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गुटखा साम्राज्य का काला चेहरा बेनकाब : सितार गुटखा कारोबारी गिरफ्तार, करोड़ों की टैक्स चोरी उजागर

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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Mohammed israil

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रायपुर।छत्तीसगढ़ में गुटखा साम्राज्य का सबसे बड़ा घोटाला सामने आया है। राज्य कर (जीएसटी) विभाग ने सितार ब्रांड गुटखा निर्माता गुरूमुख जुमनानी को गिरफ्तार कर करोड़ों की कर चोरी का भंडाफोड़ किया है। चार साल से चल रहे इस गोरखधंधे में न केवल राजस्व की हेराफेरी की गई बल्कि बंधुआ मजदूरों से अमानवीय परिस्थितियों में काम भी कराया जाता रहा। जांच में सामने आया कि कारोबारी प्रतिदिन लगभग 25 लाख रुपये मूल्य का गुटखा तैयार कर बाजार में खपा रहा था।राज्य कर विभाग ने जून 2025 में दुर्ग और राजनांदगांव में छापेमारी की थी। जांच में खुलासा हुआ कि जुमनानी अप्रैल 2021 से सितम्बर 2022 तक राजनांदगांव और खैरागढ़, जनवरी-जून 2023 में रायपुर, और जुलाई 2023 से जून 2025 तक दुर्ग जिले के अलग-अलग इलाकों में फैक्ट्रियां चला रहा था।🔸 बेटे के नाम पर गोदाम🔸 कर चोरी का बड़ा खेल🔸 मजदूरों का शोषण क्या कहता है कानून? प्रदेश में अब तक की बड़ी कार्रवाईसरकार का संदेश
  • चार साल से बिना जीएसटी पंजीयन कर रहा था गुटखा उत्पादन
  • फैक्ट्रियों का ठिकाना हर महीने बदलकर बचता था प्रशासनिक छापों से
  • बंधुआ मजदूरी से फैक्ट्रियों में बनवाता था रोज़ 25 लाख का गुटखा
  • सरकार का ऐलान— कर चोरी और स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों पर ‘जीरो टॉलरेंस’

रायपुर।छत्तीसगढ़ में गुटखा साम्राज्य का सबसे बड़ा घोटाला सामने आया है। राज्य कर (जीएसटी) विभाग ने सितार ब्रांड गुटखा निर्माता गुरूमुख जुमनानी को गिरफ्तार कर करोड़ों की कर चोरी का भंडाफोड़ किया है। चार साल से चल रहे इस गोरखधंधे में न केवल राजस्व की हेराफेरी की गई बल्कि बंधुआ मजदूरों से अमानवीय परिस्थितियों में काम भी कराया जाता रहा। जांच में सामने आया कि कारोबारी प्रतिदिन लगभग 25 लाख रुपये मूल्य का गुटखा तैयार कर बाजार में खपा रहा था।


राज्य कर विभाग ने जून 2025 में दुर्ग और राजनांदगांव में छापेमारी की थी। जांच में खुलासा हुआ कि जुमनानी अप्रैल 2021 से सितम्बर 2022 तक राजनांदगांव और खैरागढ़, जनवरी-जून 2023 में रायपुर, और जुलाई 2023 से जून 2025 तक दुर्ग जिले के अलग-अलग इलाकों में फैक्ट्रियां चला रहा था।

प्रशासनिक छापों से बचने के लिए वह हर महीने फैक्ट्री का ठिकाना बदल देता था और गुटखे का स्टॉक विभिन्न नामों से गोदामों में छिपाकर बाजार में बेचता था।

🔸 बेटे के नाम पर गोदाम

जांच में सामने आया कि उसने अपने बेटे सागर जुमनानी के नाम से दुर्ग में कोमल फूड नामक सुपारी गोदाम संचालित किया। कागजों पर सिर्फ सुपारी की बिक्री दिखाता, जबकि असल में वहां गुटखा बनता था।

🔸 कर चोरी का बड़ा खेल

सुपारी पर 5% जीएसटी है, जबकि गुटखे पर 28% जीएसटी और 204% तक सेस लगता है। इसी अंतर का फायदा उठाकर कारोबारी ने सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व से वंचित किया।

🔸 मजदूरों का शोषण

फैक्ट्रियों में मध्यप्रदेश के युवकों को बंधुआ मजदूर की तरह रखा जाता था। उन्हें पूरी रात काम करने पर मजबूर किया जाता और बाहर जाने की मनाही थी। हर तीन महीने में मजदूर बदल दिए जाते थे।


क्या कहता है कानून?

  • जीएसटी अधिनियम की धारा 69 – कर चोरी, अपवंचन और अवैध कारोबार करने पर गिरफ्तारी की कार्रवाई।
  • गुटखा पर कर – 28% जीएसटी + 204% तक सेस।
  • दंड – टैक्स की वसूली के अलावा जुर्माना और कठोर कारावास की सजा तक का प्रावधान।

प्रदेश में अब तक की बड़ी कार्रवाई

  • मार्च 2024: दुर्ग व राजनांदगांव में छापेमारी → 50 लाख टैक्स की वसूली।
  • 2024: खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने 1.5 करोड़ की सुपारी जब्त की।
  • सितम्बर 2025: सबसे बड़ा खुलासा – चार साल से गुटखा साम्राज्य खड़ा कर करोड़ों की कर चोरी का भंडाफोड़, कारोबारी गिरफ्तार।

सरकार का संदेश

“कर चोरी, अवैध कारोबार और जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। टैक्स वसूली के साथ गिरफ्तारी और कठोर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।” — राज्य सरकार

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