Mohammed israil
बिलासपुर। नशे के कारोबार से अवैध कमाई कर ऐशो-आराम की जिंदगी जी रहे आरोपियों पर बिलासपुर पुलिस ने फिर बड़ी कार्रवाई की है। एन.डी.पी.एस. एक्ट की धारा 68-एफ के तहत पुलिस ने 50 दिनों के भीतर ही संपत्ति की पहचान कर उसे फ्रीज कर दिया। इस कार्रवाई से नशे के सौदागरों में हड़कंप मच गया है।





कोतवाली और सकरी थाना क्षेत्र में दर्ज प्रकरणों के आधार पर पुलिस ने दो आरोपियों – कांति पांडे (निवासी चोरभट्ठी खुर्द) और दीपक गंडा (निवासी ओडिशा) की अवैध संपत्तियों को चिन्हित कर फ्रीज किया। फ्रीज की गई संपत्तियों की बाजार कीमत करीब ₹38.50 लाख आंकी गई है।
फ्रीज की गई संपत्ति
- कांति पांडे (चोरभट्ठी खुर्द, थाना सकरी)
- 15 लाख का मकान
- 21 लाख की जमीन (चोरभट्ठी कला)
- दीपक गंडा (कोडपल्ला, अंबाभना, ओडिशा)
- ₹2.50 लाख नकदी (अवैध गांजा बिक्री से अर्जित)
अब तक बिलासपुर जिले की कार्रवाई
- कुल प्रकरण – 7
- आरोपियों की संख्या – 19
- फ्रीज की गई अवैध संपत्तियाँ – ₹7.40 करोड़ मूल्य की
कानून क्या कहता है?
एन.डी.पी.एस. एक्ट धारा 68-एफ
इस धारा के तहत यदि किसी आरोपी की संपत्ति नशे के कारोबार से अर्जित पाई जाती है तो उसे जब्त/फ्रीज किया जा सकता है। इसके बाद अंतिम निर्णय SAFEMA न्यायालय (मुंबई) द्वारा लिया जाता है। इस प्रावधान का उद्देश्य नशे के कारोबारियों की आर्थिक कमर तोड़ना है।
पुलिस की कार्रवाई में उत्कृष्ट कार्य
इस कार्रवाई में उप निरीक्षक सुरेंद्र तिवारी ने उल्लेखनीय योगदान दिया। उनके कार्य की सराहना करते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर ने उन्हें नगद पुरस्कार देने की घोषणा की है।



