Mohammed israil
00 रतनपुर के भरारी गांव के लोगों में है पुलिस की कार्रवाई पर संदेह
00 कलेक्ट्रेट के सामने प्रदर्शन करने आ रहे थे पुलिस ने बीच में रोका तो रास्ते पर ही बैठ गए
बिलासपुर/रतनपुर।भरारी गांव में 13 वर्षीय छात्र चिन्मय सूर्यवंशी की हत्या ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। घटना को लेकर मंगलवार को परिजन और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर भरारी के पास नेशनल हाइवे पर चक्काजाम कर दिया। करीब आधे घंटे तक हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं।
ग्रामीण बिलासपुर कलेक्ट्रेट की ओर रैली निकालकर ज्ञापन सौंपने की तैयारी में थे, लेकिन सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन सतर्क हो गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) अर्चना झा और एसडीओपी कोटा नूपुर उपाध्याय भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचीं। अधिकारियों ने लोगों को समझाने की कोशिश की, लेकिन आक्रोशित ग्रामीण सड़क पर ही धरने पर बैठ गए, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया।
क्या है मामला
31 जुलाई की शाम चिन्मय अपने दोस्तों के साथ घर से निकला था, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटा। परिजनों और पुलिस की खोजबीन के बाद जांच में आरोपी छत्रपाल सूर्यवंशी (19 वर्ष) का नाम सामने आया। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उसे हिरासत में लिया गया, जहां पूछताछ में उसने मोबाइल लूट की नीयत से हत्या करने की बात कबूल की। आरोपी ने राज खुलने के डर से चिन्मय की गला दबाकर हत्या कर शव को गांव के ही पुराने स्कूल भवन में फेंकने की बात भी स्वीकार की। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
ग्रामीणों का आरोप
ग्रामीणों और परिजनों का कहना है कि इस वारदात में केवल एक युवक ही नहीं, बल्कि अन्य लोगों की भी संलिप्तता है। उनका आरोप है कि पुलिस मामले को जल्दबाजी में केवल एक आरोपी तक सीमित कर रही है। इसी आक्रोश में उन्होंने हाईवे पर चक्काजाम किया और कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा।
“भरारी गांव के लोगों ने ज्ञापन सौंपते हुए 13 वर्षीय चिन्मय सूर्यवंशी की हत्या के मामले में कुछ और व्यक्तियों पर संदेह व्यक्त किया है। उनकी आशंकाओं को गंभीरता से लिया गया है। फिलहाल पूरा प्रकरण जांच के अधीन है और हर पहलू की निष्पक्ष जांच की जाएगी।”

— अर्चना झा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण), बिलासपुर
“परिजनों का आरोप है कि आरोपी युवक के परिजनों की भी इस वारदात में संलिप्तता रही है। उनकी शिकायत और आशंकाओं को दर्ज कर लिया गया है। निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाएगी और किसी भी पहलू को नज़रअंदाज़ नहीं किया जाएगा।”

— नूपुर उपाध्याय, एसडीओपी कोटा
गांव में मातम
भरारी गांव में चिन्मय की असमय मौत से गहरा शोक और आक्रोश दोनों का माहौल है। ग्रामीण आरोपियों को कठोरतम सजा दिलाने और पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने लाने की मांग कर रहे हैं। फिलहाल सबकी निगाहें पुलिस जांच की दिशा और आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।



