Mohammed israil
डीएम और एसएसपी स्कूलों की लेंगे क्लास
CM शिक्षा गुणवत्ता अभियान में बिलासपुर के 228 स्कूलों पर नजर, कलेक्टर-एसपी तक बने नोडल अधिकारी
बिलासपुर, 26 सितंबर।
छत्तीसगढ़ में सरकारी स्कूलों की तस्वीर बदलने के लिए अब अफसर सीधे मैदान में उतरेंगे। मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान के तहत बिलासपुर जिले के 228 स्कूलों को जिले के बड़े अफसरों की निगरानी में सौंपा गया है। आदेश के मुताबिक हर अधिकारी को अपने-अपने स्कूल का मासिक निरीक्षण करना होगा।
इस अभियान की खासियत यह है कि कलेक्टर संजय अग्रवाल से लेकर एसएसपी रजनेश सिंह तक खुद स्कूलों के नोडल अधिकारी बनाए गए हैं। यानी अब शिक्षा की गुणवत्ता पर “दम” होगा और जिम्मेदारी तय रहेगी।
कौन किस स्कूल का नोडल अधिकारी
- कलेक्टर संजय अग्रवाल – स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल, तखतपुर
- एसएसपी रजनेश सिंह – स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल, डीकेपी कोटा
- निगम आयुक्त अमित कुमार – स्वामी आत्मानंद शेख गफ्फार इंग्लिश मीडियम स्कूल, तारबाहर
- जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल – स्वामी आत्मानंद लाल बहादुर इंग्लिश मीडियम स्कूल
- यातायात एएसपी रामगोपाल करियारे – हायर सेकेंडरी स्कूल, सूरजमल बिल्हा
- एएसपी (शहरी) राजेन्द्र जायसवाल – स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल, चकरभाठा
- अपर कलेक्टर शिवकुमार बनर्जी – हायर सेकेंडरी स्कूल, मुरू
रीडिंग स्पेशल
👉 अब स्कूलों में होगा दम और स्पीक —
- अफसर महीने में कम से कम एक बार स्कूल का दौरा करेंगे।
- पढ़ाई की गुणवत्ता, अनुशासन और माहौल पर खास ध्यान रहेगा।
- रिपोर्ट सीधे जिला प्रशासन को देनी होगी, ताकि लापरवाही छुपाई न जा सके।
- छात्रों और शिक्षकों की समस्याएँ भी सीधे अफसरों तक पहुंचेंगी।
कलेक्टर का स्पीक
कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कहा —
“इस अभियान का मकसद सिर्फ निरीक्षण नहीं, बल्कि स्कूलों में पढ़ाई-लिखाई के स्तर को ऊपर उठाना है। अफसरों की सीधी निगरानी से बच्चों की शिक्षा पर दमदार असर पड़ेगा।”
क्यों खास है यह कदम?
अब तक सरकारी स्कूलों की बदहाल हालत पर केवल मीटिंग होती थी, लेकिन यह पहली बार है जब जिले के टॉप अफसरों को सीधे स्कूलों की जिम्मेदारी दी गई है। माना जा रहा है कि इस पहल से “स्कूलों में अनुशासन, शिक्षा और माहौल – तीनों पर एक साथ सुधार दिखेगा।”



