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ईडब्ल्यूएस सर्टिफिकेट से मेडिकल कॉलेज में एडमिशन… बिलासपुर प्रशासन ने कहा यहां से जारी ही नहीं हुआ, फर्जी पाया गया तो होगी कड़ी कार्रवाई

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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Mohammed israil


बिलासपुर में तीन छात्राओं पर गिरी गाज, नीट प्रवेश पर लटकी निरस्तीकरण की तलवार

बिलासपुर।
प्रतिष्ठित मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट (NEET) में  ईडब्ल्यूएस (EWS) प्रमाण पत्र का सहारा लेकर दाखिला पाने का सनसनीखेज मामला बिलासपुर में सामने आया है। तहसील कार्यालय की जांच में तीन छात्राओं के प्रमाण पत्र यहां से जारी होना नहीं पाया गया हैं। अब इनका दाखिला निरस्त होने और कानूनी कार्रवाई की संभावना गहरा गई है।

📌 खुलासा ऐसे हुआ

  • चिकित्सा शिक्षा आयुक्त कार्यालय ने जब प्रवेश के लिए जमा किए गए दस्तावेज़ों का सत्यापन बिलासपुर तहसील को भेजा,
  • तब सामने आया कि इन तीनों छात्राओं के नाम पर कभी कोई ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र जारी ही नहीं हुआ।
  • मौके पर जांच टीम ने भी संबंधित पते पर जाकर सत्यापन किया लेकिन जानकारी असत्य निकली।

शामिल छात्राओं के नाम

  • श्रेयांशी गुप्ता
  • भाल्या मिश्रा पिता सूरज कुमार मिश्रा, निवासी पटवारी गली, सरकंडा
  • सुहानी सिंह पिता सुधीर कुमार सिंह, निवासी सीपत रोड लिंगियाडोह

🔴 प्रशासनिक हलकों में हड़कंप

यह जिला का पहला मामला है जब इस तरह से ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र बनाकर मेडिकल प्रवेश पाने की कोशिश की गई।
एसडीएम मनीष साहू ने पुष्टि की है कि बिलासपुर तहसील कार्यालय से इन नामों पर कोई प्रमाण पत्र जारी नहीं हुआ।

बिलासपुर तहसीलदार गरिमा ठाकुर ने स्पष्ट किया कि तहसील कार्यालय से इन छात्राओं के नाम पर किसी भी प्रकार का ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र जारी नहीं किया गया है।’’


क्यों ज़रूरी है EWS सर्टिफिकेट?

  • सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को शिक्षा व नौकरियों में 10% आरक्षण देने के लिए ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र अनिवार्य।
  • उद्देश्य: समाज के गरीब तबके को प्रतिस्पर्धा में समान अवसर देना।
  • मान्यता अवधि: सामान्यतः 1 वर्ष।

EWS प्रमाण पत्र से मिलने वाले फायदे

✅ सरकारी नौकरियों में 10% आरक्षण
✅ मेडिकल-इंजीनियरिंग जैसे संस्थानों में अलग से सीटें
✅ प्रतियोगी परीक्षाओं और काउंसलिंग में विशेष लाभ
✅ सामान्य वर्ग के गरीब परिवारों को समान अवसर


पात्रता के मानक

  • परिवार की वार्षिक आय 8 लाख रुपये से कम
  • 5 एकड़ से अधिक कृषि भूमि नहीं
  • नगर निगम क्षेत्र में 1000 वर्ग फुट से बड़ा मकान नहीं
  • नगर पालिका क्षेत्र में 100 गज से अधिक का प्लॉट या 200 गज से अधिक का मकान नहीं
  • किसी अन्य आरक्षण श्रेणी का लाभ न लिया हो

आगे क्या?

विशेषज्ञ मानते हैं कि –

  • प्रमाण पत्र फर्जी साबित होने पर छात्राओं का एडमिशन तत्काल निरस्त होगा।
  • भविष्य में प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रतिबंध लग सकता है।
  • फर्जीवाड़े के लिए भारतीय दंड संहिता व पीसी एक्ट के तहत भी कार्रवाई संभव।


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