Mohammed israil
बिलासपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, NDPS एक्ट की धारा 68-एफ के तहत संपत्ति जब्ती, कोर्ट में पेश मामला
Bilaspur Chhattisgarh बिलासपुर।
नशे के अवैध कारोबार से साम्राज्य खड़ा करने वाले अजय चक्रवर्ती की काली कमाई अब बिलासपुर पुलिस के शिकंजे में आ गई है। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट की धारा 68-एफ के तहत आरोपी की पत्नी और परिचित महिला के नाम पर खरीदी गई ज़मीन और मकान को फ्रीज कर दिया है। यह कार्रवाई बिलासपुर एसएसपी के निर्देश पर हुई वित्तीय जांच का नतीजा है।
बिलासपुर पुलिस ने नशे के अवैध धंधे से करोड़ों कमाने वाले अजय चक्रवर्ती की संपत्तियों पर गाज गिरा दी है। आरोपी ने जबलपुर और बिलासपुर में NDPS एक्ट के तहत कई गंभीर अपराध किए थे। काली कमाई को वैध दिखाने के लिए उसने पत्नी और एक महिला परिचित के नाम पर ज़मीन खरीदी और मकान बनाया।
सिरगिट्टी के आवासपारा और टिकरापारा क्षेत्र में स्थित संपत्तियों की कीमत लगभग ₹1.20 करोड़ आंकी गई है। कार्रवाई के बाद सम्पत्ति SAFEMA न्यायालय को भेजी गई।
पुलिस की इस सख़्त कार्रवाई में सिरगिट्टी थाने के प्रधान आरक्षक प्रभाकर सिंह ने विशेष भूमिका निभाई। उनके योगदान पर एसएसपी बिलासपुर ने उन्हें नगद पुरस्कार देने की घोषणा की है।
अब तक बिलासपुर जिले में 6 प्रकरणों में 17 आरोपियों की लगभग ₹7 करोड़ की अवैध संपत्ति फ्रीज की जा चुकी है।
कानून क्या कहता है? (NDPS Act की धारा 68-एफ)
- नशे के कारोबार से कमाई गई संपत्तियाँ अवैध मानी जाती हैं।
- पुलिस या जांच एजेंसी ऐसी संपत्तियों को चिन्हित कर फ्रीज या जब्त कर सकती है।
- संपत्ति का मामला आगे SAFEMA कोर्ट में जाता है।
- कोर्ट तय करता है कि संपत्ति को स्थायी रूप से जब्त किया जाए या लौटाया जाए।
फ्रीज करने की कार्रवाई कैसे होती है?
- आरोपी के खिलाफ दर्ज प्रकरण की वित्तीय जांच होती है।
- संपत्तियों का रिकॉर्ड खंगाला जाता है — किस नाम पर खरीदी गई, पैसे का स्रोत क्या है।
- अवैध कमाई साबित होने पर नोटिस जारी किया जाता है।
- संपत्तियों को फ्रीज कर SAFEMA न्यायालय में भेजा जाता है।
SAFEMA कोर्ट क्या है?
- पूरा नाम: Smugglers and Foreign Exchange Manipulators (Forfeiture of Property) Act Court
- विशेष न्यायालय जो अवैध तरीके से अर्जित संपत्ति की सुनवाई करता है।
- NDPS एक्ट सहित कई मामलों की संपत्ति जब्ती कार्रवाई यहां तय होती है।

“हम नशे के सप्लायर्स को जहाँ तक होगा, हर तरह से जड़ से खत्म करेंगे। नशा सिर्फ़ एक व्यक्तिगत समस्या नहीं, यह हमारे समाज की बुनियाद पर हमला है। नशे के कारण हमारी युवा पीढ़ी अपना कीमती समय, ऊर्जा और भविष्य खो रही है और असल में वही लोग अपराध की ओर धकेले जा रहे हैं। हमारी टीम लगातार गहन चुनौतियों का सामना कर रही है — तस्करी के नेटवर्क, आर्थिक लेन-देनों और छद्म नामों के सहारे चलती संपत्तियों की पहचान कर उनसे निपटा जा रहा है।
हम पुलिस प्रशासन, समुदाय और स्थानीय संस्थाओं के साथ मिलकर न केवल अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई करेंगे, बल्कि नशे से प्रभावित युवाओं को बचाने व पुनर्स्थापित करने के लिए रोकथाम, शिक्षा और सामाजिक पुनर्वास की पहल भी तेज करेंगे। जनता से अनुरोध है कि वे न केवल सहयोग दें बल्कि जागरूकता फैलाने में भी आगे आएँ — क्योंकि यह लड़ाई हम अकेले नहीं जीत सकते।”
— कप्तान राजनेश सिंह
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, जिला बिलासपुर



