“जीरो टॉलरेंस मोड ऑन — विजय शर्मा बोले: पूरे नेटवर्क पर एंड-टू-एंड वार, नशे का कारोबार होगा खात्म”
Mohammed israil

रायपुर। – गृह विभाग की समीक्षा बैठक में उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने स्पष्ट कर दिया कि छत्तीसगढ़ में मादक पदार्थों पर जीरो टॉलरेंस नीति लागू होगी। उन्होंने सख्त निर्देश दिए: मादक पदार्थों की तस्करी के पूरे नेटवर्क की एंड-टू-एंड कार्रवाई हो, तस्करी से जुड़े सभी आर्थिक लेन-देन और संलिप्त लोगों की पहचान हो, और नशे का कारोबार नष्ट किया जाए।
उन्होने पुलिस भर्ती में पारदर्शिता और समयबद्धता पर ज़ोर देते हुए कहा कि नियुक्त हो रहे अभ्यर्थियों को समय पर संसाधन और प्रशिक्षण मिले। टोल-फ्री नंबर के माध्यम से अवैध प्रवासियों से संबंधित किसी भी शिकायत पर तत्काल कार्रवाई हो — ताकि प्रदेश की शांति और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
बैठक में पुलिस भवनों और अमर बलिदानी शहीद स्मारक की प्रगति की समीक्षा भी की गई। उपमुख्यमंत्री ने साफ कर दिया कि यदि कोई निर्माण समयसीमा से चूकता है, तो संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों पर कड़ी कार्रवाई होगी।
प्रशिक्षण का स्तर भी नहीं छूटा — पुलिस प्रशिक्षण स्कूलों में साइबर अपराध और महिला सुरक्षा पर फ़ोकस रहेगा। तकनीकी रूप से उन्नत, व्यावहारिक प्रशिक्षण ही अब मानक होगा और प्रख्यात वक्ताओं को सत्रों में बुलाए जाएंगे, ताकि पुलिस की क्षमता और दक्षता मैदान में साफ दिखे।
बैठक समाप्त करते हुए श्री शर्मा ने दोहराया कि कानून-व्यवस्था मजबूत बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी कहा कि पारदर्शी भर्ती, उच्च-गुणवत्ता वाला प्रशिक्षण, मजबूत ढांचा और सख्त कानून प्रवर्तन से नशे की लहर पर पूरा नियंत्रण किया जाएगा।
1. मादक पदार्थों की तस्करी: छत्तीसगढ़ में -कहां से हो रही है?
- कैनेबिस (गांजा) – पहले के मामलों में रायपुर और जिला मुख्यालयों में बड़ी मात्रा में गांजा ट्रैफिकिंग की घटनाएँ सामने आई हैं—उदाहरण के लिए 2024 में रायपुर में दो क्विंटल से अधिक गांजा जब्त हुआ था, जिसमें आरोपी मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश से जुड़े थे।
- सिंथेटिक ड्रग्स (मेथम्फैटामिन, एमडीएमए) – देशभर में इस पर नियंत्रण के लिए भारत सरकार द्वारा विशेष कदम उठाए गए हैं; हालांकि छत्तीसगढ़ में एक्चुअल डेटा उपलब्ध नहीं है, लेकिन राज्यों में सिंथेटिक ड्रग्स की धड़कन बढ़ती हुई ट्रैफिकिंग चिन्हित की गई है।
2. अब तक मादक पदार्थ तस्करी रोकने में पुलिस की कार्रवाई—बड़े मामले:
- दो क्विंटल गांजा जब्त, तीन गिरफ्तार (रायपुर, जनवरी 2024)
तीन तस्करों—दो उत्तर प्रदेश और एक छत्तीसगढ़ निवासी—को फाफादिह चौक के पास मोटरगाड़ी में गांजा ट्रांसपोर्ट करते हुए पकड़ा गया। लगभग 215 किलोग्राम गांजा और वाहन जब्त किए गए। - केस 2: ‘नि’जातार अभियान के दौरान 3,682 अभियोग दर्ज, 451 जेल में (रायपुर, फरवरी–जून 2024)
Nijaat कैंपेन से जुड़े पांच महीनों में 3,682 मामले दर्ज, 451 अभियुक्तों को गैर-जमानती धाराओं में जेल भेजा गया — यह कार्रवाई नशे पर रोक लगाने में प्रभावी कदम था। - केस 3: आईबी और नार्कोटिक्स ने पाकिस्तानी ड्रग रैकेट पकड़ा (हाल ही में)
खुफिया एजेंसियों ने छत्तीसगढ़ में एक बड़े पाकिस्तानी ड्रग नेटवर्क को बेनकाब किया है; इस मामले में मास्टरमाइंड की रिमांड बढ़ा दी गई है और जाँच जारी है।
3. तस्करी रोकने की इतिहासीय झलक
वर्ष / अभियान मुख्य कार्रवाई और उपलब्धि 2020–2022 (राष्ट्रीय) NCB ने 116 मुख्य मामलों में 109,318 kgs ड्रग्स जब्त की। 2024 (रायपुर Nijaat) 5 महीनों में 3,682 अभियोग, 451 जेल भेजे गए; जागरूकता कार्यक्रम भी 512 आयोजित हुए। जनवरी 2024 रायपुर में 215 kg गांजा जब्त, तीन अभियुक्त गिरफ्तार। अगस्त 2025 पाकिस्तानी ड्रग रैकेट का सफलता पूर्वक पर्दाफाश।
पुलिस का दावा
- सख्त कार्रवाई से छत्तीसगढ़ में मादक पदार्थ तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण हो रहा है।
- रिपोर्ट किए गए प्रमुख मामलों ने स्पष्ट संदेश दिया है कि नशे के कारोबार को जड़ से उखाड़ा जा रहा है।
- अब गृह विभाग की नए दिशा-निर्देशों और जीरो टॉलरेंस नीति ने तस्करी की जड़ से समाप्ति के अभियान को और तेज़ गति दी है।



