Mohammed israil
मां महामाया दरबार जाने वाले भक्तों को जाम, अतिक्रमण, आवारा मवेशियों और गंदगी से जूझना पड़ रहा
बिलासपुर/रतनपुर, 26 सितंबर।
नवरात्र पर मां महामाया दरबार में आस्था का सैलाब उमड़ रहा है। देशभर से लाखों श्रद्धालु देवी के दर्शन के लिए रतनपुर पहुंच रहे हैं। लेकिन, नगर पालिका की लापरवाही के कारण यह आस्था कठिनाइयों के बीच फंसती नजर आ रही है। भीड़ प्रबंधन और मूलभूत सुविधाओं की अनदेखी ने श्रद्धालुओं की यात्रा को बेहद मुश्किल बना दिया है।
जाम से त्राहिमाम

रतनपुर पहुंचने वाले मार्ग पर हर साल की तरह इस बार भी श्रद्धालुओं को घंटों जाम में फंसना पड़ रहा है। कोनी से लेकर रतनपुर तक सड़क पर चार-पांच किलोमीटर लंबी कतार में गाड़ियां रेंगती रहती हैं। बाईपास बनने के बावजूद, नगर पालिका ने यहां ट्रैफिक कंट्रोल का इंतजाम तक नहीं किया।
अतिक्रमण ने संकुची सड़क




मंदिर मार्ग पर सड़क किनारे दुकानों और अस्थायी ठेलों का कब्जा हो गया है। नगर पालिका ने न तो अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की और न ही दुकानदारों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की। भीड़ और दुकानों के बीच से गुजरते श्रद्धालु लगातार धक्का-मुक्की और हादसों के खतरे से जूझते हैं।
सड़क पर बैठे आवारा पशु




रतनपुर आने वाले मार्ग में जगह-जगह आवारा परदेसी और पशु बैठे रहते हैं। लाखों श्रद्धालुओं और हजारों गाड़ियों की आवाजाही के बीच ये आवारा पशु सड़क दुर्घटना को आमंत्रण देते हैं। बावजूद इसके नगर पालिका ने इन्हें हटाने या सुरक्षित स्थान पर ले जाने की व्यवस्था नहीं की है।
शौचालय बना शर्म का कारण



सबसे शर्मनाक हालात भैरव बाबा के पास बने सार्वजनिक शौचालय के हैं। दरवाजे टूटे हुए हैं, अंदर गंदगी पसरी है और पत्थर-बोतल तक बिखरे पड़े हैं। श्रद्धालु और आसपास के दुकानदार दैनिक क्रिया के लिए जगह की तलाश में भटकते रहते हैं। नवरात्र पर लाखों की भीड़ में शौचालय जैसी बुनियादी सुविधा का यह हाल प्रशासन की बड़ी नाकामी है।
नवरात्र की तैयारी, लेकिन जमीनी हालात विपरीत





- लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ के लिए कोई ठोस इंतजाम नहीं
- बाईपास बनने के बाद भी जाम से राहत नहीं
- अतिक्रमण और ठेलों से संकुची सड़क, हादसों का खतरा
- आवारा पशु और गंदगी से श्रद्धालु परेशान
नगर पालिका की चुप्पी
स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल नगर पालिका बड़ी-बड़ी बातें करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई सुधार नहीं होता। न तो शौचालय सुधारे गए, न ही जाम और अतिक्रमण की समस्या हल हुई।
श्रद्धालु बोल उठे
– “मां महामाया के दर्शन के लिए आते हैं, लेकिन नगर पालिका की बदइंतजामी देखकर मन खट्टा हो जाता है।”
– “शौचालय की हालत इतनी खराब है कि लोग खुले में मजबूर हैं। यह शर्मनाक है।”
प्रशासन कब देगा ध्यान?
आस्था के इस सबसे बड़े पर्व नवरात्र में जब देशभर से श्रद्धालु रतनपुर आते हैं, तब यहां की बुनियादी खामियां और नगर पालिका की लापरवाही सबसे बड़ा सवाल खड़ा करती है। भक्त मां महामाया के दरबार में सुख-शांति की मुराद लेकर आते हैं, लेकिन नगर पालिका की नाकामी उन्हें जाम, अतिक्रमण और गंदगी का सामना करा रही है।



