Mohammed israil
बिलासपुर। जिले में नशे के कारोबार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए एनडीपीएस कोर्ट ने कुल 10 आरोपियों को कठोर कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है। इन प्रकरणों में उत्कृष्ट विवेचना कर आरोपियों को सजा दिलाने वाले पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) श्री राजनेश सिंह ने सम्मानित किया। यह उपलब्धि बिलासपुर पुलिस के लिए न केवल गर्व का विषय है बल्कि समाज में नशे के खिलाफ सशक्त संदेश भी है।






10 आरोपी दोषी साबित, कठोर कारावास की सजा
माननीय विशेष न्यायाधीश, एनडीपीएस कोर्ट द्वारा प्रकरणों के विचारण उपरांत आरोपियों को निम्नानुसार दंडित किया गया—
- अजीत साहू पिता श्याम साहू, निवासी गढ़ी, थाना कोतमा, जिला अनुपपुर (म.प्र.) → 15 वर्ष कठोर कारावास
- घनश्याम साहू पिता रामभजन साहू, निवासी गढ़ी, थाना कोतमा, जिला अनुपपुर (म.प्र.) → 15 वर्ष कठोर कारावास
- जोगनी कुर्रे पति छन्नू कुर्रे, निवासी मिनीबस्ती जरहाभाठा, थाना सिविल लाइन → 15 वर्ष कठोर कारावास
- अक्षय कुर्रे पिता छन्नू कुर्रे, निवासी मिनीबस्ती जरहाभाठा, थाना सिविल लाइन → 15 वर्ष कठोर कारावास
- मनीषा टंडन, निवासी मिनीबस्ती जरहाभाठा, थाना सिविल लाइन → 15 वर्ष कठोर कारावास
- प्रमोद ध्रुव पिता मेहत्तर ध्रुव, निवासी मगरपारा, थाना सिविल लाइन → 4 वर्ष कठोर कारावास
- छोटू उर्फ अख्तर पिता नूर अली, निवासी बॉम्बे आवास बंधवापारा, थाना सरकंडा → 10 वर्ष कठोर कारावास
- मोहम्मद जाहिद पिता मोह. सोहेल, निवासी तालापारा, थाना सिविल लाइन → 15 वर्ष कठोर कारावास
- अजय वर्मा पिता रामरतन वर्मा, निवासी सीपत, थाना सीपत → 4 वर्ष कठोर कारावास
- मुकेश साहू पिता कमलेश साहू, निवासी कोटा, थाना कोटा → 4 वर्ष कठोर कारावास
उत्कृष्ट विवेचकों को मिला सम्मान
इन मामलों में विवेचना कर आरोपियों को दोषी साबित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले अधिकारी एवं कर्मचारियों—
- उपनिरीक्षक अमृत साहू
- उपनिरीक्षक अवधेश सिंह
- सहायक उपनिरीक्षक चन्द्रकांत डहरिया
- सहायक उपनिरीक्षक राजेशधर दीवान
- आरक्षक मनोज साहू
- आरक्षक बृजनंदन साहू
को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री राजनेश सिंह द्वारा थाना सिविल लाइन परिसर में प्रशस्ति पत्र और मोमेंटो प्रदान कर सम्मानित किया गया।
एसएसपी का निर्देश
सम्मान समारोह के दौरान एसएसपी श्री सिंह ने अधिकारियों की सराहना करते हुए कहा कि यह कार्य पुलिस विभाग के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने निर्देशित किया कि इन प्रशस्तियों को संबंधित विवेचकों की सर्विस बुक में अंकित किया जाए, ताकि उनकी उपलब्धि स्थायी रूप से दर्ज हो सके।
बिलासपुर पुलिस की पहल का असर
यह कार्रवाई साबित करती है कि बिलासपुर पुलिस नशे के कारोबारियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाए हुए है। कठोर सजा और पुलिस अधिकारियों का सम्मान दोनों ही समाज को यह संदेश देते हैं कि नशे के अवैध कारोबार को बख्शा नहीं जाएगा और ईमानदारी से काम करने वालों को सम्मान अवश्य मिलेगा।



