Mohammed israil
प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था चरमराई
NHM कर्मचारियों की हड़ताल नवें दिन भी जारी
बिलासपुर, 25 जुलाई 2025।
छत्तीसगढ़ प्रदेश के 16,000 से अधिक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के संविदा कर्मचारी अपनी नियमितीकरण और 10 सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर डटे हुए हैं। हड़ताल का आज नवां दिन है और इसका सीधा असर प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ा है।



मरीजों की बढ़ी परेशानी
हड़ताल के कारण जिला चिकित्सालय, CIMS, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की सेवाएं प्रभावित हैं।
- OPD, शल्यक्रिया और आपातकालीन सेवाएं बाधित
- ग्रामीण क्षेत्रों के आयुष्मान आरोग्य मंदिर पूरी तरह बंद
- बरसात के मौसम में बुखार, उल्टी-दस्त, सर्दी-खांसी के मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पा रहा है
- लोग मजबूरी में निजी अस्पतालों का रुख कर रहे हैं
राज्य सरकार के खिलाफ आक्रोश
NHM कर्मचारियों ने “संविदा गो” के नारे लिखे बैलून आसमान में उड़ाकर सरकार के खिलाफ विरोध जताया। प्रेस कॉन्फ्रेंस में कर्मचारियों ने स्वास्थ्य मंत्री द्वारा दिए गए बयान का खंडन करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने पहले ही 2018 में नियमितीकरण के लिए 60 प्रतिशत अंशदान पर सहमति दे दी थी।
कर्मचारियों की 10 सूत्रीय मांगें
- नियमितीकरण
- समान कार्य के लिए समान वेतन
- स्थानांतरण नीति
- सेवा शर्तों का निर्धारण
- सामाजिक सुरक्षा लाभ
- उचित वेतनमान
- स्थायित्व सहित अन्य मांगें
संघ का आरोप
कर्मचारियों का कहना है कि 20 वर्षों से सेवा देने के बावजूद उन्हें केवल आश्वासन मिले हैं। कोरोना महामारी जैसी आपात स्थिति में भी उन्होंने पूरी निष्ठा से काम किया, लेकिन आज सरकार उनकी मांगों पर मौन है।
आंदोलन और उग्र होगा
कार्यकारी प्रांताध्यक्ष श्याम मोहन दुबे ने चेतावनी दी—
“यदि सरकार ने नियमितीकरण की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए तो आंदोलन और अधिक उग्र होगा। जनता को होने वाली परेशानी की पूरी जिम्मेदारी शासन की होगी।”
आंदोलन का नेतृत्व करने वाले प्रमुख पदाधिकारी
- जिला अध्यक्ष – राजकुमार यादव
- उपाध्यक्ष – जीवन महंत
- सचिव – प्रमोद पटेल
- महामंत्री – ऋतु राज शर्मा
- कोषाध्यक्ष – मुकेश अग्रवाल
- मीडिया सलाहकार – रोहित श्रीवास, सौरभ शर्मा
- महिला विंग अध्यक्ष – अजीता पांडेय
सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और महिला सदस्य आंदोलन में सक्रिय हैं।



