Mohammed israil
आठवें दिन संविदा प्रथा का पुतला दहन, मरीजों की बढ़ी परेशानी
बिलासपुर।छत्तीसगढ़ प्रदेश में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के 16,000 संविदा कर्मचारी अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर पिछले आठ दिनों से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। नियमितीकरण की मांग को लेकर शुक्रवार को प्रदेशभर में कर्मचारियों ने संविदा प्रथा का पुतला दहन कर सांकेतिक “दाह संस्कार” किया।



हड़ताल का सीधा असर प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ा है। अस्पतालों में मरीज इलाज के लिए भटक रहे हैं। सीएचओ और एएनएम के हड़ताल पर चले जाने से ग्रामीण क्षेत्रों के आयुष्मान आरोग्य मंदिर (उप स्वास्थ्य केंद्र) पूरी तरह बंद हो गए हैं। बरसात के मौसम में सर्दी, खांसी, बुखार, डायरिया और उल्टी-दस्त जैसी बीमारियों के मरीजों को समय पर उपचार नहीं मिल पा रहा है।
कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा।
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कर्मियों की मुख्य मांगें
- सभी संविदा कर्मियों का नियमितीकरण
- समान कार्य के लिए समान वेतन
- स्थानांतरण नीति लागू हो
- सेवा शर्तों का निर्धारण
- सामाजिक सुरक्षा लाभ
- उचित वेतनमान
- पेंशन सुविधा
- प्रमोशन नीति
- कार्यकाल आधारित स्थायित्व
- लंबित वेतन-भत्तों का निराकरण
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हड़ताल से प्रभावित सेवाएं
- जिला चिकित्सालय, सीआईएमएस और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की ओपीडी सेवा
- शल्यक्रिया (ऑपरेशन)
- आपातकालीन सेवाएं
- जन्म-मृत्यु पंजीयन और प्रमाण पत्र जारी करना
- राष्ट्रीय कार्यक्रम : मलेरिया, टीबी, टीकाकरण, महामारी नियंत्रण
- एनसीडी, टीबी, आरएमएनसीएच, ब्लाइंडनेस, टोबैको प्रोग्राम, एचडीयू, एसएनसीयू, एनआरसी सेवाएं
- ग्रामीण क्षेत्रों के सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिर
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कर्मचारियों का पक्ष
“हम 20 वर्षों से प्रदेश की जनता की सेवा कर रहे हैं। कोरोना महामारी और आपातकालीन परिस्थितियों में हमने अपनी जिम्मेदारी निभाई। लेकिन आज जब हम अपने हक और भविष्य की सुरक्षा की बात करते हैं, तो सरकार मौन है। जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा।”
— श्याम मोहन दुबे, कार्यकारी प्रांताध्यक्ष, एनएचएम संघ
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संगठन का नेतृत्व
- जिला अध्यक्ष : राजकुमार यादव
- उपाध्यक्ष : जीवन महंत
- सचिव : प्रमोद पटेल
- महामंत्री : ऋतुराज शर्मा
- कोषाध्यक्ष : मुकेश अग्रवाल
- महिला विंग अध्यक्ष : अजीता पांडेय
- सहभागी सदस्य : सूरज मनहर, रोशन साहू, डॉ. सिंड्रेला पाल, सुश्री वर्तिका कश्यप, प्रियंका भगत, इंदु साहू, डॉ. नवनीत कौशिक सहित अन्य



