अतिक्रमण विरोधी दस्ते और यातायात पुलिस की संयुक्त कार्रवाई से मचा हड़कंप
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ बिलासपुर शहर के संडे बाजार, सदर बाजार, और गोल बाजार क्षेत्रों में नगर निगम की अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई के दौरान दिनभर हंगामे और तनाव का माहौल बना रहा। यह कार्रवाई प्रशासन की ओर से अनधिकृत दुकानों और फुटपाथ पर अवैध कब्जों को हटाने के लिए की गई थी। हालांकि, इससे दुकानदारों और स्थानीय व्यापारियों में नाराजगी देखने को मिली, और कुछ स्थानों पर स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।
लगातार मिल रही शिकायतें
नगर निगम ने लंबे समय से इन बाजारों में बढ़ते अतिक्रमण और यातायात बाधाओं को लेकर शिकायतें प्राप्त की थीं। रविवार को इन इलाकों में व्यापारी वर्ग द्वारा फुटपाथ और सड़क पर कब्जा करने के मुद्दे को हल करने के लिए विशेष कार्रवाई की गई। अधिकारियों ने अवैध रूप से बनाए गए ढांचों को हटाने और दुकानों के बाहर रखे सामान को जब्त करने की प्रक्रिया शुरू की।
दुकानदारों ने जताई नाराजगी
कार्रवाई के दौरान स्थानीय व्यापारियों ने विरोध प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि प्रशासन ने अचानक और बिना पूर्व सूचना के कार्रवाई शुरू की, जिससे उनका व्यापार बुरी तरह प्रभावित हुआ। दुकानदारों का यह भी आरोप था कि प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था या पुनर्वास का कोई प्रावधान नहीं किया है।
सदर बाजार के एक दुकानदार ने कहा, “हमारे परिवार का पेट इसी दुकान से चलता है। बिना किसी योजना के हमारे सामान को जब्त कर लिया गया, जो अनुचित है।”
बार-बार नोटिस जारी करने का दावा
नगर निगम के अधिकारियों ने कहा कि यह कार्रवाई पहले से नियोजित थी और अतिक्रमण हटाने के लिए बार-बार नोटिस जारी किए गए थे। अधिकारियों ने दावा किया कि यह कदम बाजार क्षेत्रों में यातायात को सुगम बनाने और जनता को होने वाली असुविधा को कम करने के लिए उठाया गया है।
एक अधिकारी ने कहा, “हम बाजार क्षेत्रों में स्वच्छता और सुगम यातायात सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। फुटपाथ पर कब्जा कर लेने से पैदल चलने वालों को परेशानी होती है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।”
तनाव और हंगामा
कार्रवाई के दौरान कुछ स्थानों पर व्यापारी और नगर निगम के कर्मचारियों के बीच तीखी बहस हुई। गोल बाजार में स्थिति तब बिगड़ गई जब व्यापारियों ने ट्रकों को रोकने की कोशिश की, जिनमें उनका सामान जब्त कर लादा जा रहा था। इसके चलते पुलिस बल तैनात करना पड़ा।
एक स्थानीय नागरिक ने कहा, “हमें समझ में आता है कि अतिक्रमण हटाना जरूरी है, लेकिन इसे व्यवस्थित तरीके से करना चाहिए। इससे अनावश्यक तनाव पैदा हुआ।”
स्थिति सामान्य करने के प्रयास
शाम तक प्रशासन और व्यापारियों के बीच बातचीत हुई, लेकिन इसका कोई ठोस नतीजा नहीं निकला। व्यापारी संघ ने कार्रवाई का विरोध जारी रखने और अपनी मांगें पूरी होने तक प्रदर्शन करने की घोषणा की है।
व्यापारी और प्रशासन में टकराव
संडे बाजार और सदर बाजार में अतिक्रमण हटाने की यह कार्रवाई शहर की व्यवस्था को सुधारने की दिशा में एक प्रयास है, लेकिन अचानक किए गए इस कदम ने व्यापारियों और प्रशासन के बीच टकराव की स्थिति पैदा कर दी। अब यह देखना होगा कि प्रशासन इस विवाद को कैसे सुलझाता है और व्यापारियों की समस्याओं को किस हद तक हल करता है।



