Latest news

मां के साथ स्कूल से घर लौट रही मासूम के साथ शराबी दरिंदे ने की सरेराह छेड़खानी, बच्ची के शोर मचाने पर पहुंचे लोगों ने की आरोपी की जमकर धुनाई, जानिए क्या है पूरा मामला

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
5 Min Read

Mohammed israil


🚨 तिफरा में नाबालिग छात्रा से  छेड़खानी को लेकर लोगों में नाराजगी

शराब भट्टी ने बना दिया अपराध का अड्डा – मासूमों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल

बिलासपुर।
क्या अब मासूम बच्चियां घर लौटने के रास्ते में भी सुरक्षित नहीं? तिफरा क्षेत्र में हुई शर्मनाक वारदात ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। सिर्फ 10 साल की छात्रा अपनी मां के साथ स्कूल से घर लौट रही थी, तभी शराब के नशे में धुत एक युवक ने बीच रास्ते रोककर जबरिया छेड़छाड़ की कोशिश की। बच्ची और मां की चीखें सुनकर मोहल्ले के लोग दौड़े और आरोपी को पकड़कर जमकर धुनाई कर दी।

यह घटना किसी एक परिवार का दर्द नहीं, बल्कि पूरे समाज के सामने यह सवाल खड़ा करती है—
👉 “क्या राजस्व के लालच में प्रशासन ने स्कूलों के पास शराब दुकानों को खुला छोड़ दिया है, और क्या इसी कारण मासूम बच्चियां रोजाना खतरे में हैं?”


🔴 प्रशासन की नींद, बच्चियों की चीखें

तिफरा में घटी इस वारदात ने साबित कर दिया कि शहर की गलियां शराबियों के लिए सुरक्षित हैं, बच्चियों के लिए नहीं।
स्कूलों और मोहल्लों के बीच धड़ल्ले से चल रही शराब भट्टियां अब मासूमों की जिंदगियां लील रही हैं। प्रशासन की खामोशी और पुलिस की लचर गश्त पर जनता का गुस्सा फूट पड़ा है।


🔴 1

बच्चियों की सुरक्षा पर संकट

  • 10 वर्षीय स्कूली छात्रा मां के साथ घर लौटते समय शराबी युवक की हवस का शिकार बनी।
  • भीड़ ने मौके पर आरोपी को पकड़ा और पिटाई कर दी।
  • मोहल्ले में दहशत और माताओं में गुस्सा—“हम अपनी बच्चियों को स्कूल भेजकर भी चैन की सांस नहीं ले सकते।”
  • सवाल: आखिर कब तक शहर की मासूम बच्चियां इस तरह की घटनाओं का शिकार होती रहेंगी?

🔴 – 2

शराब भट्टियां—अपराध का गढ़

  • तिफरा सहित बिलासपुर के कई इलाकों में स्कूलों और रिहायशी मोहल्लों के पास शराब दुकानें।
  • नशे में धुत युवक आए दिन राहगीरों, महिलाओं और बच्चियों से छेड़छाड़ करते हैं।
  • स्थानीय निवासी रमेश साहू का दर्द: “हर दिन यही हाल है, भट्टी हटाओ वरना हालात और बिगड़ेंगे।”
  • आरोप: राजस्व के नाम पर प्रशासन ने समाज को अपराध के हवाले कर दिया है।

🔴 – 3

पुलिस की प्रतिक्रिया

  • सिविल लाइन सीएसपी निमितेश सिंह: “सूचना मिलते ही आरोपी को गिरफ्तार कर थाने लाया गया। परिजनों ने अभी  रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई है, शिकायत मिलते ही कड़ी कार्रवाई होगी।” साथ आरोपी के मानसिक रूप से बीमार होने की आशंका भी जताई है।

🔴 4

महिला संगठन और स्थानीय लोग भड़के

  • महिला संगठन से जुड़ी एक पदाधिकारी ने नाम न छापने के शर्त पर कहा कि “बच्चियां स्कूल जाने से डर रही हैं। प्रशासन शराब माफिया के सामने झुक रहा है। अब आंदोलन होगा।”
  • स्थानीय निवासियों की चेतावनी: शराब भट्टियों को बंद करो, वरना सड़कों पर उतरेंगे।
  • महिलाओं का गुस्सा: “यह शहर बच्चियों के लिए है या शराबियों के लिए?”

🔴 5

छत्तीसगढ़ में छेड़छाड़ का बढ़ता ग्राफ

  • NCRB के अनुसार 2023 में राज्य में 1,200 से अधिक छेड़छाड़ की घटनाएं दर्ज।
  • बिलासपुर में अकेले 150 से ज्यादा केस—कई घटनाएं स्कूल और कॉलेजों के आसपास।
  • पुलिस की रिपोर्ट: ज्यादातर आरोपी नशे की हालत में।
  • चुनौती: स्कूलों और रिहायशी इलाकों से शराब दुकानों को हटाने की मांग जोर पकड़ रही है।

👉 सवाल जो गूंज रहे हैं

  • क्या शराब भट्टियां अपराध को जन्म दे रही हैं?
  • स्कूलों के रास्ते शराब दुकानें क्यों?
  • पुलिस गश्त इतनी लचर क्यों है?
  • बच्चियों की सुरक्षा कब प्रशासन की प्राथमिकता बनेगी?
  • क्या राजस्व की लालच मासूमों की जिंदगी से बड़ी है?

🔴 शहर  में आक्रोश

तिफरा की इस मासूम बच्ची की चीख पूरे बिलासपुर में गूंज रही है। यह केवल एक वारदात नहीं, बल्कि शहर की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलती हुई कहानी है। शराब दुकानों का जाल और प्रशासन की लापरवाही ने लोगों को मजबूर कर दिया है कि वे अब सड़कों पर उतरकर जवाब मांगें।

👉 अब देखना है कि प्रशासन मासूमों की सुरक्षा को प्राथमिकता देगा या शराब के कारोबार को।

खबर को शेयर करने के लिए क्लिक करे।।