बिलासपुर, 23 सितंबर 2025: बिलासपुर जिले में नाबालिगों के खिलाफ बढ़ते अपराधों के मामलों में पुलिस ने त्वरित और कठोर कार्रवाई कर अपनी प्रतिबद्धता दिखाई है। हाल ही में सरकंडा, कोटा और सिटी कोतवाली थाना क्षेत्रों में नाबालिग लड़कियों के साथ दुष्कर्म, अपहरण और छेड़छाड़ की घटनाओं में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इन मामलों में पुलिस ने 12 घंटों के भीतर कार्रवाई कर न केवल आरोपियों को हिरासत में लिया, बल्कि पीड़िताओं को सुरक्षित उनके परिजनों को सौंपा।
अपराध की गंभीरता और त्वरित कार्रवाई

- सरकंडा: नाबालिग के साथ बार-बार दुष्कर्म
सरकंडा थाना क्षेत्र में 21 सितंबर 2025 को एक नाबालिग लड़की की मां ने शिकायत दर्ज की कि मोहल्ले के गोल्डी उर्फ छत्रपाल प्रसाद केंवट (21 वर्ष) ने उसकी 10वीं कक्षा में पढ़ने वाली बेटी को डरा-धमकाकर जुलाई 2025 से लगातार दुष्कर्म किया। पीड़िता को परिजनों को बताने पर मारपीट और जान से मारने की धमकी दी गई। शिकायत के 12 घंटे के भीतर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश पर थाना प्रभारी निलेश पाण्डेय की अगुवाई में यह कार्रवाई की गई। - कोटा: अपहरण और दुष्कर्म
कोटा थाना क्षेत्र में 4 जुलाई 2025 को एक प्रार्थी ने अपनी नाबालिग बेटी के अपहरण की शिकायत दर्ज की।जांच में पता चला कि अग्निवेश सारथी उर्फ गोल्डी (22 वर्ष) ने नाबालिग को बहला-फुसलाकर भगा लिया और उसके साथ दुष्कर्म किया। कोटा पुलिस ने 21 सितंबर 2025 को करैहापारा से आरोपी को गिरफ्तार किया और पीड़िता को सकुशल बरामद कर परिजनों को सौंप दिया। आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया।

- सिटी कोतवाली: छेड़छाड़ और चाकू से हमला
सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र में 21 सितंबर 2025 को प्रकाश वर्मा (32 वर्ष) ने एक नाबालिग लड़की के साथ छेड़छाड़ की और विरोध करने पर उसे अश्लील गालियां दीं। उसने धारदार चाकू से पीड़िता के बाएं हाथ पर चोट भी पहुंचाई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को कतियापारा से गिरफ्तार किया और घटना में प्रयुक्त चाकू जब्त किया। प्रकरण में धारा 296, 115(2), 351(2), 74 बीएनएस और 8 पॉक्सो एक्ट के साथ-साथ आर्म्स एक्ट की धाराएं जोड़ी गईं। आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया।

कानून क्या कहता है?
नाबालिगों के खिलाफ अपराधों को लेकर भारतीय कानून बेहद सख्त है। पॉक्सो एक्ट (Protection of Children from Sexual Offences Act, 2012) के तहत नाबालिगों के साथ यौन शोषण, छेड़छाड़, और अपहरण जैसे अपराधों में कठोर सजा का प्रावधान है।
- धारा 4, 6 पॉक्सो एक्ट: दुष्कर्म के मामले में कम से कम 7 साल से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा और जुर्माना।
- धारा 8 पॉक्सो एक्ट: छेड़छाड़ के लिए 3 से 5 साल की सजा।
- बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) की धारा 69, 351(2), 64(2), और 115(2) के तहत दुष्कर्म, आपराधिक कृत्य, और धमकी देने जैसे अपराधों में कड़ी सजा का प्रावधान है।
- आर्म्स एक्ट: हथियारों के दुरुपयोग के लिए 3 से 7 साल तक की सजा।
ये कानून नाबालिगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और अपराधियों को कड़ा संदेश देने के लिए बनाए गए हैं।
सरकंडा: वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेंद्र जायसवाल, और नगर पुलिस अधीक्षक निमितेश सिंह के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निलेश पाण्डेय ने 12 घंटे में आरोपी को पकड़ा।
- कोटा: पुलिस ने अपहृता को सकुशल बरामद कर आरोपी को रिमांड पर भेजा।
- सिटी कोतवाली: धारदार हथियार के साथ आरोपी की गिरफ्तारी और सबूतों की जब्ती ने पुलिस की सजगता को दर्शाया।



