रायपुर, बिलासपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति में गुरुवार का दिन ऐतिहासिक रहा। दुर्ग विधायक गजेंद्र यादव ने मंत्री पद की शपथ ली। यह उपलब्धि न केवल उनके राजनीतिक जीवन की बड़ी सफलता है, बल्कि पूरे यादव समाज के संघर्ष को मान्यता भी है।
संघर्ष से सत्ता तक
राज्य में लगभग 35 लाख यादव निवासरत हैं। हाल ही में जारी क्वांटिफ़ायबल डाटा में यादव समाज को दूसरा सबसे बड़ा समुदाय माना गया है। इसके बावजूद सत्ता व संगठन में उनकी भागीदारी नगण्य रही। इसी असमानता के खिलाफ सर्व यादव समाज ने प्रदेशभर में धरना, रैली और ज्ञापन आंदोलन चलाया।
तीन प्रमुख मांगें
यादव समाज लंबे समय से तीन मुद्दों को लेकर संघर्षरत है—
1️⃣ वनांचल में पट्टा वितरण
2️⃣ चरवाहों को शिक्षा व मानदेय
3️⃣ डेयरी व्यवसाय को बढ़ावा
इन मांगों से केवल यादव ही नहीं, बल्कि अन्य समुदाय भी लाभान्वित होंगे।
समाज की विरासत

प्रदेश अध्यक्ष रमेश यदु ने कहा, “कृषि, पशुपालन और सहयोगी संस्कृति हमारी पहचान है। शासन और जनता के मुद्दों पर हम सदैव मुखर रहे हैं।”
उपलब्धि का महत्व
गजेंद्र यादव का मंत्री पद पाना समाज के लिए संगठित संघर्ष की जीत है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह संदेश पूरे प्रदेश में जाएगा कि जनसंख्या के अनुपात से समाजों को सत्ता में स्थान मिलना चाहिए।



