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संविदा कर्मियों का बिगुल — “कांग्रेस-भाजपा ने जनता को फुटबॉल बनाया, अब छत्तीसगढ़िया खुद रचेंगे तीसरी पार्टी”

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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Mohammed israil


NHM कर्मचारियों की हड़ताल पांचवें दिन भी जारी, स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह चरमराई — तेज बारिश में निकाली अधिकार रैली

बिलासपुर, 22 जुलाई 2025।
छत्तीसगढ़ प्रदेश में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के 16,000 संविदा कर्मचारी नियमितीकरण और 10 सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। आंदोलन के पांचवें दिन भी प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह से चरमराई रही। भारी बारिश के बीच बिलासपुर में 735 संविदा स्वास्थ्य कर्मियों ने जोरदार “अधिकार रैली” निकाली और मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर संविदा प्रथा खत्म करने तथा नियमितीकरण की मांग उठाई।

प्रदेशभर में अस्पतालों की ओपीडी से लेकर ग्रामीण आयुष्मान आरोग्य मंदिर तक सब बंद हो चुके हैं। मरीज इलाज के लिए भटक रहे हैं और लाखों लोगों को निजी अस्पतालों की ओर रुख करना पड़ रहा है।


नेता का हमला :

श्याम मोहन दुबे, कार्यकारी प्रांताध्यक्ष, NHM संघ

“कांग्रेस और भाजपा दोनों ही छत्तीसगढ़ की जनता को फुटबॉल समझकर खेल रही हैं। अब समय है कि अपने वादों को पूरा करें, वरना छत्तीसगढ़ की जनता खुद तीसरी पार्टी का निर्माण करेगी। इसमें अधिकारी, कर्मचारी, किसान, व्यवसायी, माताएं-बहनें और युवा शामिल होंगे, ताकि भविष्य में कोई ठगे नहीं।”


10 सूत्रीय मांगें

  • संविदा प्रथा समाप्त कर नियमितीकरण
  • समान कार्य के लिए समान वेतन
  • स्थानांतरण नीति लागू करना
  • सेवा शर्तों का निर्धारण
  • सामाजिक सुरक्षा लाभ
  • स्थायित्व और उचित वेतनमान
  • राष्ट्रीय कार्यक्रमों के कर्मचारियों को सुरक्षा लाभ
  • स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीकी कर्मचारियों का दर्जा
  • संविदा कर्मचारियों के लिए स्पष्ट पदोन्नति नीति
  • दीर्घकालिक सेवा का लाभ

हड़ताल का असर

  • अस्पताल सेवाएं बाधित → जिला चिकित्सालय, सिम्स, 5 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 44 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में कामकाज ठप।
  • राष्ट्रीय कार्यक्रम प्रभावित → मलेरिया, टीबी, टीकाकरण, महामारी निगरानी, जन्म-मृत्यु पंजीयन, महतारी प्रसव।
  • आपातकालीन सेवाएं बाधित → ओपीडी, शल्य क्रिया, आपात चिकित्सा प्रभावित।
  • ग्रामीण क्षेत्र → सीएचओ और एएनएम की हड़ताल से सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिर (उप स्वास्थ्य केंद्र) बंद।
  • बीमारियों का खतरा → बरसात में सर्दी-खांसी, बुखार, उल्टी-दस्त के मरीजों की भीड़, लेकिन इलाज ठप।

NHM कर्मचारियों की स्थिति

  • 20 वर्षों से सेवा, लेकिन नियमितीकरण नहीं।
  • कोरोना महामारी और आपात स्थितियों में महत्वपूर्ण योगदान
  • समय-समय पर सरकार से वार्ता, लेकिन केवल आश्वासन
  • न स्थायित्व, न वेतनमान।

🌧️ तेज बारिश में भी जुझारू प्रदर्शन

  • महिलाओं ने छोटे बच्चों के साथ बारिश में भागीदारी की।
  • भीगते हुए कर्मियों ने सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।
  • मुख्यमंत्री रायपुर को पत्र भेजकर संविदा प्रथा समाप्त करने की मांग।

आंदोलनकारियों की संयुक्त सूची (बिलासपुर जिला इकाई)

  • अध्यक्ष → राजकुमार यादव
  • उपाध्यक्ष → जीवन महंत
  • सचिव → प्रमोद पटेल, सूरज मनहर
  • कोषाध्यक्ष → मुकेश अग्रवाल
  • महामंत्री → ऋतु राज शर्मा
  • सह कोषाध्यक्ष → रोशन साहू
  • मीडिया सलाहकार → रोहित श्रीवास, सौरभ शर्मा, ऋषिकेश गुप्ता, भरत लाल सेन, विश्वामित्र सिंगरौल
  • महिला विंग
    • अध्यक्ष → अजीता पांडेय
    • उपाध्यक्ष → डॉ. सिंड्रेला पाल, मधु सूर्यवंशी
    • सह उपाध्यक्ष → श्रिया कश्यप
    • सचिव → सुश्री वर्तिका कश्यप
    • सह सचिव → रूपवती मरावी, प्रियंका भगत, इंदु साहू, दिव्या

आम जनता की परेशानी

  • सरकारी अस्पतालों में ताले, इलाज ठप।
  • मरीजों को निजी अस्पतालों पर निर्भर होना पड़ा।
  • गरीब तबके को सबसे ज्यादा झटका, दवाइयां व उपचार महंगे।
  • बरसात के मौसम में बीमारियों का खतरा और अधिक बढ़ा।

नारा और चेतावनी

  • “संविदा खत्म करो — नियमित करो”
  • “20 साल की सेवा का सम्मान दो”
  • “स्वास्थ्य व्यवस्था बचाओ — NHM को स्थायित्व दिलाओ”
  • संघ ने चेतावनी दी — जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, आंदोलन जारी रहेगा।

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