00 धान कटाई के बाद इस तरह के मामलों में आती है तेजी
00 प्रशासन और पुलिस को चिंता ही नहीं
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में इन दोनों धान की कटाई का काम तेजी से चल रहा है इसके साथ ही अन्नदाताओं से प्रदेश में धान की खरीदी भी शुरू हो गई है। इस दौरान ही ग्रामीण इलाकों में जमीन की खरीदी बिक्री के नाम पर ठगी करने वालों की सक्रियता तेज हो जाती है। इस तरह की वारदातें लगातार हो रही हैं। इसके बाद भी जिला एवं पुलिस प्रशासन का रवैया ढुलमुल ही है। बिलासपुर जिले के सीपत थाना क्षेत्र में एक पुराने मामले में जमीन बिक्री के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
थाना सीपत, जिला बिलासपुर (छत्तीसगढ़) में तीन आरोपियों ने एक ही जमीन को अलग-अलग व्यक्तियों को बेचने का झांसा देकर लगभग 69.06 लाख रुपये ठग लिए। गिरफ्तार आरोपियों में अभिषेक साहू, अरविंद साहू, और अहिल्या बाई साहू शामिल हैं। इन पर जमीन की फर्जी बिक्री के नाम पर अनुबंध कर लोगों से रकम ऐंठने का आरोप है।
00 क्या था ठगी का तरीका:
जमीन की फर्जी रजिस्ट्री या इकरारनामा बनाकर लोगों को जमीन बेचने का वादा किया।
रकम लेने के बाद फरार हो गए।
जांच में पता चला कि जमीन पहले ही कई अन्य लोगों को बेची जा चुकी थी।
पुलिस की कार्रवाई:
पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश पर विशेष टीम गठित कर सायबर सेल की मदद से आरोपियों को बलौदाबाजार से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार किया।
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कैसे रहे सावधान
ठगी से बचने के लिए इन बातों का ध्यान रखें:
1. जमीन के कागजात की जांच:
जमीन की मूल रजिस्ट्री, खसरा नंबर, और मालिकाना हक की जांच कराएं।
भू-अभिलेख कार्यालय (Patwari) से कागजात की पुष्टि करें।
2. पंजीकृत अनुबंध:
किसी भी भूमि सौदे के लिए अनुबंध नोटरीकृत या पंजीकृत होना चाहिए।
बिना जांच किए कोई रकम अग्रिम न दें।
3. भूमि का इतिहास जानें:
जांचें कि जमीन पहले किसी और को बेची गई है या नहीं।
बैंक से संबंधित कर्ज का विवरण भी देखें।
4. कानूनी सलाह:
जमीन खरीदने से पहले कानूनी विशेषज्ञ की राय लें।
5. संदिग्ध व्यक्तियों से सतर्क रहें:
यदि कोई व्यक्ति जमीन बेहद कम दाम पर बेचने का प्रस्ताव दे, तो सतर्क हो जाएं।
गुमराह करने वाले विज्ञापनों से बचें।
—00 ठगों से सतर्क रहना ही सबसे बड़ा बचाव है। अपनी मेहनत की कमाई को सुरक्षित रखने के लिए हर दस्तावेज को भली-भांति जांचें और किसी भी अनजान व्यक्ति पर तुरंत भरोसा न करें।
सरकार ने ठगी रोकना यह उठाए हैं कदम
छत्तीसगढ़ सरकार ने जमीन धोखाधड़ी और इससे जुड़े अपराधों की रोकथाम के लिए कई ठोस कदम उठाए हैं। इनमें डिजिटल भूमि रिकॉर्ड को बढ़ावा देना, विवादित संपत्तियों की पहचान और सत्यापन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना शामिल है। भूमि धोखाधड़ी और अवैध कब्जों के मामलों से निपटने के लिए पुलिस और राजस्व विभाग मिलकर काम कर रहे हैं।अधिकारियों को निर्देश दिया गया था कि भूमि विवादों और धोखाधड़ी के मामलों में सख्त कार्रवाई की जाए। इसके लिए “भुइयां” पोर्टल जैसे डिजिटल माध्यमों को प्रभावी ढंग से लागू किया गया है, जो भूमि रिकॉर्ड्स की ऑनलाइन जांच और सत्यापन की सुविधा प्रदान करता है। साथ ही, राज्य में हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं, जहां लोग ऐसी धोखाधड़ी की शिकायतें दर्ज करा सकते हैं।
पुलिस द्वारा इन मामलों में तेजी से जांच और गिरफ्तारियां सुनिश्चित की गई हैं। साथ ही, जनजागरूकता अभियानों के माध्यम से लोगों को यह सलाह दी जा रही है कि जमीन खरीदने से पहले दस्तावेजों की अच्छी तरह से जांच कर लें और केवल सत्यापित विक्रेताओं से ही सौदा करें। प्रशासन ने धोखाधड़ी रोकने के लिए पंचायत स्तर तक मॉनिटरिंग प्रक्रिया को मजबूत किया है।
इसके अतिरिक्त, राज्य सरकार ने जमीन विवादों को कम करने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए विशेष न्यायालयों की स्थापना पर भी विचार किया है। ये सभी उपाय यह सुनिश्चित करने के लिए किए जा रहे हैं कि जनता ऐसे मामलों से सुरक्षित रहे और दोषियों पर कानून का सख्त पालन हो।




