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NHM कर्मचारियों की हड़ताल छठवें दिन भी जारी – भारी बारिश में तिरंगा यात्रा, मातृ शक्ति बच्चों संग उतरी सड़क पर

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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✍️ मोहम्मद इसराइल

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बिलासपुर।छत्तीसगढ़ प्रदेश में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) संविदा कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल छठवें दिन भी थमने का नाम नहीं ले रही है। शनिवार को तेज बारिश के बावजूद 735 से अधिक महिला और पुरुष कर्मचारियों ने तिरंगा यात्रा निकाली। महिला कर्मियों ने छत्तीसगढ़ी वेशभूषा में लोकगीतों पर नृत्य करते हुए तीजा-पोरा त्यौहार भी मनाया और मुख्यमंत्री को संविदा प्रथा खत्म कर नियमितिकरण की मांग को लेकर ज्ञापन भेजा। इस आंदोलन में मातृ शक्ति छोटे बच्चों को लेकर भी शामिल हुईं, जिससे कर्मचारियों के आक्रोश और संघर्ष का अंदाज़ा लगाया जा सकता है।प्रदेश में 16,000 से अधिक NHM कर्मचारी नियमितिकरण एवं 10 सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। पिछले 20 वर्षों से लगातार सेवाएँ देने के बावजूद इन्हें न तो स्थायी दर्जा मिला और न ही उचित वेतनमान। कर्मचारियों का कहना है कि सरकार की उपेक्षा और टालमटोल नीति ने उन्हें सड़क पर उतरने पर मजबूर किया है। 1 NHM कर्मचारियों की प्रमुख 10 मांगें2 स्वास्थ्य सेवाओं पर असर3संघ का बयान 4 हड़ताल का छठवाँ दिन – खास झलकियाँ

बिलासपुर।छत्तीसगढ़ प्रदेश में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) संविदा कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल छठवें दिन भी थमने का नाम नहीं ले रही है। शनिवार को तेज बारिश के बावजूद 735 से अधिक महिला और पुरुष कर्मचारियों ने तिरंगा यात्रा निकाली। महिला कर्मियों ने छत्तीसगढ़ी वेशभूषा में लोकगीतों पर नृत्य करते हुए तीजा-पोरा त्यौहार भी मनाया और मुख्यमंत्री को संविदा प्रथा खत्म कर नियमितिकरण की मांग को लेकर ज्ञापन भेजा। इस आंदोलन में मातृ शक्ति छोटे बच्चों को लेकर भी शामिल हुईं, जिससे कर्मचारियों के आक्रोश और संघर्ष का अंदाज़ा लगाया जा सकता है।


प्रदेश में 16,000 से अधिक NHM कर्मचारी नियमितिकरण एवं 10 सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। पिछले 20 वर्षों से लगातार सेवाएँ देने के बावजूद इन्हें न तो स्थायी दर्जा मिला और न ही उचित वेतनमान। कर्मचारियों का कहना है कि सरकार की उपेक्षा और टालमटोल नीति ने उन्हें सड़क पर उतरने पर मजबूर किया है।

हड़ताल के चलते जिले के जिला चिकित्सालय, CIMS, 5 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और 44 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की सेवाएँ पूरी तरह से चरमरा गई हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के आयुष्मान आरोग्य मंदिर (उप स्वास्थ्य केंद्र) भी बंद पड़े हैं। मरीज इलाज के लिए भटक रहे हैं और कई को मजबूरी में निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है।


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NHM कर्मचारियों की प्रमुख 10 मांगें

  1. संविदा प्रथा खत्म कर नियमितिकरण
  2. समान कार्य के लिए समान वेतन
  3. स्थानांतरण नीति लागू करना
  4. सेवा शर्तों का निर्धारण
  5. सामाजिक सुरक्षा लाभ
  6. उचित वेतनमान
  7. पदोन्नति व्यवस्था
  8. वार्षिक वेतनवृद्धि
  9. महिला कर्मियों के लिए सुरक्षा एवं सुविधा
  10. आकस्मिक परिस्थिति में स्थायित्व

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स्वास्थ्य सेवाओं पर असर

  • OPD, शल्यक्रिया और आपातकालीन सेवाएँ बाधित
  • जन्म-मृत्यु पंजीयन और प्रमाण पत्र जारी नहीं
  • मलेरिया, टीबी, टीकाकरण सहित राष्ट्रीय कार्यक्रम प्रभावित
  • डेटा एंट्री और रिपोर्टिंग पूरी तरह ठप
  • ग्रामीण क्षेत्रों में बुखार, उल्टी-दस्त और बरसाती बीमारियों के मरीज बिना इलाज भटक रहे

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संघ का बयान

“हम 20 वर्षों से प्रदेश की जनता की सेवा कर रहे हैं। चाहे कोरोना महामारी हो या कोई आपातकालीन स्थिति, NHM कर्मचारियों ने हमेशा जिम्मेदारी निभाई है। अब जब हम अपने भविष्य और हक की बात करते हैं, तो सरकार मौन है। जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, आंदोलन जारी रहेगा।”
श्याम मोहन दुबे, का. प्रांताध्यक्ष, NHM कर्मचारी संघ

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हड़ताल का छठवाँ दिन – खास झलकियाँ

  • तेज बारिश के बावजूद 735 कर्मचारियों ने निकाली तिरंगा यात्रा
  • महिला कर्मियों ने छत्तीसगढ़ी वेशभूषा में लोकगीतों पर नृत्य किया
  • तीजा-पोरा त्यौहार का पारंपरिक उत्सव आंदोलन स्थल पर मनाया
  • मातृ शक्ति छोटे बच्चों के साथ आंदोलन में शामिल हुईं
  • मुख्यमंत्री को संविदा प्रथा खत्म करने हेतु ज्ञापन सौंपा गया

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