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अरपा नदी में उतरे 735 एनएचएम कर्मचारी, जल सत्याग्रह से गूंजा बिलासपुर

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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✍️ md  israil babloo


हड़ताल के 23वें दिन रामसेतु तक निकाली रैली, बुधवार को निकलेगी कलश चुनरी मनोकामना यात्रा

बिलासपुर।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संविदा कर्मचारियों का आंदोलन और तेज हो गया है। नियमितीकरण और ग्रेड पे सहित 10 सूत्रीय मांगों को लेकर मंगलवार को जिले के 735 कर्मचारी अरपा नदी में जल सत्याग्रह पर उतर गए। आंदोलन के 23वें दिन यह अनोखा प्रदर्शन पूरे शहर में चर्चा का विषय रहा।

सुबह 11 बजे से कोन्हेर उद्यान में भारी संख्या में कर्मचारी जुटे। यहां सभा के बाद रैली देवकीनंदन चौक, प्रताप चौक होते हुए रामसेतु तक निकाली गई। रामसेतु पहुंचने के बाद सभी कर्मचारी नदी में उतरे और नारे लगाते हुए जल सत्याग्रह किया।

कर्मचारियों के नारों ने पूरे वातावरण को आंदोलित कर दिया—
“रोटी, सम्मान और न्याय दो”,
“सेवा के बदले सम्मान दो”,
“नियमितीकरण हमारी मांग है, पूरी हो हर हाल में”।


सरकार को चेतावनी

कार्यकारी प्रांताध्यक्ष श्याम मोहन दुबे ने कहा कि आंदोलन अब निर्णायक मोड़ पर है। सरकार यदि कर्मचारियों की मांगें पूरी नहीं करती तो प्रदेशभर के कर्मचारी और आक्रामक आंदोलन करेंगे। उन्होंने कहा—
“छत्तीसगढ़ की जनता को फुटबॉल समझने की भूल सरकार न करे। हम एक-एक विधानसभा में प्रत्याशी खड़ा कर सकते हैं। कांग्रेस को हराने में स्वास्थ्य मिशन कर्मचारियों की बड़ी भूमिका रही है।”


अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं ठप

18 अगस्त से शुरू हुई अनिश्चितकालीन हड़ताल के चलते जिले के जिला अस्पताल, CIMS, मानसिक चिकित्सालय, 05 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और 44 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पूरी तरह प्रभावित हैं।

  • आपातकालीन सेवाएं चरमराईं
  • ग्रामीण इलाकों में आयुष्मान आरोग्य मंदिर (उप स्वास्थ्य केंद्र) बंद पड़े
  • टीकाकरण, मलेरिया-टीबी नियंत्रण, जन्म-मृत्यु पंजीयन जैसे राष्ट्रीय कार्यक्रम ठप
  • बरसात के मौसम में सर्दी-खांसी और उल्टी-दस्त से पीड़ित मरीजों को उपचार नहीं मिल पा रहा
  • मजबूर होकर लोग निजी अस्पतालों का रुख कर रहे हैं।

🔹 आंदोलन का अगला चरण

कर्मचारी संगठन ने बुधवार को कोन्हेर उद्यान से देवी मंदिर, जरहाभाटा तक “चुनरी-कलश नियमितीकरण मनोकामना यात्रा” निकालने की घोषणा की है।


🔹 सांस्कृतिक अंदाज में आंदोलन

सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) की टीम ने लोकनृत्य प्रस्तुत कर आंदोलन को नए अंदाज में सजाया।
हेमा, लक्ष्मी, अलका, अविरल, वर्षा, मोनिका, सिद्धि, इंदिरनसेनी, सुचित्रा, मनीषा, चंद्रप्रभा रूपम समेत कई सदस्य इसमें शामिल हुए।


मुख्य मांगे (10 सूत्रीय)

  1. संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण
  2. समान कार्य के लिए समान वेतन
  3. ग्रेड पे लागू करना
  4. सेवा सुरक्षा गारंटी
  5. वार्षिक वेतन वृद्धि
  6. बीमा सुविधा
  7. मातृत्व/पितृत्व अवकाश
  8. स्वास्थ्य बीमा कवर
  9. पदोन्नति नीति
  10. पेंशन योजना लागू करना

हड़ताल से प्रभावित सेवाएं

  • जिला अस्पताल और सभी पीएचसी/सीएचसी की ओपीडी व आपातकालीन सेवाएं ठप
  • टीबी, टीकाकरण, मलेरिया, महामारी नियंत्रण की रिपोर्टिंग बंद
  • मातृत्व सेवाएं और शल्यक्रिया प्रभावित
  • ग्रामीण उप स्वास्थ्य केंद्र पूरी तरह बंद

आंदोलन की प्रमुख तिथियां

  • 18 अगस्त 2025 : हड़ताल की शुरुआत
  • 23वां दिन (09 सितम्बर) : जल सत्याग्रह, रामसेतु तक रैली
  • 10 सितम्बर : चुनरी-कलश मनोकामना यात्रा

नेतृत्व में सक्रिय पदाधिकारी

  • जिला अध्यक्ष: राजकुमार यादव
  • उपाध्यक्ष: जीवन महंत
  • सचिव: प्रमोद पटेल
  • प्रांताध्यक्ष: श्याम मोहन दुबे
  • महिला विंग अध्यक्ष: अजीता पांडेय
  • साथ ही डॉ. सिंड्रेला पाल, डॉ. सोनम अग्रवाल, नीता गौतम, पूजा यादव, ममता ध्रुव सहित बड़ी संख्या में महिला कर्मचारी मौजूद रहीं।

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