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मटिया में डायरिया के एक ही परिवार से मिले 3 मरीज, मचा हाहाकार

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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0 तेज धूप, उमस भरी गर्मी और मोहल्ले में गंदा पानी से बढ़े डायरिया के मरीज
0 मटिया में कुल 4 मरीज मिले, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आनंदगांव से उपचार के बाद जिला अस्पताल रिफर
फ़ोटो : ये तस्वीर खुद ब खुद बयां कर रही है कि डायरिया से पीड़ित मोहल्ला की फ़ोटो है। यदि पंचायत इस मोहल्ले की सफाई की ओर ध्यान नहीं दिया तो भविष्य में कई और बीमारियां पैदा हो सकती है। फ़ोटो : विकास वर्मा
बेमेतरा/बारगांव। तेज धूप, उमस और बढ़ते तापमान व मोहल्ले में गंदा पानी के कारण लोग बीमार हो रहे हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आनंदगांव में बुखार, खांसी और डायरिया के मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है। मटिया-बारगांव में भी कुल 4 मरीज मिले हैं। यहां यहां बताना लाजिमी है कि इसमें से एक ही परिवार के तीन मरीज हैं, जिन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आनंदगांव में भर्ती कराया गया। गंभीर स्थिति के बाद फिर बुधवार को जिला अस्पताल बेमेतरा में रिफर किया गया है।
मौसम में बदलाव, दूषित भोजन और प्लास्टिक की बोतलों में दूध पीने से बीमारियाँ फैल रही हैं। गर्मी व उमस से बचने के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आनंदगांव में ओपीडी में पहुंचने वाले अधिकांश मरीज बुखार और खांसी से पीड़ित निकले। इसके अलावा कुछ लोगों को पेट में दर्द या संक्रमण की भी शिकायत थी। मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर बलविंदर यादव ने कहा कि मौसम में बदलाव की वजह से लोग बीमार पड़ रहे हैं। तेज धूप में से आकर ठंडा पानी पीने से गले में खराश और खांसी की शिकायत हो रही है। जो लोग एसी में रहते हैं और अचानक निकलकर बाहर धूप में चले जा रहे हैं, वह वायरल बुखार की चपेट में आ रहे हैं।
बासी खाना खाने की वजह से लोग डायरिया की चपेट में आ रहे हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी चांदनी मंडारे ने बताया कि गर्मी व दूषित खाने की वजह से बच्चे उल्टी- दस्त की चपेट में आ रहे हैं और डायरिया से पीड़ित हो रहे हैं।
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00 मेडिकल ऑफिसर डॉ. यादव के प्रयास से बच्चे की तबियत में आई सुधार
मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर बलविंदर यादव ने बताया कि मटिया में डायरिया से एक ही परिवार के 2 सदस्य पीड़ित थे, साथ मे एक बच्चा भी अपनी दादी के साथ आया हुआ था। डॉक्टर यादव की नजर उस बच्चे पर पड़ी तो उसे तत्काल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आनंदगांव में जांच करने के बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बेरला भेजा गया फिर उस बच्चे को ब्लड की कमी के कारण बुधवार को जिला अस्पताल बेमेतरा रिफर किया गया। जहाँ उस बच्चे की स्थिति सामान्य बताई जा रही है। यदि उस बच्चे की जांच में कुछ समय देर होती तो स्थिति भयावह होती। बारगांव व आनंदगांव क्षेत्र में मरीजो के लिए ड़ॉ बलविंदर यादव का प्रयास हमेशा सराहनीय है। वे अपने टीम को सही जांच व सलाह देने दिशा-निर्देश देते रहते हैं। साथ ही आपको यह बताना लाजिमी है कि रात में 2 बजे भी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के निरीक्षण में डॉक्टर यादव पहुँच जाते हैं।
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ऐसे करें बचाव
मेडिकल ऑफिसर डॉ. बलविंदर यादव ने बताया कि तेज धूप व उमस से बचने के लिए बाहर निकलते समय शरीर को ढककर निकलें। पैदल जाते समय छाता का प्रयोग करें। भरपूर मात्रा में ताजा पानी पीएं, बर्फ पड़ा हुआ कोई भी पेय पदार्थ न पीएं, बासी और दूषित भोजन न करें। बच्चों को गिलास या कटोरी से ही दूध पिलाएं, प्लास्टिक की बोतल का प्रयोग न करें। ज्यादा जरूरी हो तो स्टील की बोतल से दूध पिलाएं और हर बार गर्म खौलते हुए पानी से उसको साफ करें। कटे रखे या गले हुए फल खाने से परहेज करें।
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बोरपंप व पानी टंकी के स्थान पर कराई जाएगी सफाई : शशिकला
ग्राम पंचायत बारगांव की सरपंच शशिकला मिश्रा ने कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आनंदगांव से डायरिया पीड़ित की जानकारी मिलने के बाद मंगलवार को डायरिया से बचने कोटवार द्वारा गांव में सूचना कराई गई व डायरिया से बचने सलाह दी गई।साथ ही पीने के पानी बोरपंप व पानी टंकी के स्थान पर सफाई करवाया जाएगा।
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गांव में तत्काल लगाया जाए शिविर : वर्मा
मटिया में डायरिया से पीड़ित की जानकारी मिलने के बाद भाजपा जिला महामंत्री नरेंद्र वर्मा ने मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर बलविंदर यादव से फोन पर चर्चा कर डायरिया से पीड़ित मरीज की जानकारी ली, साथ ही उनके उपचार के लिए डॉक्टर यादव को सतत संपर्क में रहने कहा और गांव में तत्काल शिविर लगाने कहा ताकि सही समय मे बाकी लोगों का उपचार हो सके। साथ ही गांव वालों को सफाई पर ध्यान देने कहा गया।
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00 इन बातों का रखें ख्याल

  1. खुले और गंदगी में बिकने वाली खाने-पीने की सामग्री से बचें
  2. घर से नाश्ता-भोजन करके निकलें
  3. सूती वस्त्र पहन कर निकलें व सिर को भी कवर रखें
  4. अगर काम न हो तो घर से दोपहर के समय बाहर न निकलें
  5. मौसमी फल और सब्जियों का ही सेवन करें
  6. नींबू पानी, शिकंजी, छाछ, लस्सी, शर्बत, नारियल पानी पीएं
  7. दिन में तीन-चार लीटर पानी रोज पीएं
  8. फास्ट फूड का सेवन न करें।
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