Mohammed israil
BNSS धारा 107 के तहत तिफरा की जमीन कुर्क करने कोर्ट में प्रतिवेदन
100 से अधिक पीड़ितों से 1 करोड़ की ठगी – पुलिस ने 2 आरोपी गिरफ्तार, मुख्य आरोपी फरार
बिलासपुर।शहर में ठगी के बढ़ते मामलों पर शिकंजा कसते हुए बिलासपुर पुलिस ने अपराधियों को आर्थिक रूप से पंगु बनाने की ऐतिहासिक कार्रवाई की है। थाना सिविल लाइन पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 107 के तहत ठगों की खरीदी गई संपत्ति को कुर्क करने के लिए कोर्ट में सशक्त प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।
अपराध क्रमांक 1041/2025 के अंतर्गत आरोपित हीरानंद भगवानी, नायरा भगवानी और मुरली लहजा के खिलाफ यह कार्यवाही की गई है।पुलिस के अनुसार आरोपियों ने “40 दिन में पैसा दोगुना” होने का लालच देकर 100 से अधिक लोगों से 1 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी की।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नायरा भगवानी और मुरली लहजा को गिरफ्तार किया है, जबकि मुख्य आरोपी हीरानंद भगवानी अब भी फरार है।
जांच में खुलासा हुआ कि ठगी की रकम से आरोपियों ने ग्राम तिफरा में 1200 वर्ग फीट का भूखंड 25 लाख 80 हजार रुपये में खरीदा। इसे अपराध की आय घोषित कर BNSS धारा 107 के तहत कुर्क करने की कार्यवाही की गई।
विशेष उल्लेखनीय है कि अपराध दर्ज होने के मात्र 10 दिन के भीतर यह कार्यवाही पूरी कर न्यायालय में प्रतिवेदन प्रस्तुत कर दिया गया।
पुलिस की सख्ती
👉 बिलासपुर पुलिस ने साफ संदेश दिया है कि अब अपराधियों को न केवल जेल भेजा जाएगा बल्कि उनकी अवैध संपत्ति भी कुर्क कर ली जाएगी।
👉 विवेचना कर रहे उप निरीक्षक विष्णु यादव को उनके उत्कृष्ट कार्य हेतु एसएसपी द्वारा नगद इनाम की घोषणा की गई।
BNSS धारा 107 क्या है?
- अपराधियों की अवैध कमाई को कुर्क करने का विशेषाधिकार पुलिस को।
- अपराध का लाभ अपराधी न उठा सके।
- ठगी या धोखाधड़ी से अर्जित संपत्ति जब्त कर पीड़ितों को न्याय दिलाने की व्यवस्था।
हालिया ठगी के मामले
- ऑनलाइन ऐप्स में निवेश पर दोगुना रकम का झांसा।
- बीमा पॉलिसी में फर्जी रिफंड।
- बैंकिंग धोखाधड़ी व OTP फ्रॉड।
- सोना-शेयर बाजार में नकली निवेश।
बिलासपुर पुलिस की हालिया बड़ी कार्रवाई
✔ 10 दिन में संपत्ति कुर्की की कार्यवाही।
✔ साइबर सेल द्वारा बैंक खातों की तुरंत फ्रीजिंग।
✔ फर्जी निवेश कंपनियों पर दबिश, कई आरोपी गिरफ्तार।
✔ लोगों को जागरूक करने पुलिस की विशेष मुहिम।
पुलिस की अपील
- किसी भी स्कीम या निवेश योजना में बिना जांच पैसा न लगाएं।
- “दोगुना रकम” या “चमत्कारिक रिटर्न” का लालच न खाएं।
- किसी धोखाधड़ी की आशंका होते ही तुरंत साइबर सेल या नजदीकी थाने में रिपोर्ट करें।



