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अवैध काॅलोनी की जांच के लिए कलेक्टर ने बनाई समिति,सही पाए जाने पर नगर निगम कर सकता है काॅलोनी का अधिग्रहण*

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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*अनुज्ञा और काॅलोनी विकास कि अनुमति निरस्त होने के बावजूद टुकड़ों में जमीन बेचने की शिकायत* 

*बिल्डर शैलेंद्र जायसवाल द्वारा सेक्टर डी के पास बनाई जा रही काॅलोनी*

*दस सदस्यीय जांच समिति का किया गया है गठन*

मनीष साहू, एसडीएम बिलासपुर।
गरिमा ठाकुर, तहसीलदार बिलासपुर।
राजीव स्वर्णकार,  उप पंजीयक बिलासपुर।

बिलासपुर- रायपुर रोड में सेक्टर डी के पास मंडपम भवन के बाजू में अवैध काॅलोनी और प्लाटिंग की जांच के लिए कलेक्टर संजय अग्रवाल ने एक दस सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। जांच समिति कि रिपोर्ट में शिकायत सही पाए जाने पर नगर निगम बिलासपुर नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 की धारा 292 (ग) एव 292 (च) के प्रावधानों के तहत उक्त काॅलोनी एवं समस्त जमीन का अधिग्रहण कर सकता है और भू खंडों के कोई भी अंतरण या अंतरण का करार शून्य घोषित किया जा सकता है और आरोपी बिल्डर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी किया जा सकता है। कलेक्टर ने समिति को शीघ्र जांच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए है।

  दरअसल शैलेंद्र कुमार जायसवाल (कॉलोनाईजर), बद्रीप्रसाद जायसवाल, राजेंद्र जायसवाल,विरेंद्र कुमार जायसवाल, सुरेंद्र कुमार जायसवाल,सुभाष कुमार जायसवाल, शैल जायसवाल, श्रीमती अर्चना जायसवाल एवं आभा जायसवाल (सभी भूस्वामी निवासी) निवासी-हाईकोर्ट रोड, बिलासपुर (छ.ग.) को ग्राम तिफरा स्थित भूमि खसरा नं 1367/9. 1369/2, 1370/2, 1357, 1369/3, 1355/7, 1371, 1372/2, 1356/1, 1356/2, 1366/1, 1355/4, 1355/6, 1388, 1369/5, 1370/5, 1367/10, 1368/2, 1355/8, 1367/11. 1368/3, 1367/13, 1368/5, 1075/1ख, 1075/1ग, 1355/10, 1355/5, 1367/12, 1368/4, 1369/4, 1370/4, 1372/1 कुल रकबा 19.35 एकड़ पर संयुक्त संचालक नगर तथा ग्राम निवेश, बिलासपुर के विकास अनुज्ञा पत्र क्र. 660/नग्रानि/अभि./03/3 दिनांक 29.01.2003 द्वारा विकास अनुज्ञा प्रदान की गई थी तथा अनुविभागीय अधिकारी (रा.) बिलासपुर द्वारा कॉलोनी विकास अनुमति पत्र क्र. 299/04/5-6 दिनांक 16.02.2006 द्वारा आवासीय कॉलोनी विकास की अनुमति प्रदान की गई थी।

उक्त कॉलोनी विकास अनुमति को अतिरिक्त कलेक्टर बिलासपुर के द्वारा प्र. क्र. 115/अ-89(15)/2006-07 में पारित आदेश दिनांक 28.11.2008 द्वारा प्रदान की गई विकास अनुज्ञा एवं कॉलोनी विकास की अनुमति को निरस्त कर दिया गया। जिसके बाद कालोनाईजर शैलेंद्र जायसवाल द्वारा न्यायालय आयुक्त, बिलासपुर संभाग, बिलासपुर (छ.ग.) के समक्ष अपील की गई। प्रकरण मे अधीनस्थ न्यायालय द्वारा अवलोकन कर अतिरिक्त कलेक्टर बिलासपुर के द्वारा प्रकरण क्र. 15/अ-89(15)/2006-07 में पारित आदेश दिनांक 28.11.2008 को विधि सम्मत होने से स्थिर रखा गया है और अपीलार्थी शैलेन्द्र जायसवाल की अपील अमान्य की गई। लेकिन शैलेंद्र कुमार जायसवाल एवं अन्य के द्वारा कॉलोनी विकास अनुमति निरस्त होने के बाद भी टुकड़ों में अवैध प्लाटिंग कर विक्रय किए जाने की शिकायत प्राप्त हुई है। जो छ.ग. कॉलोनाईजर का रजिस्ट्रीकरण निर्बंधन तथा शर्तों 2013 एवं छ.ग. नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 की धारा 292-ग (2) प्रावधानों का उल्लंघन है। इसलिए तिफरा के सेक्टर डी स्थित उल्लेखित खसरा नंबरों की भूमि के अवैध विक्रय की जॉच के लिए कलेक्टर ने जांच समिति का गठन किया है। 

*यें है जांच समिति में*

राजस्व और नगर निगम के अधिकारियों मिलाकर कलेक्टर ने जांच समिति का गठन किया है जिसमें

मनीष साहू, अनुविभागीय अधिकारी (रा.), बिलासपुर

 गरिमा ठाकुर, तहसीलदार, बिलासपुर

भानू प्रसाद पटेल, संयुक्त संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश, बिलासपुर

 राजीव स्वर्णकार, उप पंजीयक, बिलासपुर

अनुपम तिवारी, भवन अधिकारी, नगर पालिक निगम, बिलासपुर

एस. पी. साहू, कार्यपालन अभियंता, जोन क्र. 02, नगर पालिक निगम, बिलासपुर

आशीष पाण्डेय, उप अभियंता भवन शाखा, नगर पालिक निगम बिलासपुर

 राघवेंद्र सिंह राजपूत, उपअभियंता, भवन शाखा, नगर पालिक निगम, बिलासपुर

जुगल किशोर सिंह, उपअभियंता, भवन शाखा, नगर पालिक निगम, बिलासपुर

 ऋतुराज अवस्थी, हल्का पटवारी, तिफरा शामिल है।

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