बिलासपुर/कवर्धा।
छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले के मुख्यालय कवर्धा में नवरात्रि पर्व के पवित्र माहौल में एक सनसनीखेज और दिल दहलाने वाली घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। एक आदिवासी युवती के साथ कार में सामूहिक दुष्कर्म की वारदात ने न केवल जिले की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए, बल्कि पुलिस की कार्यशैली पर भी गंभीर चुनौती पेश की है।

रात के अंधेरे में हुआ घिनौना कृत्य
जानकारी के अनुसार, पीड़िता अपने एक परिचित के घर पर रुकी थी। किसी बात को लेकर विवाद होने के बाद वह घर से बाहर आई। इसी दौरान उसके परिचित के दोस्त कार लेकर पहुंचे और पीड़िता व उसके साथी को जबरन कार में बैठा लिया। आरोप है कि रायपुर रोड स्थित महिंद्रा शोरूम के पास कार में मौजूद युवकों ने युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया।
घटना के बाद आरोपी पीड़िता को बस स्टैंड के पास छोड़कर फरार हो गए।
पीड़िता की हिम्मत, पुलिस में दर्ज हुई शिकायत
इस अमानवीय घटना के बावजूद पीड़िता ने हिम्मत दिखाते हुए पुलिस को शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने उसे तत्काल मेडिकल जांच के लिए अस्पताल भेजा। जैसे ही घटना की खबर फैली, सामाजिक संगठन और राजनीतिक दलों के लोग अस्पताल पहुंच गए और जघन्य कांड के खिलाफ आक्रोश जताया। गुस्साए लोगों ने एएसपी की गाड़ी को घेरकर आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।
पुलिस की कार्रवाई शुरू, लेकिन सवाल बरकरार
पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और डीवीआर जब्त किया गया है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी कर ली जाएगी।
लेकिन स्थानीय लोग आरोप लगा रहे हैं कि महिंद्रा शोरूम से बस स्टैंड तक अक्सर पुलिस गश्त करती है, लेकिन घटना के समय वहां कोई पुलिसकर्मी मौजूद नहीं था।
नवरात्रि में अपराधियों का दुस्साहस
यह वारदात उस समय हुई जब जिला नवरात्रि के पवित्र माहौल में डूबा था और उसी सुबह राज्यपाल और गृह मंत्री का दौरा भी हुआ। सवाल उठ रहा है कि पुलिस की सतर्कता कहां थी?
स्थानीय लोग आरोप लगा रहे हैं कि अपराधी अब निडर होकर वारदात को अंजाम दे रहे हैं, जबकि पुलिस की गश्त और सतर्कता केवल कागजों और विज्ञप्तियों तक सीमित रह गई।
जिले में बढ़ता अपराध, पुलिस पर उठ रहे सवाल
हाल के दिनों में कवर्धा में अपराध बढ़ता जा रहा है। लोगों का कहना है कि पुलिस की लापरवाही और निष्क्रियता के कारण अपराधी बेखौफ हो गए हैं। यह घटना केवल जिले की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल नहीं उठाती, बल्कि महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर चेतावनी भी है।
आगे क्या?
अब सभी की नजरें पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हैं। पीड़िता को न्याय दिलाने और आरोपियों को सजा दिलाने की मांग जोर पकड़ रही है। यह जघन्य कांड कवर्धा और पूरे प्रदेश के लिए चेतावनी है कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए सख्त कदम उठाना अब अपरिहार्य है।



