को सांप्रदायिक और जातीय रूप देकर वोटों की राजनीति की।
साहू ने कहा, “तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष और वर्तमान डिप्टी सीएम अरुण साव ने बिरनपुर पहुंचकर माहौल को भड़काने का काम किया था। उनके सामने ही आगजनी हुई और उन्होंने उकसाने वाले भाषण दिए। भाजपा ने मृतक भुनेश्वर के पिता ईश्वर साहू को टिकट देकर सहानुभूति बटोरने की कोशिश की, जबकि सीबीआई जांच ने साफ कर दिया कि कांग्रेस सरकार की कार्रवाई उस समय पूरी तरह सही थी।”
उन्होंने यह भी कहा कि सीबीआई चार्जशीट में अंजोर यदु का नाम तक नहीं है, जबकि भाजपा ने उसी के नाम पर झूठ फैलाया। “यह स्पष्ट हो गया है कि बिरनपुर कांड भाजपा की सोची-समझी राजनीतिक साजिश थी, जिसका नुकसान कांग्रेस को उठाना पड़ा।”
थानेश्वर साहू ने मांग की कि ईश्वर साहू और उपमुख्यमंत्री अरुण साव अपने पद से इस्तीफा दें और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छत्तीसगढ़ की जनता से माफी मांगें।
क्या कहा थानेश्वर साहू ने
- बिरनपुर कांड दो बच्चों के झगड़े से शुरू हुआ, राजनीतिक षड्यंत्र नहीं।
- भाजपा ने सांप्रदायिक रंग देकर चुनावी लाभ उठाया।
- सीबीआई चार्जशीट में अंजोर यदु का नाम नहीं।
- कांग्रेस सरकार की कार्रवाई सही साबित हुई।
- ईश्वर साहू और डिप्टी सीएम अरुण साव दें इस्तीफा, अमित शाह मांगें माफी।



