Mohammed israil
एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल 26वें दिन भी जारी, स्वास्थ्य सेवाएं ठप
बिलासपुर।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संविदा कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुक्रवार को 26वें दिन भी जारी रही। जिले के 735 से अधिक कर्मचारी अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर अडिग रहे। इस बीच सर्व विभागीय संविदा कर्मचारी संघ ने भी हड़ताल का समर्थन किया और कर्मचारियों की मांगों को न्यायोचित ठहराते हुए सभी विधायकों के नाम का ज्ञापन तहसीलदार विभोर यादव को सौंपा।



हड़ताल स्थल पर पहुंचे महासंघ के संगठन मंत्री परमेश्वर कौशिक, मुंगेली से कलेश्वर साहू और प्रदेश सचिव श्रीकांत लास्कर ने कर्मचारियों के आंदोलन को समर्थन दिया। इसके बाद एनएचएम कर्मियों ने शपथ ली कि नियमितीकरण और ग्रेड पे की मांग पूरी होने तक हड़ताल समाप्त नहीं की जाएगी।
कार्यकारी प्रांताध्यक्ष श्याम मोहन दुबे ने कहा कि शासन ने अब तक नियमितीकरण पर कोई निर्णय नहीं लिया है, जिससे कर्मचारियों में भारी आक्रोश है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार जल्द मांगें पूरी नहीं करती तो आंदोलन और उग्र होगा।
लगातार हड़ताल से जिला अस्पताल, सीएमएचओ कार्यालय, सीआईएमएस सहित सभी सीएचसी, पीएचसी, स्वास्थ्य उपकेंद्र और मानसिक चिकित्सालय की सेवाएं ठप पड़ चुकी हैं। ओपीडी, शल्य क्रिया, आपातकालीन सेवाएं प्रभावित हैं, वहीं राष्ट्रीय कार्यक्रमों—मलेरिया, टीबी, टीकाकरण और जन्म-मृत्यु पंजीयन तक बाधित हो गए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के आयुष्मान आरोग्य मंदिर (उप स्वास्थ्य केंद्र) भी बंद पड़े हैं। मौजूदा बरसात के मौसम में डायरिया, खांसी-बुखार और उल्टी-दस्त के मरीजों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है और लोग मजबूरी में निजी अस्पतालों का रुख कर रहे हैं।
शुक्रवार को हड़ताल स्थल पर जिला उपाध्यक्ष जीवन महंत, सचिव प्रमोद पटेल, डॉ. हर्ष देवनापित, राधेश्याम सूर्यवंशी सहित बड़ी संख्या में पुरुष व महिला कर्मचारी सक्रिय रूप से मौजूद रहे। महिला विंग से अध्यक्ष अजीता पांडेय, उपाध्यक्ष डॉ. सिंड्रेला पाल, डॉ. सोनम अग्रवाल समेत सैकड़ों सदस्य शामिल रहीं।



